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108 दिन देवगुरु बृहस्पति रहेंगे वक्री, इन 3 राशि वालों की धन- दौलत में अपार बढ़ोतरी के आसार

वैदिक ज्योतिष के मुताबिक गुरु बृहस्पति 29 जुलाई को वक्री होने जा रहे हैं। गुरु का वक्री होना 3 राशि वालों को लाभप्रद साबित हो सकता है।

108 दिन देवगुरु बृहस्पति रहेंगे वक्री, इन 3 राशि वालों की धन- दौलत में अपार बढ़ोतरी के आसार
ज्योतिष के अनुसार गुरु या बृहस्पति धनु राशि और मीन राशि के स्वामी हैं।

Guru Planet Vakri : ज्योतिष के मुताबिक हर ग्रह एक निश्चित समय अवधि पर राशि परिवर्तन और वक्री होता है और वक्री होने का सीधा प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है। आपको बता दें कि ज्ञान और वृद्धि के दाता देवगुरु 29 जुलाई को अपनी स्वराशि मीन में वक्री होने जा रहे हैं। जहां वो 108 दिन तक वक्री अवस्था में रहेंगे।

ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह का संबंध ज्ञान, वृद्धि, शिक्षक, संतान, शिक्षा धन, दान और पुण्य से माना गया है। इसलिए गुरु देव के वक्री होने का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। लेकिन 3 राशियां ऐसीं हैं, जिनको गुरु के उल्टी चाल से अच्छा धनलाभ हो सकता है। आइए जानते हैं ये 3 राशियां कौन सीं हैं…

वृष राशि: आपकी राशि से देवगुरु बृहस्पति 11वें भाव में वक्री होंगे। जिसे ज्योतिष में आय और लाभ का भाव माना गया है। इसलिए इस समय आपकी आय में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। साथ इस दौरान आय के नए- नए सोर्स भी बन सकते हैं। बिजनेस में अच्छा मुनाफा होने के संकेत हैंा। साथ ही कोई व्यावसायिक डील भी फाइनल होने के योग हैं। जिससे आपको अच्छा धनलाभ हो सकता है। वहीं इस दौरान आपकी कार्यशैली में भी अच्छा निखार आएगा, जिससे आपके ऑफिस में आपकी वाहवाही हो सकती है। वहीं जो लोग नया कारोबार स्टार्ट करना चाहते हैं, उनके लिए समय लाभकारी रहने वाला है।। साथ ही गुरु बृहस्पति आपके 8वें भाव के स्वामी हैं। इसलिए इस समय जो लोग रिसर्च के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उनको ये समय सक्सेक भरा रहने वाला है। साथ ही कोई कोई पुराने रोग से छुटकारा मिल सकता है।


मिथुन राशि: देवगुरु के वक्री होते ही आप लोगों की जिंदगी में अहम बदलाव हो सकता है । क्योंकि गुरु बृहस्पति आपके दशम स्थान में वक्री होंगे। जिसे नौकरी, कारोबार और कार्यक्षेत्र का स्थान कहा जाता है। इसलिए इस समय आपको नई नौकरी का प्रस्ताव आने की संभावना है। साथ ही इस समय आपका प्रमोशन भी हो सकता है। इस समय आपको कारोबार में अच्छा मुनाफा हो सकता है। साथ ही इस दौरान आपके नए व्यावसायिक संबंध भी बन सकते हैं और व्यापार का विस्तार होने के भी संकेत है। वहीं जो लोग मार्केटिंग और मीडिया के क्षेत्र में कार्यरत हैं उनके लिए यह समय अनुकूल रहने वाला है। वहीं मिथुन राशि पर बुध ग्रह का आधिपत्य है और ज्योतिष के मुताबिक बुध और गुरु ग्रह में मित्रता का भाव विद्यामान है। इसलिए गुरु का वक्री होना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। आप लोग एक पन्ना या ओनेक्स धारण कर सकते हैं, जो आपके लिए भाग्य रत्न साबित हो सकता है।

कर्क राशि: आपकी राशि से गुरु बृहस्पति ग्रह नवम स्थान में वक्री होंगे। जिसे भाग्य और विदेश यात्रा का भाव माना जाता है। इसलिए इस दौरान आपको किस्मत का पूरा साथ मिलता दिख रहा है। साथ ही देवगुरु के वक्री होते ही आपको अटके हुए काम बनेंगे। वहीं इस समय आप कारोबार के संबंध से यात्रा भी कर सकते हैं, जो आपके लिए लाभप्रद सिद्ध हो सकती है। वहीं जिन लोगों का कारोबार विदेश से जुड़ा हुआ है उन लोगों को अच्छा फायदा हो सकता है।

वहीं जिन लोगों का कारोबार खान- पान, होटल, रेस्टोरेंट,अनाज से जुड़ा हुआ है, उन लोगों को इस समय अच्छा धनलाभ हो सकता है। वहीं गुरु ग्रह आपके छठे भाव के स्वामी हैं, जिसे रोग, कोर्ट- कचहरी और शत्रु का स्थान माना जाता है। इसलिए इस दौरान आपको शत्रुओं पर विजय हासिल होगी और गुप्त शत्रुओं का नाश होगा। इस समय आप एक मून या मोती स्टोन धारण कर सकते हैं। जो आपके लिए लाभप्रद साबित होगा। वहीं आपकी राशि के स्वामी चंंद्र ग्रह और ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रह और गुरु बृहस्पति में मित्रता का भाव है। इसलिए आपको यह परिवर्तन शुभ फलदायी साबित हो सकता है।

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