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इस दिन से खुलेंगे केदारनाथ के कपाट, जानिए चारों धाम की यात्रा कब से होगी शुरू

स्कंद पुराण में गढ़वाल को केदारखंड के नाम से वर्णित किया गया है। जिसके मुताबिक लगभग आठवीं शताब्दी में आदिगुरु शंकराचार्य ने केदारनाथ और बद्रीनाथ की खोज की और इनका फिर से निर्माण करवाया।

केदारनाथ धाम।

केदारनाथ हिमालय पर्वतमाला के बीच उत्तराखंड में स्थित है। यह शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में बसे चारों धाम हिन्दू धर्म की आस्था के केंद्र हैं। चारों धाम यानि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के यात्रा को सभी तीर्थ यात्राओं में प्रमुख स्थान प्राप्त है। कहते हैं कि केरादनाथ धाम की यात्रा से जितना अधिक पुण्य मिलता है उतना और किसी धार्मिक यात्रा से नहीं। भगवान शिव के चमत्कारी और दुर्गम केदारनाथ मंदिर के दर्शन के लिए इसके कपात साल में दो बार खोले जाते हैं। जिसमें से पहला अप्रैल-मई में खुलता है।

साल 2019 में केदारनाथ के कपाट दर्शन करने वालों के लिए 09 मई को पूजा-अर्चना के बाद खुलेंगे। वहीं 07 मई 2019 को 12 बजकर 15 मिनट पर पवित्र यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे। साथ ही बद्रीनाथ के कपाट सबसे अंत में 11 मई 2019 को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर खुलेंगे। बता दें कि उत्तराखंड स्थित ये विश्व प्रसिद्ध चारों धाम के दर्शन के लिए हर साल श्रद्धालु बहुत बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। शास्त्रों में चार धाम की यात्रा के बारे में वर्णन मिलता है। जिसके अनुसार चार धाम की यात्रा कब शुरू हुई इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलता है। परंतु महाभारत के अनुसार वनवास के दौरान यह यात्रा पांडवों द्वारा भी की गई थी।

महाभारत में केदारनाथ का वर्णन मिलता है। वहीं स्कंद पुराण और विष्णु पुराण में भी बद्रीनाथ मंदिर का उल्लेख मिलता है। इसके आलावा स्कंद पुराण में गढ़वाल को केदारखंड के नाम से वर्णित किया गया है। जिसके मुताबिक लगभग आठवीं शताब्दी में आदिगुरु शंकराचार्य ने केदारनाथ और बद्रीनाथ की खोज की और इनका फिर से निर्माण करवाया। हालांकि उस समय इस यात्रा को करना हर व्यक्ति के लिए संभव नहीं था। परंतु जैसे-जैसे यात्रा के साधनों और सुगम रास्तों का निर्माण हुआ। अब चार धाम-यात्रा की तरफ आम लोगों का भी झुकाव तेजी से बढ़ा है।

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