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घर का उत्तरी-पूर्वी कोना हो सकता है पिता-पुत्र के झगड़ों का कारण, जानें क्या कहता है वास्तुशास्त्र

उत्तरी-पूर्वी कोने में बिजली के उपकरण रखने से भी बचना चाहिए। माना जाता है कि इस कोने में किसी भी तरह का नकारात्मक ऊर्जा का होना घर की सुख-शांति के साथ आर्थिक स्थिति को भी बिगाड़ सकता है।

उत्तरी-पूर्वी कोने में भूलकर भी कूड़ेदान नहीं रखना चाहिए। (प्रतीकात्मक चित्र)

परिवार में सुख-शांति की चाहत हर किसी को होती है। परिवार साथ हो तो दुनिया की हर परेशानी से लड़ना आसान हो जाता है लेकिन परिवार में ही समस्या हो तो व्यक्ति निरंतर कमजोर होता चला जाता है। पिता को परिवार की रीढ़ माना जाता है, लड़कियों के लिए पिता किसी सुपरमैन से कम नहीं होते हैं। वहीं लड़के पिता को दोस्त बनाते हैं। जिस परिवार में पिता-पुत्र की नहीं बनती है वहां रिश्तों को चला पाना मुश्किल हो जाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार माना जाता है कि घर में हर दिन पिता-पुत्र में झगड़े होते हैं तो इसका कारण वास्तु दोष होता है।

वास्तुशास्त्र के अनुसार माना जाता है कि घर का यदि उत्तर-पूर्वी कोना दोष से ग्रसित हो तो हर दिन झगड़े होते हैं। घर के इस कोने में गंदगी होना भी वास्तु दोष का कारण हो सकता है जिससे पिता-पुत्र के रिश्ते दूषित होते हैं। घर के इस कोने में भूल से भी कूड़ेदान नहीं रखना चाहिए। घर के उत्तर-पूर्वी दिशा में भंडार गृह या स्टोर रुम होने से पिता-पुत्र में अविश्वास पलने लगता है। जिसके कारण छोटी बातों पर भी शक की भावना आ जाती है। इस कोने को साफ रखने के लिए शौचालय भी इस कोने में नहीं होना चाहिए। इससे परिवार के लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

उत्तरी-पूर्वी कोने में बिजली के उपकरण रखने से भी बचना चाहिए। माना जाता है कि इस कोने में किसी भी तरह का नकारात्मक ऊर्जा का होना घर की सुख-शांति के साथ आर्थिक स्थिति को भी बिगाड़ सकता है। इसी के साथ कांच या शीशे को शयनकक्ष में रखने से बचें। इससे नकारात्मक शक्तियों का आगमन होता है। यदि घर में हमेशा अनबन रहती हो तो दोष मुक्त होने के लिए पूजा-पाठ अवश्य करना चाहिए। इसी के साथ पिता और पुत्र दोनों को दिन की शुरुआत होते ही किसी मीठी वस्तु का सेवन करवा देना लाभकारी माना जाता है।

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