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दिन शुरू होते ही आने लगती है पारिवारिक संबंधों में खटास तो हो सकता है कुंडली में मंगल दोष, दूर करने के लिए अपनाएं ये उपाय

मंगल दोष कुंडली में भारी होने पर पारिवारिक संबंधों में आने लगती है खटास तो ये उपाय करेंगे दोष को दूर करने में आपकी मदद।

प्रतीकातमक चित्र

सभी नवग्रहों में मंगल एक ऐसा ग्रह है जो कि ना केवल क्रूर है बल्कि उसे लेकर हर किसी में भय रहता है। मंगल मतलब हमारे शरीर का वो हिस्सा जिसके बिना आपका शरीर बेकार है। इसी तरह जन्मकुंडली में मंगल भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा निभाता है। यदि आपकी कुंडली में मंगल अच्छा हो तो आपको जीवन के सभी सुख मिलेंगे। यदि कुंडली में मंगल दोष हो तो आपके रास्तों में अड़चने आने लगेंगी। मंगल खराब होने से शादी का सुख, परिवार का सुख, दोस्ती का सुख किसी भी तरह के रिश्ते में आपको सुख की प्राप्ति नहीं होगी। मंगल का अर्थ ही परिवार, वफादारी, ताकत, दोस्त और पार्टनर होता है। मंगल ही शरीर के अंदर की वो ताकत है जो शादीशुदा जिंदगी को चलाती है। एक मंगल के खराब होने से ही सारे सुख नष्ट हो जाते हैं। मंगलवार को यदि कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है या दिन के शुरू होते ही आपका पार्टनर या परिवार वालों से झगड़ा होने लगता है तो आपकी कुंडली में मंगल दोष हो सकता है।

कुंडली में यदि मंगल दोष हो तो क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं-
– मंगल आप की कुंडली पर भारी होने से आपका स्वभाव क्रूर और हिंसक हो सकता है।
– आत्मविश्वास और साहस कमजोर हो जाता है।
– रक्त जुड़ी समस्या हो सकती है।
– वैवाहिक सम्बन्ध खराब हो सकते हैं।
– कर्ज और मुकदमेबाजी हो सकती है और जेल भी जाना पड़ सकता है।

मंगल दोष दूर करने के उपाय- 

मंगल दोष को खत्म कर अपना पारिवारिक और शादीशुदा जीवन सुखी करना चाहते हैं तो आपको बस कुछ सावधानियों को अपनाना होगा-
– मंगल दोष से छुटकारा पाना चाहते हैं तो सबसे ज्यादा ध्यान अपने स्वभाव का रखना चाहिए। अपने खान-पान की आदतों में बदलाव लाएं। क्योंकि गर्म व ताजा भोजन करने से मंगल मजबूत होता है। इससे पाचन क्रिया और मनोदशा भी ठीक रहती है।
– सबसे सरल उपाय है हनुमान जी की नियमित उपासना। यह मंगल के हर तरह के दोष तो खत्म करने सहायक है।
– हर मंगलवार को ईष्टदेव का विशेष पूजन करना चाहिए। ईष्टदेव को प्रसन्न करने के लिए उनकी प्रिय वस्तुओं जैसे लाल मसूर की दाल, लाल कपड़े का दान करना चाहिए।
– मंगल दोष के निवारण के लिए मूंगा रत्न भी धारण किया जाता है। रत्न जातक की कुंडली में मंगल के क्षीण अथवा प्रबल होने या अंश के अनुसार उसकी डिग्री के हिसाब से पहना जाता है। अत: कुंडली में मंगल की स्थिति महादशा, अंतरदशा और प्रत्यंतर दशा के अनुसार रत्ती के हिसाब से मूंगा धारण करना चाहिए।
– भाइयों की सहायता और ताऊ-ताई की सेवा करें तो मंगल का अच्छा प्रभाव मिलता है।
– लाल रंग का रूमाल पास रखने से मंगल का खराब प्रभाव खत्म होता है।
– महिलाओं में मंगल का असर बढ़ाने के लिए तो उन्हें लाल चूडिय़ां, सिंदूर, लाल साड़ी, लाल बिंदी लगाने के लिए कहा जाता है।

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