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देवताओं के गुरु बृहस्पति हुए वक्री, इन 3 राशि वालों को महाधन लाभ के साथ तरक्की के प्रबल योग

Jupiter Transit 2022: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु ग्रह का विशेष महत्व है। देवगुरु बृहस्पति के राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर असर पड़ता है।

देवताओं के गुरु बृहस्पति हुए वक्री, इन 3 राशि वालों को महाधन लाभ के साथ तरक्की के प्रबल योग
देवताओं के गुरु बृहस्पति- (जनसत्ता)

Guru Planet Vakri : ज्योतिष के अनुसार हर ग्रह एक निश्चित समय अंतराल पर एक राशि से दूसरी राशि में गोचर और वक्री होता है और वक्री होने का सीधा असर मानव जीवन और पृथ्वी पर पड़ता है। आपको बता दें कि ज्ञान और वृद्धि के दाता देवगुरु 29 जुलाई को अपनी स्वराशि मीन में वक्री हुए हैं। जहां वो 108 दिन तक वक्री अवस्था में विराजमान रहेंगे।

ज्योतिष में गुरु ग्रह का संबंध ज्ञान, वृद्धि, शिक्षक, संतान, शिक्षा धन, दान और पुण्य से माना जाता है। इसलिए गुरु देव के वक्री होने का असर सभी राशियों पर देखने को मिलेगा। लेकिन 3 राशियां ऐसीं हैं, जिनको गुरु के वक्री होने से अच्छा धनलाभ हो सकता है। आइए जानते हैं ये 3 राशियां कौन सीं हैं…

वृष राशि: गुरु ग्रह के वक्री होते ही आप लोगों के अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं। क्योंकि देवगुरु बृहस्पति आपके 11वें स्थान में वक्री हुए हैं। जिसे वैदिक ज्योतिष में इनकम और लाभ का स्थान माना जाता है। इसलिए इस दौरान आपकी आय में अच्छी बढ़ोतरी के योग बने हुए हैं। साथ इस समय इनकम के नए- नए माध्यम भी बन सकते हैं। व्यापार में अच्छा धनलाभ होने के संकेत हैं। साथ ही कोई व्यावसायिक डील भी फाइनल होने से धनलाभ हो सकता है।

वहीं इस दौरान आपकी कार्यशैली में भी अच्छा निखार देखने को मिलेगा, जिससे आपकी ऑफिस में आपकी तारीफ हो सकती है। वहीं इस समय नया व्यापार जो लोग शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए समय लाभप्रद रहने वाला है।। साथ ही गुरु ग्रह आपके 8वें स्थान के स्वामी हैं। इसलिए इस समय जो लोग शोध के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उनको ये समय सफलता भरा रहने वाला है। साथ ही कोई कोई पुराने रोग से छुटकारा मिल सकता है। इस समय आप लोग एक हीरा धारण कर सकते हैं जो आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

मिथुन राशि: देवगुरु बृहस्पति के उल्टी चाल चलते ही आप लोगों की जिंदगी में अहम बदलाव हो सकते हैं । क्योंकि गुरु ग्रह आपके दशम भाव में वक्री होने जा रहे हैं। जिसे जॉब, व्यापर और कार्यक्षेत्र का भाव कहा जाता है। इसलिए इस दौरान आपको नई जॉब का ऑफर आने की संभावना है। साथ ही इस दौरान आपका इंक्रीमेंट और अप्रेजल भी हो सकता है। इस दौरान आपको व्यापार में अच्छा धनलाभ हो सकता है। साथ ही इस समय आपके नए व्यावसायिक संबंध बनने से लाभ हो सकता हैं और व्यापार का विस्तार भी हो सकता है।

वहीं जो लोग मार्केटिंग और मीडिया के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उनके लिए यह समय लाभकारी रहने वाला है। वहीं मिथुन राशि पर बुध ग्रह का आधिपत्य है और ज्योतिष के अनुसार बुध और गुरु ग्रह में मित्रता का भाव है। इसलिए गुरु का वक्री होना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। आप लोग एक पन्ना पहन सकते हैं, जो आपके लिए लकी रत्न साबित हो सकता है।

कर्क राशि: आपकी गोचर कुंडली से गुरु बृहस्पति ग्रह नवम भाव में वक्री हुए हैं। जिसे भाग्य और विदेश यात्रा का स्थान माना जाता है। इसलिए इस समय आपको भाग्य का पूरा साथ मिलता दिख रहा है। साथ ही गुरु ग्रह के वक्री होते ही आपके अटके हुए काम बनेंगे। वहीं इस दौरान आप कारोबार के सिलसिले से छोटी या बड़ी यात्रा भी कर सकते हैं, जो आपके लिए लाभकारी साबित हो सकती है। वहीं जिन लोगों का व्यापार विदेश से जुड़ा हुआ है उन लोगों को अच्छा मुनाफा हो सकता है।

वहीं गुरु बृहस्पति आपके छठे स्थान के स्वामी हैं, जिसे रोग, कोर्ट- कचहरी और शत्रु का भाव माना गया है। इसलिए इस समय आपको शत्रुओं पर विजय हासिल हो सकती है और गुप्त शत्रुओं का नाश होगा। इस दौरान आप एक मून या मोती स्टोन पहन सकते हैं। जो आपके लिए लाभकारी साबित होगा। वहीं आपकी राशि के स्वामी चंंद्र ग्रह और ज्योतिष के मुताबिक चंद्र ग्रह और गुरु बृहस्पति में मित्रता का भाव विद्यमान है। इसलिए आपको यह परिवर्तन लाभकारी साबित हो सकता है।

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