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Kartik Purnima 2019 Date, Puja Vidhi, Muhurat, Samagri: कार्तिक पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में की जाती है पूजा, जानिए विधि, महत्व और मुहूर्त

Kartik Purnima 2019 Date, Puja Vidhi, Muhurat, Samagri, Mantra, Timings: कार्तिक पूर्णिमा का दिन काफी पवित्र और शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

Author नई दिल्ली | Updated: Nov 12, 2019 3:03:57 pm
Kartik Purnima 2019 Date, Puja Vidhi: कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था।

Kartik Purnima 2019 Date, Puja Vidhi, Muhurat, Samagri, Mantra, Timings: हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन को दामोदर के नाम से भी जाना जाता है। ये भगवान विष्णु का ही एक नाम है। कार्तिक पूर्णिमा का दिन काफी पवित्र और शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था। जिसकी खुशी में देवताओं ने हजारों दीप जलाकर दिवाली मनाई थी। जो आज भी देव दिवाली के रूप में मनाई जाती है। साथ ही सिखों के लिए भी ये दिन खास होता है क्योंकि इस दिन गुरु नानक जयंती होती है।

देव दिवाली कैसे मनाई जाती है? जानिए

कार्तिक पूर्णिमा तिथि और मुहूर्त (Kartik Purnima Tithi And Muhurat 2019) :

मंगलवार, नवम्बर 12, 2019 को
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – नवम्बर 11, 2019 को 06:02 पी एम बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त – नवम्बर 12, 2019 को 07:04 पी एम बजे

कार्तिक पूर्णिमा की पूजा विधि (Kartik Purnima Puja Vidhi) :

– इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र नदी में स्‍नान कर लें। अगर पवित्र नदी में स्‍नान करना संभव नहीं हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्‍नान करें।
– रात के समय विधि-विधान से भगवान विष्‍णु और मां लक्ष्‍मी की पूजा की जाती है।
– इस दिन सत्‍यनारायण की कथा जरूर पढ़ें, सुनें और सुनाएं।
– भगवान विष्‍णु और मां लक्ष्‍मी के समक्ष धूप दीपक करने के बाद उनकी आरती उतारें और चंद्रमा को अर्घ्‍य दें।
– घर के अंदर और बाहर दीपक जलाएं।
– इस दिन किसी ब्राह्मण या निर्धन व्‍यक्ति को भोजन कराएं और यथाशक्ति दान करें।
– इस दिन तुलसी के समक्ष दीपक भी जरूर जलाएं।

कार्तिक पूर्णिमा की पूजा का शुभ मुहूर्त, कथा, महत्व और सभी जानकारी जानने के लिए बने रहिए हमारे इस ब्लाॉग पर…

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Highlights

    15:03 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी के समक्ष जरूर जलाएं दीपक:

    कार्तिक पूर्णिमा का दिन बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। वैसे तो लगभग हर तीज-त्यौहार से लेकर पूजा-पाठ तक में तुलसी का प्रयोग किया जाता है पर कार्तिक महीने में तुलसी का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। कार्तिक माह में भगवान श्रीहरि की पूजा में तुलसी चढ़ाने का फल 10,000 गोदान के बराबर माना गया है। तुलसी नामाष्टक का पाठ करने और सुनने से लाभ दोगुना हो जाता है। पूरे कार्तिक महीने में तुलसी के सामने दीपक जलाकर उनकी पूजा की जाती है। अगर किसी कारणवश आप कार्तिक महीने में तुलसी के सामने दीपक नहीं जला पाएं है तो कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजा करके आप सौभाग्य की प्राप्ति कर सकते हैं।

    14:00 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन का महत्व:

    पौराणिक मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि को देवी तुलसी का भगवान के शालिग्राम स्वरूप का विवाह हुआ था और पूर्णिमा तिथि को देवी तुलसी का बैकुंठ में आगमन हुआ था। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवी तुलसी की पूजा का खास महत्व है। मान्यताओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही देवी तुलसी का पृथ्वी पर भी आगमन हुआ है। इस दिन नारायण को तुलसी अर्पित करने से अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।

    13:20 (IST)12 Nov 2019
    महाभारत काल में कार्तिक पूर्णिमा का महत्व:

    महाभारत का महायुद्ध सामाप्त होने पर पांडव इस बात से बहुत दुखी थे कि युद्ध में उनके सगे-संबंधियों की असमय मृत्यु हुई उनकी आत्मा की शांति कैसे हो। पांडवों की चिंता को देखते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को पितरों की तृप्ति के उपाय बताए। इस उपाय में कार्तिक शुक्ल अष्टमी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक की विधि शामिल थी। कार्तिक पूर्णिमा को पांडवों ने पितरों की आत्मा की तृप्ति के लिए गढ़ मुक्तेश्वर में तर्पण और दीप दान किया। इस समय से ही गढ़ मुक्तेश्वर में गंगा स्नान और पूजा की परंपरा चली आ रही है।

    12:45 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन विष्णु जी ने लिया था अपना पहला मत्स्य अवतार:

    भगवान विष्णु के दस अवतारों में पहला अवतार मत्स्य का माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु ने प्रलय काल में वेदों की रक्षा के लिए मत्स्य रूप धारण किया था। नारायण के पहला अवतार इस पूर्णिमा के दिन होने की वजह से वैष्णव मत में इस पूर्णिमा का विशेष महत्व है। मान्यता यह भी है कि कार्तिक मास में नारायण मत्स्य रूप में जल में विराजमान रहते हैं और इस दिन मत्स्य अवतार को त्यागकर वापस बैकुंठ धाम चले जाते हैं।

    11:47 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए तुलसी की करें पूजा:

    कार्तिक पूर्णिमा के दिन धन, समृद्धि और सौभाग्य के लिए तुलसी की विशेष पूजा किया जाता है। आज के दिन तुलसी पूजन करते हुए तुलसी के पौधे के नीचे दीपक अवश्य जलाएं। आज पूरे 31 दीपक जलाकर अपने घर और गृहस्थी के लिए सौभाग्य की कामना अवश्य करें। शाम के वक्त तुलसी के पास दीया जलाने से लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। तुलसी का पौधा परिवार को बुरी नजर से भी बचाता है।

    10:50 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि (Kartik Purnima Vrat Puja vidhi) :

    कार्तिक पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पहले यानी ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें। अगर पास में गंगा नदी मौजूद है तो वहां जाकर स्नान करें। – सुबह के वक्त मिट्टी का घी या तेल का दीपक जलाएं। – भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें। – श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें या फिर भगवान विष्णु के इस मंत्र को पढ़ें। ‘नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे। सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नम:।।’ – घर में हवन पूजन करें। – घी, अन्न या खाने की वस्तु दान करें। – शाम के समय घर और घर के बाहर दीपक जलाएं। – सत्‍यनारायण की कथा पढ़ें, सुनें और सुनाएं। – इस दिन विष्णु जी का ध्यान करते हुए मंदिर, पीपल, चौराहे या फिर नदी किनारे बड़ा दीपक भी जलाएं। – कार्तिक पूर्णिमा के दिन ब्राह्मण, बहन और बुआ को अपनी श्रद्धा के अनुसार वस्त्र और दक्षिणा जरूर दें। – तुलसी के पौधे पर भी दीपक जलाएं।

    10:23 (IST)12 Nov 2019
    Kartik Purnima Rashifal (Horoscope) : जानिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन किन राशि वालों पर रहेगी भगवान की विशेष कृपा

    मेष राशिफल: आज का दिन आपके अनुकूल रहने वाला है। प्रायः सभी कार्यों में सफलता मिलने के आसार हैं। मन प्रसन्न रहेगा। वित्तीय कार्य में प्रगति होगी।

    वृषभ राशिफल: मन चिंतित रहेगा। शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। खास तौर पर आँखों की समस्या परेशान करेगी। परिवार में मेम किसी सदस्य से मनमुटाव हो सकता है। अधूरे कार्य पूरे होंगे। मेहनत के अनुकूल आर्थिक लाभ न होने से मन चिंतित रहेगा। बाकी राशि वालों का राशिफल मिलेगा यहां 

    09:56 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा व्रत विधि (Kartik Purnima Vrat Vidhi) : –

    कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। – इस दिन प्रात: काल उठकर व्रत का संकल्प लेकर किसी नदी या तालाब में स्नान किया जाता है। अगर ऐसा संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। – इस व्रत में पूरे दिन अन्न ग्रहण नहीं किया जाता है। – इस दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा को केसर के दूध से स्नान कराकर षोडशोपचार पूजन करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। – कार्तिक पूर्णिमा और सत्यनारायण भगवान की कथा अवश्य सुनें। – तुलसी जी के पौधे पर दीपदान करें। – घर में और बाहर दीपक जलाएं और गाय का दान, दूध, केले, खजू, अमरूद, चावल, तिल और आंवले का दान जरूर करें। – कार्तिक पूर्णिमा के दिन शाम के समय जल में कच्चा दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य जरूर दें। – इस दिन व्रती जल में दूध और शहद मिलाकर पीपल के वृक्ष पर जरूर चढ़ाएं और दीपक भी जलाना चाहिए, क्योंकि इस दिन पीपल के पेड़ पर मां लक्ष्मी का वास माना जाता है।

    09:19 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि (Kartik Purnima Puja Vidhi) :

    – कार्तिक पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पहले यानी ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें। अगर पास में गंगा नदी मौजूद है तो वहां जाकर स्नान करें। – सुबह के वक्त मिट्टी का घी या तेल का दीपक जलाएं। – भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें। – श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें या फिर भगवान विष्णु के इस मंत्र को पढ़ें। ‘नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे। सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नम:।।’ – घर में हवन पूजन करें। – घी, अन्न या खाने की वस्तु दान करें। – शाम के समय घर और घर के बाहर दीपक जलाएं। – सत्‍यनारायण की कथा पढ़ें, सुनें और सुनाएं। – इस दिन विष्णु जी का ध्यान करते हुए मंदिर, पीपल, चौराहे या फिर नदी किनारे बड़ा दीपक भी जलाएं। – कार्तिक पूर्णिमा के दिन ब्राह्मण, बहन और बुआ को अपनी श्रद्धा के अनुसार वस्त्र और दक्षिणा जरूर दें। – तुलसी के पौधे पर भी दीपक जलाएं।

    08:46 (IST)12 Nov 2019
    आज नौ ग्रहों के लिए ये दान करें

    - सूर्य के कारण ह्रदय रोग और अपयश की समस्या होती है। इसके निवारण के लिए गुड़ और गेंहू का दान करें।

    - चन्द्रमा के कारण मानसिक रोग और तनाव के योग बनते हैं। इससे बचने के लिए जल , मिसरी या दूध का दान करें।

    - मंगल के कारण रक्त दोष और मुकदमेबाजी की समस्या होती है। इससे बचने के लिए मसूर की दाल का दान करें।

    - बुध के कारण त्वचा और बुद्धि की समस्या हो जाती है। इसके निवारण के लिए हरी सब्जियों और आंवले का दान करना चाहिए।

    - बृहस्पति के कारण मोटापा, पाचन तंत्र और लिवर की समस्या हो जाती है। इसके निवारण के लिए केला, मक्का और चने की दाल का दान करें।

    - शुक्र के कारण मधुमेह और आंखों की समस्या होती है। इसके निवारण के लिए घी, मक्खन और सफेद तिल आदि का दान करना चाहिए।

    - शनि के कारण स्नायु तंत्र और लम्बी बीमारियां हो जाती हैं। इसके निवारण के लिए काले तिल और सरसों के तेल का दान करना चाहिए।

    - राहु - केतु के कारण विचित्र तरह के रोग हो जाते हैं। इसके निवारण के लिए सात तरह के अनाज, काले कम्बल और जूते चप्पल का दान करें।

    08:01 (IST)12 Nov 2019
    सभी पूर्णिमाओं में श्रेष्ठ है कार्तिक पूर्णिमा:

    कार्तिक पूर्णिमा का दिन सबसे शुभ माना जाता है। एक तो ये कि इस दिन चार महीनों बाद भगवान विष्णु जाग्रत अवस्था में होते हैं और इनके पहले अवतार का जन्म भी इसी दिन हुआ था। इसी के साथ भगवान शिव ने तारकासुर के पुत्रों का वध भी कार्तिक पूर्णिमा के दिन किया था।

    07:39 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान, दान से मिलती है यश, कीर्ति

    कार्तिक पूर्णिमा पर अखण्ड दीप दान करने से दिव्य कान्ति की प्राप्ति होती है। इसके अलावा जातक के धन, यश, कीर्ति में भी वृद्धि होती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान के बाद दीप-दान करना दस यज्ञों के समान फलदायक होता है। कार्तिक पूर्णिमा देवों की उस दीपावली में शामिल होने का अवसर देती है, जिसके प्रकाश से प्राणी के भीतर छिपी तामसिक वृत्तियों का नाश होता है।

    05:43 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान, दान पुण्य का होता है विशेष लाभ

    भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए कार्तिक पूर्णिमा तिथि पर स्नान और दान का खास महत्व है। मान्यता है कि कतिकी पूर्णिमा यानी आज गंगा स्नान से पापों से मुक्ति मिलती है। शरीर निरोगी होता है। सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी दिन भगवान विष्णु ने अपना पहला अवतार मत्स्य के रूप में लिया था।

    04:43 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं, share best wishes in hindi, Images

    04:36 (IST)12 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा का ये है शुभ मुहूर्त और गंगा स्नान का समय

    मिथिला पंचाग के अनुसार 12 नवंबर यानी आज मंगलवार के दिन पूर्णिमा रात्रि 7.13 बजे तक है। जबकि बनारसी पंचांग में सुबह 07:02 बजे तक बताया गया है। इसमें अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 :12 बजे से 11 :55 बजे तक और गुली काल मुहूर्त दोपहर 11 :33 बजे से 12 :55 बजे तक बताया गया है। उदया तिथि मानने वालों के लिए आज पूरे दिन पूर्णिमा तिथि का मान रहेगा और पूरे दिन गंगा स्नान और विष्णु पूजन का शुभ काल रहेगा।

    22:19 (IST)11 Nov 2019
    पूर्णिमा के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग:

    मंगलवार को पूर्णिमा के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। ये योग 12 नवंबर की रात करीब 9.17 बजे से शुरू हो जायेगा और 13 तारीख की रात को इसका अंत होगा। इस योग में किए गए शुभ काम जल्दी सफल हो होने की मान्यता है। किसी नए काम की शुरुआत करने के लिए कल का दिन काफी उत्तम रहने वाला है।

    21:34 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त:

    कार्तिक पूर्णिमा की तिथि- 12 नवंबर 2019पूर्णिमा तिथि आरंभ- 11 नवंबर 2019 को शाम 6 बजकर 2 मिनट से आरंभपूर्णिमा तिथि समाप्त- 12 नवंबर 2019 को शाम 7 बजकर 4 मिनट तक

    20:54 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन भीष्म पंचक का होगा समापन:

    कार्तिक पूर्णिमा पर भीष्म पंचक व्रत का समापन, हरिहर क्षेत्र मेला का शुभारंभ होगा। इस दिन कार्तिक मास स्नान का भी समापन होगा। कार्तिक मास का कल्पवास भी कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही संपन्न होता है। प्रयाग,काशी, सिमरिया में श्रद्धालु एक महीने तक गंगा तट पर ही रहते हैं। वहीं प्रात:काल गंगा में स्नान व ध्यान करते हैं।

    20:28 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा पर ही मत्स्य अवतार 

    ज्योतिषाचार्य ई.प्रशांत कुमार  के अनुसार भगवान श्रीहरि ने कार्तिक पूर्णिमा पर ही  मत्स्य अवतार लेकर सृष्टि की फिर से रचना की थी। भगवान श्रीकृष्ण ने इसी तिथि पर  रास रचायी थी। वहीं  सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक का जन्म भी इसी तिथि को हुआ था। बनारस में कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली मनायी जाती है। 

    19:59 (IST)11 Nov 2019
    Kartik Purnima 2019 : जानिए महत्व, पढ़ें 3 खास बातें

    1. प्रत्येक वर्ष पंद्रह पूर्णिमाएं होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर सोलह हो जाती है। शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने का बहुत महत्व बताया गया है।
     
    2. सृष्टि के आरंभ से ही यह तिथि बड़ी ही खास रही है। पुराणों में इस दिन स्नान, व्रत व तप की दृष्टि से मोक्ष प्रदान करने वाला बताया गया है। इसका महत्व सिर्फ वैष्णव भक्तों के लिए ही नहीं शैव भक्तों और सिख धर्म के लिए भी बहुत ज्यादा है।
     
    3. विष्णु के भक्तों के लिए यह दिन इसलिए खास है क्योंकि भगवान विष्णु का पहला अवतार इसी दिन हुआ था। प्रथम अवतार में भगवान विष्णु मत्स्य यानी मछली के रूप में थे। भगवान को यह अवतार वेदों की रक्षा, प्रलय के अंत तक सप्तऋषियों, अनाजों एवं राजा सत्यव्रत की रक्षा के लिए लेना पड़ा था। इससे सृष्टि का निर्माण कार्य फिर से आसान हुआ।
     

    19:27 (IST)11 Nov 2019
    Kartik Purnima 2019 Date: कार्तिक पूर्णिमा का महत्व

    • तुलसी के पास दीपक जलाएंपूर्णिमा पर सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीपक जलाएं। दीपक जलाकर परिक्रमा करें। ध्यान रखें शाम को तुलसी को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
    • हनुमान चालीसा का पाठ करेंकार्तिक पूर्णिमा की रात हनुमानजी के पास दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप चाहे तो सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं। ऐसा करने से मानसिक शांति मिलती है। एकाग्रता बढ़ती है।

    19:01 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा पूजा, इस दिन क्या करें क्या ना करें

    पुराणों में कार्तिक पूर्णिमा के दिन को बहुत पवित्र माना गया है इसलिए भूलकर भी प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा का सेवन, अंडा जैसे तामसिक भोजन से बचना चाहिए। पूर्णिमा के दिन भूलकर भी शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। इस दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

    18:28 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान और दान कैसे करें...

    - प्रातः काल स्नान के पूर्व संकल्प लें।- फिर नियम और तरीके से स्नान करें।- स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य दें।- साफ वस्त्र धारण करें और फिर मंत्र जाप करें।- मंत्र जाप के पश्चात अपनी आवश्यकतानुसार दान करें।- चाहें तो इस दिन जल और फल ग्रहण करके उपवास रख सकते हैं।

    18:05 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा का महत्‍व (Kartik Purnima Significance)

    हिन्‍दू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) का विशेष महत्‍व है. कार्तिक मास को दामोदर के नाम से भी जाना जाता है और दामोदर भगवान विष्‍णु का ही एक नाम है. हिन्‍दू कैलेंडर के सभी 12 महीनों में से कार्तिक मास को सबसे पवित्र और शुभ माना जाता है. इस दौरान लोग पूरे महीने गंगा तथा अन्‍य पवित्र नदियों में स्‍नान करते हैं. कार्तिक मास के पवित्र स्‍नान की शुरुआत शरद पूर्णिमा से होती है और इसका समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन होता है. मान्‍यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्‍नान करने से पुण्‍य प्राप्‍त होता है. शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत के लिए भी कार्तिक पूर्णिमा का दिन बेहद अच्‍छा माना जाता है.

    17:52 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन भीष्म पंचक का होगा समापन:

    कार्तिक पूर्णिमा पर भीष्म पंचक व्रत का समापन, हरिहर क्षेत्र मेला का शुभारंभ होगा। इस दिन कार्तिक मास स्नान का भी समापन होगा। कार्तिक मास का कल्पवास भी कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही संपन्न होता है। प्रयाग,काशी, सिमरिया में श्रद्धालु एक महीने तक गंगा तट पर ही रहते हैं। वहीं प्रात:काल गंगा में स्नान व ध्यान करते हैं।

    17:40 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन भूलकर भी न करें ये काम-

    1. कार्तिक पूर्णिमा को बेहद शुभ दिन माना जाता है। इस दिन तामसिक भोजन का सेवन न करें। 2. चंद्रमा के दुष्प्रभाव से बचना चाहते हैं तो कार्तिक पूर्णिमा के दिन शारीरीक संबंध न बनाएं। 3. कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर पर किसी तरह का कलह करने से बचना चाहिए। 4. कार्तिक पूर्णिमा के दिन गरीब और असहाय लोगों का अपमान नहीं करना चाहिए।5-कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी के पौधे को न तो उखाडे़ं और न हीं तुलसी के पत्तों को तोड़ना चाहिए। 

    17:15 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दौरान अनुष्ठान:

    कार्तिक पूर्णिमा पर, हिंदू अनुयायियों के लिए प्रमुख तीर्थ स्थानों पर एक अनुष्ठान स्नान निर्धारित है। इस पवित्र स्नान को कार्तिक स्नान के रूप में जाना जाता है और इस अनुष्ठान के लिए चुने गए स्थान वाराणसी और प्रयाग हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर कार्तिक स्नान की रस्म सुबह सूर्योदय के समय और शाम को चंद्रोदय के समय की जाती है।

    15:39 (IST)11 Nov 2019
    पूर्णिमा के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग:

    मंगलवार को पूर्णिमा के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। ये योग 12 नवंबर की रात करीब 9.17 बजे से शुरू हो जायेगा और 13 तारीख की रात को इसका अंत होगा। इस योग में किए गए शुभ काम जल्दी सफल हो होने की मान्यता है। किसी नए काम की शुरुआत करने के लिए कल का दिन काफी उत्तम रहने वाला है।

    14:48 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त:

    कार्तिक पूर्णिमा की तिथि- 12 नवंबर 2019पूर्णिमा तिथि आरंभ- 11 नवंबर 2019 को शाम 6 बजकर 2 मिनट से आरंभपूर्णिमा तिथि समाप्त- 12 नवंबर 2019 को शाम 7 बजकर 4 मिनट तक

    14:03 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन क्या करें...

    कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान विष्णु को तुलसी माला और गुलाब का फूल चढ़ाने से मन की सारी मुरादें पूरी होंगी। वहीं महादेव को धतूरे का फल और भांग चढ़ाने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिलेगी। इस दिन अरवा चावल, जौ, तिल, मौसमी फल, लौकी में छिपाकर सिक्का दान करना चाहिए।

    13:13 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक स्नान पर गंगा स्नान क्यों ?

    - कार्तिक मास में सारे देवता जलाशयों में छिपे होते हैं।- भगवान श्रीहरि भी पाताल में निवास करते हैं। - इस तिथि पर गंगा स्नान से एक हजार अश्वमेघ यज्ञ और सौ वाजस्नेय यज्ञ के समान फल।- सालभर के गंगास्नान और पूर्णिमा स्नान का फल मिलता है।

    12:27 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा क्यों है खास:-

    - कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान विष्णु चतुर्मास के बाद जाग्रत अवस्था में होते हैं। - भगवान विष्णु ने इसी तिथि को मत्स्य अवतार लिया था। - भगवान शिव ने राक्षस त्रिपुरासूर का संहार किया था। -त्रिपुरासूर वध को लेकर देवताओं ने मनायी थी देव दीपावली - भागवत पुराण के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण ने रास रचायी थी।- सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक का जन्मदिन भी इसी दिन होता है।

    11:44 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी की पूजा भी है जरूरी:

    बिना तुलसी के विष्णु जी की पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। कार्तिक पूर्णिमा को ही तुलसी का अवतरण हुआ था। तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय हैं और यह मास भी विष्णु का माना जाता है। इसलिए इसदिन गंगा स्नान, दान खास फलदायी होती है। इस दिन तुलसी के समक्ष दीपक जरूर जलाना चाहिए। 

    11:09 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन भीष्म पंचक का होगा समापन:

    कार्तिक पूर्णिमा पर  भीष्म पंचक व्रत का समापन, हरिहर क्षेत्र मेला का शुभारंभ होगा। इस दिन कार्तिक मास स्नान का भी समापन  होगा। कार्तिक मास का कल्पवास भी कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही संपन्न होता है। प्रयाग,काशी, सिमरिया में श्रद्धालु एक महीने तक गंगा तट पर ही रहते हैं। वहीं प्रात:काल गंगा में स्नान व ध्यान करते हैं। 

    10:35 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा पर शुभ संयोग:

    कार्तिक पूर्णिमा पर महालक्ष्मी ,केदार और वेशि योग का संयोग बन रहा है। चंद्रमा से मंगल के सप्तम भाव में रहने से महालक्ष्मी योग बनेगा। मान्यता है कि कुश लेकर इस तिथि पर गंगास्नान या स्नान करने से सात जन्म के पापों का नाश हो जाता है। वैवाहिक संबंधों में आनेवाली परेशानियां भी दूर होती हैं।

    09:56 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त (Kartik Purnima Shubh Muhurat) :

    कार्तिक पूर्णिमा की तिथि- 12 नवंबर 2019

    पूर्णिमा तिथि आरंभ- 11 नवंबर 2019 को शाम 6 बजकर 2 मिनट से आरंभ

    पूर्णिमा तिथि समाप्त- 12 नवंबर 2019 को शाम 7 बजकर 4 मिनट तक

    09:28 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान और दान कैसे करें...

    - प्रातः काल स्नान के पूर्व संकल्प लें।- फिर नियम और तरीके से स्नान करें।- स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य दें।- साफ वस्त्र धारण करें और फिर मंत्र जाप करें।- मंत्र जाप के पश्चात अपनी आवश्यकतानुसार दान करें।- चाहें तो इस दिन जल और फल ग्रहण करके उपवास रख सकते हैं।

    09:05 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा स्नान मुहूर्त:

    सोमवार सोमवार शाम 6.05 बजे से मंगलवार शाम 7.14 बजे तक कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान का मुहूर्त--सुबह :6:59 से 9.16बजे दोपहर 12 से2.38 बजे 

    08:42 (IST)11 Nov 2019
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का महत्व (Kartik Purnima Ganga Snan Significance) :

    कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान करने से भगवान विष्णु की आपार कृपा बरसती है। माना जाता है कि गंगा में इस दिन स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलने के साथ-साथ काया भी निरोगी रहती है। गंगा स्नान के बाद दीप दान करने से दस यज्ञों के बराबर फल मिलता है। इस दिन देव दिवाली भी मनाई जाती है। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने अपना पहला अवतार मत्स्य इसी दिन लिया था। भगवान शंकर ने भी इसी दिन त्रिपुरासुर का वध करके देवताओं को उसके प्रकोप से मुक्ति दिलाई थी।

    08:22 (IST)11 Nov 2019
    क्यों मनाई जाती है कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima Katha) :

    पौराणिक कथा के अनुसार तारकासुर नाम का एक राक्षस था। उसके तीन पुत्र थे – तारकक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली। भगवान शिव के बड़े पुत्र कार्तिक ने तारकासुर का वध किया। अपने पिता की हत्या की खबर सुन तीनों पुत्र बहुत दुखी हुए। तीनों ने मिलकर ब्रह्माजी से वरदान मांगने के लिए घोर तपस्या की। ब्रह्मजी तीनों की तपस्या से प्रसन्न हुए और बोले कि मांगों क्या वरदान मांगना चाहते हो। तीनों ने ब्रह्मा जी से अमर होने का वरदान मांगा, लेकिन ब्रह्माजी ने उन्हें इसके अलावा कोई दूसरा वरदान मांगने को कहा। पूरी कथा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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