ताज़ा खबर
 

किसी भी मंदिर में जाते हैं तो प्रवेश के इन नियमों का रखें ध्यान

शास्त्रों की मान्यताओं के अनुसार मंदिर वह पवित्र स्थान हैं जहां भगवान मौजूद हैं और लोग यहां बिना किसी स्वार्थ के कारण से भगवान को प्रसन्न करने जाते हैं।

Author नई दिल्ली | March 15, 2019 3:38 PM
बिरला मंदिर।

हिंदू धर्म में मंदिर को एक पवित्र स्थल माना गया है। शास्त्रों की मान्यताओं के अनुसार मंदिर वह पवित्र स्थान हैं जहां भगवान मौजूद हैं और लोग यहां बिना किसी स्वार्थ के कारण से भगवान को प्रसन्न करने जाते हैं। लेकिन ऐसे कई नियम हैं जो आपको किसी भी मंदिर में प्रवेश करने से पहले ध्यान में रखने चाहिए अन्यथा, आपको मंदिर में अपनी प्रार्थनाओं के अच्छा परिणाम नहीं मिलेगा। हिंदू धर्म शास्त्रों में मंदिर में प्रवेश करने से पहले कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। आगे हम जानते हैं कि मंदिर में प्रवेश करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

प्रायः हर मनुष्य यह बात जनता है कि मंदिर एक बहुत ही पवित्र और धार्मिक स्थान है। इसलिए व्यक्ति को मंदिर में छोटे और तंग कपड़ें पहनकर प्रवेश नहीं करना चाहिए। साथ ही महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपने सिर को ढक लेना चाहिए। वहीं तिरुपति और गुरुवयूर मंदिरों में ड्रेस कोड का बहुत सख्ती से पालन किया जाता है। यहां पुरुषों और महिलाओं को पैंट और ट्रॉउजर्स पहनने से मना किया जाता है। इसलिए जब भी आप किसी मशहूर मंदिर में जाते हैं, तो उस मंदिर के ड्रेस कोड के बारे में भी जान लीजिए।

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मंदिर जाने से पहले स्नान और अन्य दैनिक कार्यों से निवृत्त होना जरूरी है। दक्षिण भारत के कई मंदिरों में स्नान के लिए तालाब होते हैं जहां मंदिर में दर्शन करने से पहले भक्तों को स्नान करने की आवश्यकता होती है। मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को मंदिर या किसी धार्मिक स्थान में प्रवेश करने के लिए सख्त निषेध होता है। भारत में कुछ मंदिर केवल सुबह और शाम में खुलते हैं, इसलिए मंदिर जाने से पहले निश्चित रूप से मंदिर के खुलने के समय के बारे में पता कर लें। इसके अलावा कुछ मंदिरों में प्रवेश करने से पहले पास भी लिए जाते हैं। यहां तक कि कुछ बड़े मंदिरों को जल्दी दर्शन के लिए विशेष पास लेने होंगे।

साथ ही कैमरे को कहीं भी ले जाने की अनुमति नहीं होती है। मंदिर जाने से पहले, भगवान के लिए प्रसाद के रूप में नारियल, मिठाई और फूल ले जाने की परंपरा होती है। मंदिर में प्रसाद चढाने का विशेष महत्व होता है और यह परंपरा लगभग सभी मंदिरों में होती है। मंदिर में आपको दोनों हाथों से जोड़कर पूजा करनी चाहिए। इसके पीछे धार्मिक और साथ ही आध्यात्मिक कारण हैं ऐसा कहा जाता है कि दोनों हाथों को जोड़ने से शरीर के कुछ विशिष्ट बिंदु पूजा करते हुए कार्यात्मक होते हैं, जिससे शरीर को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। इसलिए मंदिर में हाथ जोड़कर ही पूजा करनी चाहिए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App