Holashtak 2026 Start and End Date: सनातन धर्म होलाष्टक का खास महत्व माना गया है। आपको बता दें कि होली के त्योहार से ठीक 8 दिन पहले होलाष्टक लग जाते हैं। हर साल फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक आरंभ होते हैं और होलिका दहन यानी फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर होलाष्टक समाप्त हो जाते हैं। इस दौरान कोई शुभ काम या नई चीजों की शुरुआत नहीं की जाती है। मान्यता के अनुसार इस अवधि में नकारात्मक शक्तियां बहुत प्रबल होती हैं। वहीं इस अवधि का संबंध हिरण्यकश्यप और भक्त प्रह्लाद से जुड़ी पौराणिक कथा से है। आइए जानते हैं किस तारीख से लग रहे हैं होलाष्टक…

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होलाष्टक 2026 कब से हो रहे हैं आरंभ ? ( Holashtak 2026 Start and End Date)

वैदिक पंचांग के मुताबिक इस साल फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 24 फरवरी को सुबह में 7 बजकर 1 मिनट पर होगी और अष्टमी तिथि 25 फरवरी को शाम में 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। मतलब 24 फरवरी को ही होलाष्टक शुरू हो जाएंगे। होलाष्टक 3 फरवरी पूर्णिमा तिथि के दिन समाप्त होंगे।

होलाष्टक के दौरान बिल्कुल भी न करें ये काम ( Holashtak 2026 Do’s and Don’t)

होलाष्टक की अवधि के दौरान कोई भी नया वाहन आदि नहीं खरीदना चाहिए।  होलाष्टक के दौरान कोई भी मांगलिक कार्य, विवाह, मुंडन और ग्रह प्रवेश आदि के कार्य नहीं किए जाते हैं। साथ ही होलाष्टक के दौरान किसी भी नवविवाहित जोड़े को अपने ससुराल में पहली होली नहीं मनानी चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है।

होलाष्टक के दौरान करें ये काम

होलाष्टक के समय दान पुण्य के कार्य करने चाहिए। ऐसा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दौरान भगावन शिव, भगवान विष्णु और हनुमान जी की पूजा अर्चना करनी चाहिए। वहीं इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें, घर में गंगाजल छिड़कें, और निर्धनों को दान दें।

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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें