Aaj ka Panchang 5 September 2026 (आज का पंचांग 5 सितंबर 2026): भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि के साथ शनिवार का दिन है। पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि रात 9 बजकर 53 मिनट तक रहने वाला है। इसके बाद दशमी तिथि आरंभ हो जाएगी। इसके साथ ही मृगशीर्षा, आर्द्रा नक्षत्र के साथ वज्र, सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। चंद्रमा की स्थिति की बात करें, तो सुबह 10 बजकर 48 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। जहां पर मंगल के साथ युति करके महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण हो रहा है। सूर्य आज कर्क राशि में ही संचार करेंगे। आइए जानते हैं शनिवार का शुभ मुहूर्त, योग, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, राहुकाल से लेकर विस्तृत पंचांग…
विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक सम्वत – 1948, पराभव
पूर्णिमांत – भाद्रपद
अमांत – श्रावण
वार- शनिवार
तिथि- कृष्ण पक्ष नवमी – 5 सितंबर 09:53 पीएम तक, फिर दशमी तिथि आरंभ
नक्षत्र- मृगशीर्षा 5 सितंबर 09:30 पीएम, फिर आर्द्रा नक्षत्र आरंभ
करण
तैतिल – सितंबर 05, 12:14 एएम – सितंबर 05, 11:04 एएम
गर – सितंबर 05, 11:04 एएम – सितंबर 05, 09:54 पीएम
वणिज – सितंबर 05, 09:54 पीएम – सितंबर 06, 08:42 एएम
योग
वज्र – सितंबर 04, 03:43 पीएम – सितंबर 05, 12:46 पीएम
सिद्धि – सितंबर 05, 12:46 पीएम – सितंबर 06, 09:44 एएम
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – सितंबर 05, 6:14 एएम
सूर्यास्त – सितंबर 05, 6:37 पीएम
चंद्रोदय – सितंबर 06, 12:48 एएम
चंद्रास्त – सितंबर 05, 2:05 पीएम
आज का अशुभ काल
राहुकाल – सितंबर 05, 9:19 एएम – सितंबर 05, 10:52 एएम
यम गंड – सितंबर 05, 1:58 पीएम – सितंबर 05, 3:31 पीएम
कुलिक – सितंबर 05, 6:14 एएम – सितंबर 05, 7:47 एएम
दुर्मुहूर्त – सितंबर 05, 07:53 एएम – सितंबर 05, 08:42 एएम
वर्ज्यम् – सितंबर 05, 05:19 एएम – सितंबर 05, 06:48 एएम
आज का शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त – सितंबर 05, 12:00 पीएम – सितंबर 05, 12:50 पीएम
अमृत काल – सितंबर 05, 01:16 पीएम – सितंबर 05, 02:45 पीएम
ब्रह्म मुहूर्त – सितंबर 05, 04:38 एएम – सितंबर 05, 05:26 एएम
सूर्य राशि- सूर्य सिंह राशि पर है।
चंद्र राशि- चंद्रमा सितंबर 05, 10:18 एएम तक वृषभ राशि में रहेगा, उपरांत मिथुन राशि में संचार करेगा।
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
