ताज़ा खबर
 

कार्तिक मास में धन प्राप्ति व मनोकामना पूर्ति के लिए इन 4 कार्यों को करने की है मान्यता, जानें

Kartik Maas Ke Niyam: कार्तिक माह में तुलसी पूजन का विशेष महत्व होता है। साथ ही, उनके रोपण व सेवन से भी लाभ होता है

कार्तिक महीने को श्रीहरि का पसंदीदा माह कहा जाता है

Kartik mahine me kya karein: कार्तिक मास को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद्भागवद् गीता में कहा है कि उन्हें कार्तिक मास अत्यंत प्रिय है और कार्तिक मास उन्हीं का ही एक स्वरूप है। भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि महीनों में मैं कार्तिक हूं। मान्यता है कि जो व्यक्ति कार्तिक महीने में उपवास और तपस्या कर ईश्वर की साधना करता है उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। 30 नवंबर तक कार्तिक मास रहेगा। आइए जानते हैं जानकारों के अनुसार इस महीने में किन उपायों को करने से धन-वृद्धि व सुख-शांति के योग बनते हैं-

भगवान विष्णु का पसंदीदा मास: कार्तिक महीने को श्रीहरि का पसंदीदा माह कहा जाता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु इसी माह में अपनी योग निद्रा से जागते हैं। माना जाता है कि विष्णु देव भक्तों में हर्ष व कृपा की बरसात करते हैं। साथ ही कहा जाता है मां लक्ष्मी देवी बेहद चंचल हैं। वो समय समय पर अलग-अलग जगह विचरण करती हैं। इस महीने में भी धन की देवी लक्ष्मी भक्तों पर कृपा-दृष्टि रखने के लिए भ्रमण करती हैं। श्रद्धालु मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस माह में धन त्रयोदशी, दिवाली व गोपाष्टमी मनाते हैं।

तुलसी पूजा है जरूरी: कार्तिक माह में तुलसी पूजन का विशेष महत्व होता है। साथ ही, उनके रोपण व सेवन से भी लाभ होता है। कहा जाता है कि इस महीने में तुलसी पौधे का पूजन करने से इसका महत्व कई गुना तक बढ़ जाता है। साथ में ऐसी मान्यता है कि विवाह संबंधी अड़चनों को दूर करने में भी तुलसी पूजा को महत्वपूर्ण माना जाता है।

तेल लगाने से बचें: विद्वानों के अनुसार कार्तिक महीने में शरीर पर तेल लगाने से भी बचना चाहिए। माना जाता है कि इस माह में केवल एक दिन ही तेल लगाना चाहिए, इस दिन को नरक चतुर्दशी कहा जाता है।

दीपदान: इस माह में दीपदान को बेहद महत्वपूर्ण बताया जाता है। शास्त्रों के अनुसार कार्तिक मास में घर के एक कोने में दीपक जलाना चाहिए। साथ ही, नदी, तालाब व अन्य स्थानों के पास दीपक जलाने से भी लाभ मिलता है।

पवित्र स्नान: मान्यता है कि कार्तिक मास में रोज सुबह नदी के पवित्र जल से स्नान करने से लोग सुखी रहते हैं। अगर नदी के पास जाना संभव न हो तो किसी भी पवित्र नदी के संचित जल को अपने नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करें।

Next Stories
1 Horoscope Today, 07 November 2020: मिथुन राशि के आर्थिक हालात में होगा सुधार, जानें अन्य राशियों का क्या है हाल
2 घर की उन्नति से है सीढ़ियों का कनेक्शन, वास्तु शास्त्र के अनुसार निर्माण के समय इन बातों का रखें ध्यान
3 Vidur Niti: ये 8 गुण हों तो हर जगह होती है तारीफ, जानिये क्या कहते हैं ज्ञानी विदुर
ये पढ़ा क्या?
X