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यूपी चुनाव 2022: BJP को मिलेंगी कितनी सीटें, क्‍या कहते हैं सीएम योगी आदित्‍यनाथ के सितारे, कौन सा ग्रह दे रहा है उनको सबसे ज्‍यादा ताकत

योगी आदित्‍यनाथ की 2024 में केतु की महादशा के बाद शुक्र महादशा चलेगी, वह समय योगी आदित्‍यनाथ के जीवन काल का सबसे स्‍वर्णिम दौर होगा।

Uttar Pradesh, Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (फ़ोटो सोर्स – पीटीआई)

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) का नतीजा क्‍या रहेगा? क्‍या सीएम योगी आदित्‍यनाथ की सत्‍ता में वापसी होगी या समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव कमबैक करेंगे? इस सवाल सही-सही जवाब तो चुनाव नतीजे आने के बाद ही मिलेगा, लेकिन जब तक नतीजे नहीं आते तब तक कयासों का बाजार तो गर्म रहेगा ही। एक तरफ एबीपी-सी वोटर और टाइम्‍स नाउ नवभारत जैसे सर्वे हमारे सामने आ चुके हैं, जिनमें बीजेपी की ही सत्‍ता में वापसी का दावा किया जा रहा है तो वहीं भविष्‍यवक्‍ता भी अपने-अपने तरीके से गणना कर रहे हैं। कैसे चल रहे हैं सीएम योगी आदित्‍यनाथ के सितारे, कौन सा ग्रह कर सकता है उनका काम खराब या कौन सा ग्रह दिलाएगा उनको यूपी की सत्‍ता में वापसी आइए जानते हैं एस्‍ट्रोलॉजर आचार्य रमाकांत मिश्र की भविष्‍यवाणी:

कुछ ऐसी है सीएम योगी के ग्रहों की स्थिति

योगी आदित्‍यनाथ का जन्‍म जून के महीने में 1972 में हुआ। इनका जन्‍म दिन के समय 12 बजे हुआ था। सिंह लग्‍न है और लग्‍नेश कर्म का कारक होकर करके सूर्य, शनि और बुध की युति के साथ में विद्यमान है, सूर्य तेजवान है, सूर्य राजसत्‍ता का सुख देता है, जिसका लग्‍नेश कर्म भाव में हो, वह व्‍यक्ति 100 प्रतिशत किसी उच्‍च पद को प्राप्‍त होता है। इनके पंचम भाव में गुरु स्‍वग्रही होकर विराजमान हैं, षष्‍टम भाव में राहु शत्रुहंता योग बनाता है। इनके शत्रु बनते रहेंगे, लेकिन उनका हनन होता रहेगा। इनकी कुंडली में सप्‍तम भाव में चंद्रमा है। सप्‍तम भाव में चंद्रमा जब होता है तो सिंह लग्‍न की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति शत्रुग्रही है, इसलिए इनका विवाह नहीं हुआ है।

कर्म भाव में शनि दिलाएगा सीएम योगी को जनता से न्‍याय

पराक्रमेश शुक्र एकादश भाव में विराजमान हैं, भाग्‍येश मंगल एकादश भाव में तृतीय स्‍थान पर है। द्वादश भाव में केतु है। द्वादश भाव में केतु होने का अर्थ हुआ कि ऐसा व्‍यक्ति बहुत अच्‍छा वक्‍ता होता है और अंतिम समय में ईश्‍वर को प्राप्‍त करता है। 21 फरवरी से 2017 से इनकी केतु की महादशा शुरू हुई, जो कि 2024 तक चलेगी। केतु की महादशा में ये पहली बार चुनाव जीते और अब भी केतु की महादशा में ही सीएम योगी चुनाव लड़ रहे हैं। 14 जनवरी 2022 से 24 फरवरी 2023 के मध्‍य में केतु की महादशा में शनि का अंतर होगा। इनका शनि भी कर्म भाव में है। इनके अच्‍छे कर्मों के आधार पर शनि इनके साथ न्‍याय करेगा।

केतु के बाद आएगी शुक्र की महादशा, सीएम योगी जीतेंगे 282 सीटें

आचार्य रमाकांत मिश्र के मुताबिक, यूपी चुनाव 2022 में योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्‍व में बीजेपी को 282 सीटें मिल सकती हैं। मई 2022 में इनके ग्रहों की स्थिति बहुत ही प्रबल रहेगी। इनको सफलता मिलना निश्चित है। आचार्य रमाकांत मिश्र ने बताया कि योगी आदित्‍यनाथ की 2024 में केतु की महादशा के बाद शुक्र महादशा चलेगी, वह समय योगी आदित्‍यनाथ के जीवन काल का सबसे स्‍वर्णिम दौर होगा।

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