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इस मुस्लिम देश में रामायण है बेहद लोकप्रिय, हनुमान जी को कहा जाता है अनोमान

इस देश के लोगों पर रामायण का असर कितना है इस बात का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि वहां के नौ सेना अध्यक्ष को लक्ष्मण कहा जाता है। इस देश में भारत की संस्कृति झलक देखने को मिलती है। इंडोनेशियाई एयरलाइंस का लोगो 'गरुड़ पक्षी' है

Author Updated: June 7, 2019 8:45 AM
सांकेतिक फोटो (Indian Express)

भारत में हिंदू धर्म में रामायण को धार्मिक ग्रंथ माना जाता है। लेकिन रामायण को भारत में ही नहीं बल्कि इंडोनेशिया में भी इतना ही महत्व दिया जाता है। बता दें इंडोनेशिया दुनिया के मुस्लिम बाहुल्य देशों में से एक है। इस देश में रामायण को राष्ट्रीय काव्य ग्रंथ का दर्ज दिया गया है। इस देश में अयोध्या नगरी है जिसे योग्या कहते हैं। भारतीय रामायण के रचियता कवि ऋषि वाल्मिकी हैं तो वहीं इंडोनेशियाई रामायण की रचना कवि योगेश्रर ने की है।

साल 1973 में पहली बार ऐसा हुआ था जब दुनिया में किसी मुस्लिम देश की सरकार ने एक अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन का आयोजन करवाया हो। इंडोनेशिया के लोग रामायण के बेहद दिवाने हैं। इस देश के लोगों पर रामायण का असर कितना है इस बात का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि वहां के नौ सेना अध्यक्ष को लक्ष्मण कहा जाता है। इस देश में भारत की संस्कृति झलक देखने को मिलती है। इंडोनेशियाई एयरलाइंस का लोगो ‘गरुड़ पक्षी’ है। इतना ही इंडोनेशिया की करेंसी पर गणेश जी की फोटो छपी हुई है।

भारतीय रामायण की रचना संस्कृत भाषा में हुई वहीं इंडोनेशिया के काकावीन की रचना ‘कावी भाषा’में की है। इंडोनेशिया में 27 दिसंबर को राजधानी जकार्ता में आजादी दिवस मनाया जाता है। इस दिन युवा जकार्ता की सड़कों पर हनुमान जी का वेश धारण करके सरकारी परेड में शामिल होते हैं। इंडोनेशिया में हनुमान जी को अनोमान कहा जाता है। इंडोनेशिया में रामायण का बहुत प्रभाव है हर साल यहां के शहरों में रामलीला देखने को मिलती है जो काफी फेमस है।

कुछ समय पहले इंडोनेशिया के शिक्षा और संस्‍कृति मंत्री अनीस बास्वेदन भारत दौर पर आए थे। उन्होंने भारत के संस्‍कृति मंत्री महेश शर्मा से मुलाकात में रामलीला का मंचन करवाने की मांग भी की थी। अनीस बास्वेदन ने कहा था कि ‘हम यह भी चाहते हैं कि भारतीय कलाकार इंडोनेशिया आएं और वहां पर रामायण का मंचन करें। यह दो संस्कृतियों के मेल का सुंदर रूप होगा।

इंडोनेशिया में रामायण पर एक किस्सा भी है जिसमें इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो के समय पाक प्रतिनिधिमंडल इंडोनेशिया की यात्रा पर गया था, जहां रामलीला देखने को मिली तो पाक प्रतिनिधिमंडल ने पूछा की इस्लामी गणतंत्र पर रामलीला का मंचन क्यों? तो राष्ट्रपति सुकर्णो ने जवाब दिया कि ‘इस्लाम हमारा धर्म है और रामायण हमारी संस्कृति।’

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