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हाथ में मोती की अंगुठी पहनने से पहले जान लें रत्न विज्ञान में बताए ये तर्क

तर्कों को समझकर सावधानी से रत्न धारण न किया जाए तो उसके दुष्प्रभावों को भी सहना पड़ता है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि रत्नों के बारे में पढ़कर-जानकर ही उन्हें पहना जाए।

jyotish shastra, ratna vigyan, advantanges and disadvantages of wearing pearlवृष, मिथुन, कन्या, मकर और कुम्भ लग्न के जातकों को मोती धारण नहीं करना चाहिए।

Jyotish Shastra Ratna Vigyan : रत्न विज्ञान में रत्नों की खूबियों और खामियों पर बात की जाती है। रत्नों को धारण करने के पीछे कोई न कोई विशेष कारण जरूर होता है। लेकिन किसी भी रत्न को पहनने से पहले उसके बारे में जान लेना जरूरी होता है। क्योंकि यह माना जाता है कि रत्न हमारे जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करते हैं। अगर तर्कों को समझकर सावधानी से रत्न धारण न किया जाए तो उसके दुष्प्रभावों को भी सहना पड़ता है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि रत्नों के बारे में पढ़कर-जानकर ही उन्हें पहना जाए।

कुछ लोग यह मानते हैं कि सफेद मोती पहनने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। लेकिन ऐसा नहीं है। सभी रत्न सभी राशियों के जातकों के लिए शुभ फल देने वाले नहीं होते हैं। रत्नों को धारण करने से पहले इन बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। कई लोग हाथ में मोती की अंगुठी पहनते हैं। आपको बता दें कि मोती धारण करने से पहले उसके बारे में भी पर्याप्त जानकारी होनी जरूरी है।

सफेद मोती धारण करने के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव (Advantages and Disadvantages of Wearing Pearl)
ज्योतिष शास्त्र में यह माना जाता है कि जिन लोगों की कुण्डली में चंद्र देव 12वें या 10वें घर में होते हैं उन्हें गलती से भी मोती नहीं पहनना चाहिए। माना जाता है कि ऐसे लोगों के लिए मोती नकारात्मक परिणामों को देने वाला साबित होता है।

रत्न विज्ञान के विशेषज्ञों का यह मानना है कि वृष, मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ लग्न के जातकों को मोती धारण नहीं करना चाहिए। अगर इस लग्न के लोग मोती धारण करते हैं तो उन्हें इसके दुष्प्रभावों को झेलना पड़ता है।

अगर आपको आत्मविश्वास में कमी लगती है, माता के साथ मधुर संबंध नहीं हैं या अक्सर घबराहत महसूस होती है तो आपको मोती जरूर धारण करना चाहिए। यह आपके जीवन में आने वाले सभी कष्टों को दूर करने का प्रयास करेगा।

कहते हैं कि जिनकी राशि के स्वामी बुध, शनि और राहु होते हैं उन्हें मोती धारण नहीं करना चाहिए। यह उनके लिए नुकसानदायक साबित होता है। माना जाता है कि यह राशि स्वामी मोती पहनने से मन को और अधिक विचलित करते हैं।

अगर आपने हाथ में पहले से हीरा, पन्ना, नीलम या गोमेद पहना हुआ है तो आपको मोती नहीं पहनना चाहिए। इससे आपको जीवन में नकारात्मक फलों की प्राप्ति होगी। साथ ही यह भी कहा जाता है कि मोती के साथ पीला पुखराज या मूंगा पहनना उचित होता है।

आमतौर पर यह कहा जाता है कि अशांत मन वालों को मोती धारण करना चाहिए। साथ ही यह भी जान लीजिए कि जिनकी प्रकृति शीत होती है उन्हें मोती नहीं पहनना चाहिए। इससे उन्हें नुकसान होने की संभावनाएं बनी रहती हैं।

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