आज दिव्य धाम की सीरीज में हम बात करने जा रहे हैं काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसे “काशी का हृदय” भी कहा जाता है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही आपको बता दें कि यह मंदिर पवित्र गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। मंदिर के मुख्य देवता को श्री विश्वनाथ और विश्वेश्वर के नाम से जाना जाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है ब्रह्मांड के भगवान। आइए जानते हैं मंदिर का इतिहास और महत्व…
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काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास
इस मंदिर का इतिहास हजारों वर्षों पुराना माना जाता है। प्राचीन काल में इसका उल्लेख स्कंद पुराण के ‘काशी खंड’ समेत कई धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। हालांकि, समय-समय पर मंदिर को कई बार आक्रमणों का सामना करना पड़ा। वर्तमान मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में मराठा महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था। बाद में इसका स्वर्ण शिखर महाराजा रंजीत सिंह द्वारा चढ़वाया गया, जो इसकी भव्यता को और बढ़ाता है।
क्यों कहा जाता है मोक्ष का द्वार?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, काशी को “अविमुक्त क्षेत्र” माना गया है। स्कंद पुराण के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती इस स्थान को कभी नहीं छोड़ते। यह शिव की अविनाशी चेतना का क्षेत्र है, जो प्रलय के समय भी उनके त्रिशूल पर टिकी रहती है। माना जाता है कि यहां मृत्यु होने पर व्यक्ति को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। मान्यता कि स्वयं भगवान शिव मरते समय भक्त के कान में “तारक मंत्र” देते हैं, जिससे आत्मा को सीधे मुक्ति प्राप्त होती है। इसी कारण काशी विश्वनाथ मंदिर को मोक्ष का द्वार कहा जाता है।
कैसे पहुंचे काशी विश्वनाथ मंदिर
काशी विश्वनाथ मंदिर से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जिसकी दूरी मंदिर से लगभग 25 किलोमीटर की है। वहीं अगर रेल मार्ग की बात करें तो वाराणसी रेलवे स्टेशन भी मंदिर से ज्यादा दूर नहीं है। साथ ही सड़क मार्ग द्वारा भी मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
