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रमजान के महीने में मिसवाक से दांत साफ करना है सुन्नत, जानें क्या है इसके फायदे

मिसवाक के बारे में जानकारों का कहना है कि इसका इस्तेमाल करने से दांत हमेशा स्वस्थ रहते हैं।

मिसवाक का सांकेतिक फोटो (photo source- the news/p.com)

इस्लाम में रमजान महीने में मिसवाक से दांत साफ करना सुन्नत करार दिया गया है। इसका इस्तेमाल रोजे के दौरान भी किया जा सकता है। हालांकि, दांत साफ के लिए दूसरे तरह के दातून का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, लेकिन मिसवाक के इस्तेमाल को सुन्नत माना गया है। इस्लाम में सुन्नत उन्हें कहा जाता है, जो काम पैगंबर मोहम्मद ने किए हैं। पैगंबर साहब रमजान में मिसवाक से ही अपने दांत साफ करते थे। यही वजह है कि रमजान के महीने में मिसवाक का इस्तेमाल बढ़ जाता है।

मिसवाक के बारे में जानकारों का कहना है कि इसका इस्तेमाल करने से दांत हमेशा स्वस्थ रहते हैं। इसका लगातार इस्तेमाल करने से दांतों की पायरिया और अन्य बीमारियां ठीक हो जाती हैं। इसके अलावा इससे मुंह की बदबू भी खत्म हो जाती है और दांत हमेशा चमकते रहते हैं। इसके इस्तेमाल से बैक्टीरिया मर जाते हैं तो वहीं शरीर की अन्य बीमारियां भी दूर होती हैं। अगर इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की दिनचर्या में किया जाए तो इसके फायदे मिलते हैं।

अभी रमजान का महीना है। इस महीने में इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग 30 दिन रोजा रखते हैं। इस दौरान सहरी से इफ्तार तक किसी भी चीज का सेवन नहीं किया जाता। इफ्तार के बाद ही खाना और पानी का सेवन किया जाता है। इस महीने में अल्लाह की ज्यादा से ज्यादा इबादत करने की सलाह दी जाती है। वहीं बताया जाता है कि रमजान महीने में कोई भी अच्छा काम करने पर उसका 70 गुना सवाब (पुण्य) मिलता है। इसके साथ ही इस महीने में ज्यादा से ज्यादा दान करने के बारे में भी कहा गया है।

रमजान के पाक महीने में इंसान को बुरी आदतों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। रमजान के महीने में झूठ बोलना, चुगली करना, दूसरों को दुख पहुंचाना, झगड़ा करना और कोई अपराध करने से दूर रहना चाहिए। सिगरेट, तंबाकू आदि का सेवन करने से रोजा टूट जाता है। रमजान के महीने में कोई भी गलत काम नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही इस महीने पूरी तरह से पाक रहना होता है। हालांकि, इस्लाम के मुताबिक इंसान को हर वक्त पाक रहना जरूरी है।

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