June 2026 Ekadashi List: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को पुण्यदायी और शुभ बताया गया है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। साथ ही हर महीने करीब 2 एकादशी पड़ती हैं। लेकिन इस साल अधिक मास होने की वजह से 2 एकादशी और बढ़ गयी हैं। आपको बता दें कि इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और पूरे भक्ति भाव से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने से जीवन में सुख- संपन्नता आने की मान्यता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं जून के महीने में पड़ने वाली एकादशियों के बारे में, आपको बता दें कि जून के महीने में परम और निर्जला एकादशी पड़ेंगी। जिनका विशेष महत्व है। साथ ही इन एकादशी पर व्रत रखने से से व्यक्ति को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सभी कष्ट धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं। आइए जानते हैं इनकी तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त…
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परमा एकादशी कब है? (Parama Ekadashi 2026 Kab Hai)
- फ्यूचर पंचांग के अनुसार, इस बार अधिकमास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 11 जून 2026 की सुबह 12 बजकर 57 मिनट पर होगा।
- इस तिथि का समापन 11 जून को ही रात में 10 बजकर 36 मिनट पर होगा।
उदयातिथि के आधार पर इस बार 11 जून 2026, बृहस्पतिवार को परमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
परमा एकादशी शुभ मुहूर्त (Parama Ekadashi 2026 Subh Muhurat)
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 02 मिनट से लेकर सुबह 04 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।
- अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 53 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
- गोधूलि मुहूर्त- शाम 07 बजकर 18 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
परम एकादशी का महत्व
परम एकादशी का विशेष महत्व सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह व्रत अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परम एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सभी कष्ट धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। साथ ही जो व्यक्ति श्रद्धा और नियमपूर्वक परम एकादशी का उपवास रखता है, उसे कई यज्ञों के बराबर पुण्य फल मिलता है और पूर्वजों की आत्मा को भी शांति मिलती है।
निर्जला एकादशी कब है (Nirjala Ekadashi Vrat 2026 Kab Hai)
- फ्यूचर पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 24 जून 2026 को शाम 06 बजकर 12 मिनट पर होगा।
- वहीं इस तिथि का समापन 25 जून 2026 को रात 08 बजकर 09 मिनट पर होगा।
उदया तिथि के आधार पर निर्जला एकादशी का व्रत गुरुवार, 25 जून 2026 को रखा जाएगा। वहीं इस व्रत का पारण 26 जून को सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 08 बजकर 13 मिनट के बीच किया जा सकेगा।
निर्जला एकादशी का महत्व
हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। इसे सभी 24 एकादशियों में सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रत माना गया है। इस दिन भगवान भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। मान्यता है कि जो व्यक्ति वर्षभर की सभी एकादशियों का व्रत नहीं कर पाता, वह केवल निर्जला एकादशी का व्रत रखकर सभी एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त कर सकता है। इस व्रत की सबसे खास बात यह है कि इसमें जल तक ग्रहण नहीं किया जाता। श्रद्धालु पूरे दिन बिना अन्न और पानी के उपवास रखकर भगवान विष्णु का स्मरण करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को विधि-विधान से करने पर पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
