Kaalsarp Yog 2026: मार्च माह के आरंभ में ही ग्रहों की स्थिति के कारण कालसर्प दोष का निर्माण हो गया है। बता दें कि जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं यानी सभी ग्रह लगभग 180 डिग्री के एक हिस्से में स्थित हो जाते हैं। तब ये योग बनता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की स्थिति की बात करें, तो केतु सिंह राशि में विराजमान है। इसके अलावा कुंभ राशि में राहु के साथ मंगल, बुध और सूर्य विराजमान है। इसके साथ ही मीन राशि में शनि और शुक्र है। ज्योतिष के अनुसार जब कालसर्प योग बनता है, तो जातकों पर इसका प्रभाव ही नहीं होता है बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पड़ सकता है। आइए जानते हैं कालसर्प योग बनने से किन राशि के जातकों को लाभ मिल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है।
कब बनता है कालसर्प योग?
कालसर्प दोष को कुंडली का एक बड़ा दुर्योग माना जाता है। यह दोष तब बनता है जब राहु और केतु के बीच बाकी सभी ग्रह आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में कुंडली का आधा भाग खाली हो जाता है। सभी ग्रहों के राहु-केतु के बीच में आ जाने से कालसर्प योग बनता है।
अगर किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष बनता है तो उसके जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है। मन अशांत रहता है। स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। शिक्षा, व्यापार पर किसी न किसी तरह की बाधाएं आने लगती हैं। वैवाहिक जीवन में भी समस्याएं बनी रहती हैं परिवार में कलह से लेकर दोस्तों के बीच भी दरार आ जाती है। हालांकि कुछ मामलों में सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिलता है, जो ग्रहों की स्थिति पर निर्भर है। बता दें कि चंद्रमा की स्थिति में बदलाव के कारण इस कालसर्प योग का प्रभाव कम हो जाएगा। जब चंद्रमा सिंह से मीन राशि के बीच होगा, तो प्रभाव अधिक होगा। इसके अलावा 26 मार्च को शुक्र मे राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जिससे ये योग समाप्त हो जाएगा।
कालसर्प दोष बनने से इन राशियों को मिल सकता है लाभ
धनु राशि (Sagittrius Zodiac)
धनु राशि के जातकों की कुंडली में लग्न के स्वामी देवगुरु बृहस्पति सप्तम भाव में वक्री अवस्था में विराजमान है, जो 11 मार्च को मार्गी हो जाएंगे। इसके अलावा सूर्य, मंगल, बुध और राहु तीसरे भाव में, शनि-शुक्र चौथे भाव में विराजमान है। इसके साथ ही इस राशि की शनि की ढैया चल रही है। सूर्य 15 मार्च को चौथे भाव में आएंगे। वहीं केतु नवम भाव में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में राहु तीसरे भाव में और केतु नवम भाव में है। ऐसे में बाकी ग्रह इनके बीच आ आ गए हैं। जिसके कारण आपकी कुंडली के दसवें, ग्यारहवें, बारहवें, लग्न और दूसरे भाव खाली रह जाते हैं, जिन्हें सुप्त भाव माना जाता है।
धनु राशि के जातकों के लिए कालसर्प दोष थोड़ी कठिनाईयां ला सकता है। लेकिन सकारात्मक प्रभाव अधिक देखने को मिल सकते हैं। इस राशि के जातकों का ध्यान खुद पर अधिक होगा, जिससे व्यक्तित्व में निखार आ सकता है। आप अपने लक्ष्यों को पाने में सफल हो सकते हैं। आपके करियर में कई बड़ी उपलब्धियां जुड़ सकती है।मार्च का महीना धनु राशि के जातकों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आता है। तीसरा और चौथा भाव सक्रिय हो जाते हैं। तीसरे भाव में सूर्य, मंगल, बुध और राहु के होने के कारण इस राशि के जातकों के आत्म विश्वास और साहस में भी तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। करियर में विदेश में नौकरी मिलने के चांसेस काफी अधिक बन सकते हैं। शुक्र के कारण सुख-सुविधाओं में भी तेजी से वृद्धि हो सकती है। संतान सुख के भी योग बन रहे हैं। गुरु की दृष्टि लग्न, तीसरे और ग्यारहवें भाव पर पड़ रही है। ऐसे में अविवाविहतों को शादी का प्रस्ताव मिल सकता है। इसके अलावा प्रापर्टी में भी लाभ मिल सकता है। हालांकि इस दौरान वाणी पर संयम आवश्यक है, वरना परिवार, जीवनसाथी और संतान के साथ संबंधों में तनाव हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहें।
मीन राशि (Pisces Zodiac)
मीन राशि के जातकों के लिए कालसर्प योग परेशानी बढ़ा सकता है। लेकिन कुछ ग्रहों की स्थिति के कारण आपको लाभ मिल सकता है। आपकी राशि में शेषनाग नाम का कालसर्प योग बन रहा है, जो छठे और बारहवें भाव से बनता है। इसके कारण इस राशि के जातकों को मुकदमे, रोग, चोट, दुर्घटना और खर्च बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस माह कुछ सकारात्मक योग भी बन रहे हैं। गुरु 11 मार्च से मार्गी होंगे। ऐसे में करियर और शिक्षा के क्षेत्र में काफी लाभ मिल सकता है। विदेश से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। सुख-सुविधाओं की तेजी से वृद्धि हो सकती है। गुरु सप्तम भाव में विवाह व दांपत्य सुख में खुशियां ला सकते हैं।
तुला राशि (Libra Zodiac)
तुला राशि के लिए पद्म नाम का कालसर्प योग बन रहा है, जो पंचम और ग्यारहवें भाव से संबंधित है। इसका प्रभाव संतान, भाई-बहनों और भाग्य पर पड़ सकता है। ऐसे में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। इसके अलावा कुछ अन्य ग्रहों की स्थिति के कारण कुछ क्षेत्रों में आपको लाभ मिल सकता है। बता दें कि मार्च में आपकी गोचर कुंडली के पंचम भाव में सूर्य, मंगल, बुध और राहु विराजमान है, जबकि छठे भाव में शनि, शुक्र होंगे और 15 मार्च को सूर्य भी आ जाएंगे, जिससे त्रिग्रही योग बनेगा। देवगुरु बृहस्पति भाग्य भाव में वक्री अवस्था में है लेकिन 11 मार्च को मार्गी होंगे। केतु 11वें भाव में गोचर कर रहा है। ऐसे में पंचम, 12वां, लग्न, दूसरा, तीसरा और चौथा भाव रिक्त हैं, जिससे प्रबल कालसर्प दोष बन गया है। हालांकि यह दोष आंशिक रूप से ही रहेगा। भाव देगी।
विदेश से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। उच्च शिक्षा पाने का सपना पूरा हो सकता है। नई नौकरी के योग बन रहे हैं। नया बिजनेस की शुरुआत इस माह करना लाभकारी हो सकता है। प्रॉपर्टी संबंधी कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है। हालांकि, वाणी और निर्णयों पर नियंत्रण जरूरी है।
कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने के उपाय (Kaalsarf Dosh Upay)
- ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं।
- भगवान शिव की उपासना करने से आपको लाभ मिल सकता है।
- सोमवार के दिन शिव मंदिर जाकर जल, दूध और काले तिल अर्पित करें।
- रुद्राभिषेक कराने से भी आपको अच्छा लाभ मिल सकता है।
- अगर आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है, तो नासिक या उज्जैन जैसे पवित्र स्थानों पर जाकर कालसर्प दोष शांति पूजा करना लाभकारी हो सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
