वैदिक ज्योतिष में गुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन, भाग्य, विवाह, संतान और शुभता का कारक माना जाता है। फ्यूचर पंचांग के अनुसार 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब गुरु अपनी उच्च राशि में प्रवेश करते हैं तो इसका प्रभाव कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव के रूप में दिखाई देता है। किसी को करियर में सफलता मिल सकती है तो किसी के रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। वहीं मन प्रसन्न रह सकता है। साथ ही देश- विदेश की यात्रा कर सकते हैं। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक पर इस गोचर का क्या असर पड़ सकता है।
फ्यूचर पंचांग के अनुसार गुरु बृहस्पति 2 जून तो दोपहर 1 बजकर 49 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, यहां वह 31 अक्टूबर तक विराजमान रहेंगे। वहीं आपको बता दें कि कर्क राशि गुरु बृहस्पति की उच्च राशि है, यहां पर विराजमान होकर वह हंस महापुरुष राजयोग का भी निर्माण करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु का यह गोचर लोगों को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करता है। पूजा-पाठ, दान-पुण्य, तीर्थ यात्रा और धार्मिक आयोजनों में लोगों की रुचि बढ़ सकती है। कई ज्योतिषाचार्य इसे “भाग्योदय का समय” भी मानते हैं।
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गुरु बृहस्पति का मेष राशि पर असर (Aries Zodiac)
गुरु गोचर आपके चौथे भाव में होगा। इस दौरान घर, वाहन और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बढ़ सकती है। माता का सहयोग मिलेगा और मानसिक तनाव कम हो सकता है।
गुरु बृहस्पति का वृष राशि पर असर (Taurus Zodiac)
गुरु आपके तीसरे भाव में गोचर करेंगे। साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। छोटी यात्राओं से लाभ होने की संभावना है।
गुरु बृहस्पति का मिथुन राशि पर असर (Mithun Zodiac)
यह गोचर आपके दूसरे भाव में रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। रुका हुआ धन मिलने के योग बनेंगे। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और वाणी का प्रभाव बढ़ेगा।
गुरु बृहस्पति का कर्क राशि पर असर (Cancer Zodiac)
गुरु आपकी ही राशि में उच्च होकर प्रवेश करेंगे। यह समय आपके लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा, करियर में उन्नति होगी और विवाह या नई नौकरी के योग बन सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा।
गुरु बृहस्पति का सिंह राशि पर असर (Leo Zodiac)
गुरु आपके बारहवें भाव में गोचर करेंगे। खर्चों में वृद्धि हो सकती है लेकिन विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। आध्यात्म और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है।
गुरु बृहस्पति का कन्या राशि पर असर (Kanya Zodiac)
गुरु का गोचर आपके ग्यारहवें भाव में होगा। आय में वृद्धि और नए लाभ के योग बन सकते हैं। दोस्तों और संपर्कों से फायदा मिलेगा। लंबे समय से रुकी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं।
गुरु बृहस्पति का तुला राशि पर असर (Libra Zodiac)
यह गोचर आपके दसवें भाव में रहेगा। करियर और कारोबार में उन्नति के प्रबल योग हैं। नौकरी में पदोन्नति मिल सकती है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
गुरु बृहस्पति का वृश्चिक राशि पर असर (Scorpio Zodiac)
गुरु आपके नवम भाव में गोचर करेंगे। भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं। छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है।
गुरु बृहस्पति का धनु राशि पर असर (Dhanu Zodiac)
यह गोचर आपके आठवें भाव में रहेगा। अचानक धन लाभ या बदलाव देखने को मिल सकता है। स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतनी होगी। निवेश सोच-समझकर करें।
गुरु बृहस्पति का मकर राशि पर असर (Makar Zodiac)
गुरु आपके सातवें भाव में गोचर करेंगे। वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। पार्टनरशिप बिजनेस में लाभ हो सकता है। अविवाहित लोगों के विवाह के योग बन सकते हैं।
गुरु बृहस्पति का कुंभ राशि पर असर (Kumbh Zodiac)
यह गोचर आपके छठे भाव में रहेगा। नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त हो सकती है। स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल सकता है।
गुरु बृहस्पति का मीन राशि पर असर (Pisces Zodiac)
गुरु आपके पांचवें भाव में गोचर करेंगे। शिक्षा, प्रेम संबंध और संतान पक्ष के लिए समय शुभ रह सकता है। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिल सकती है। निवेश से लाभ होने की संभावना है।
गुरु गोचर के शुभ उपाय
गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें
भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा करें
केले के पेड़ में जल अर्पित करें
पीली वस्तुओं का दान करें
“ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करें
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
