Hindu New Year 2026 Rashifal, Vikram Samvat 2083: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 19 मार्च से हिंदू नववर्ष का आरंभ होने वाला है। इसके साथ ही विक्रम संवत 2083 का आगमन होगा। इस वर्ष की सबसे खास बात ये है कि इस माह 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस वर्ष को रौद्र संवत्सर कहा जा रहा है। पंडित केपी शुक्ल के अनुसार, हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर नववर्ष का विशेष नाम दिया जाता है, जो इस साल के संभावित प्रभावों के बारे में भी बताता है। इस संवत को रौद्र संवत कहा जा रहा है, जो करीब 54 सालों के बाद बन रहा है। इसका संबंध भगवान शिव के रौद्र रूप से लेकर देखा जा रहा है। ऐसे में इस वर्ष महंगाई, प्राकृतिक आपदाएं, राजनीति में बदलाव से लेकर समाज में तनाव का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं विक्रम संवत 2083 के बारे में सबकुछ…
विक्रम संवत 2083 का कौन होगा राजा और मंत्री?
बता दें संवत 2083 के राजा देवताओं के गुरु बृहस्पति और मंत्री मंगल होंगे। गुरु बृहस्पति जहां सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के साथ अध्यात्म की ओर लोगों को अग्रसर करेंगे। वहीं दूसरी ओर ग्रहों के सेनापति मंगल अग्नि के कारक है। ऐसे में ये क्रोध, आवेश, ऊर्जा आदि में देखने को मिलेगा।
संवत 2083 में ग्रहों की स्थितियां
19 मार्च से 6 अप्रैल 2027 तक ये संवत रहेगा। इस दौरान शनि मीन राशि में विराजमान रहेंगे। राहु इस समय कुंभ राशि में हैं और 5 दिसंबर को मकर राशि प्रवेश करेंगे। वहीं केतु सिंह राशि में विराजमान है और 5 दिसंबर को कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बृहस्पति भी वर्ष के प्रारंभ के कुछ समय बाद उच्च राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे कुछ राशियों को विशेष लाभ मिलेगा। मंगल, शुक्र, सूर्य, बुध, चंद्रमा एक निश्चित अवधि के बाद राशि परिवर्तन करते रहेंगे, जिसका असर 12 राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया में देखने को मिलने वाला है।
विक्रम संवत 2083 का देश-दुनिया पर असर?
पंडित केपी शुक्ल के अनुसार, मंगल के कारण इस साल आक्रोश से लेकर टकराव की स्थितियां देखने को मिल सकती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देशों के बीच तनाव हो सकता है। कई बड़े राजनीतिक दबाव हो सकते हैं। कोई प्राकृतिक आपदाएं जैसे आगजनी, सूखा, भूकंप या फिर कम वर्षा जैसी स्थितियां पैसा हो सकती है। ऐसे में महंगाई बढ़ सकती है।
मंगल के कारण लोगों के स्वभाव में में काफी बदलाव होने वाला है। ऐसे में छोटी-छोटी बातों में विवाद से लेकर तनाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही धोखेबाजी से लेकर गलत आचरण में फंस सकते हैं। आर्थिक स्थिति के मामले में भी ये साल काफी चुनौतियां लेकर आ सकता है।
आने वाले महीनों में भारत की राजनीति, महंगाई और सामाजिक माहौल में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संकेत मिल रहे हैं कि महंगाई में बढ़ोतरी की संभावना बनी रहेगी, खासकर 3 जून 2026 से पहले, उसके बाद और फिर 6 दिसंबर 2026 के बाद अलग-अलग चरणों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसी दौरान सोने और चांदी के दामों में भी तेज हलचल संभव है, और नए रिकॉर्ड बनने की आशंका जताई जा रही है।
20 मार्च से 11 मई के बीच जनता में असंतोष, आक्रोश और आंदोलन जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं, जहां राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से रणनीतियां अपनाने की कोशिश करेंगे। इस वर्ष ग्रहों के अनुसार गुरु को राजा और मंगल को मंत्री माना गया है, जिससे सत्ता, शक्ति और आक्रामक फैसलों का प्रभाव बढ़ सकता है। हालांकि, अन्य ग्रहों की स्थिति भी समाज, अर्थव्यवस्था और जनभावनाओं को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती नजर आ सकती है।
विक्रम संवत 2083 का 12 राशियों पर असर
पंडित केपी शुक्ल के अनुसार हिंदू नववर्ष का 12 राशियों के जीवन में मिला-जुला असर देखने को मिलने वाला है।
मेष राशि- इस राशि के जातकों के लिए यह वर्ष अनुकूल रहेगा और बृहस्पति के प्रभाव से परिस्थितियों में सुधार देखने को मिलेगा।
वृषभ राशि- ये साल इस राशि के जातकों के लिए अच्छे और सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने के संकेत हैं।
मिथुन राशि- इस राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी, हालांकि मन में कुछ भ्रम या असमंजस की स्थिति रह सकती है।
कर्क राशि- इन राशियों को नए अवसर सामने आएंगे और समय के साथ परेशानियां धीरे-धीरे कम होती जाएंगी।
सिंह राशि- इस वर्ष मिले-जुले परिणाम मिलेंगे, लेकिन दिसंबर के बाद हालात बेहतर होने लगेंगे।
कन्या राशि- इस राशि के जातकों के लिए ये साल बहुत ही शुभ और समृद्धि देने वाला सिद्ध होगा।
तुला राशि- इस राशि वालों के जीवन में संपत्ति, घर या अन्य बदलाव के योग बनेंगे, हालांकि उन्हें सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
वृश्चिक राशि- साल के आरंभ में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आगे चलकर राहत मिलेगी।
धनु राशि- इस राशि के जातकों के लिए संघर्ष की स्थिति बनी रहेगी, फिर भी उनका साहस और आत्मबल कायम रहेगा।
मकर राशि- इस राशि के लिए यह वर्ष नए अवसरों और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने वाला साबित होगा।
कुंभ राशि- इस साल बड़ी राहत मिलेगी और लंबे समय से चला आ रहा दबाव कम होगा।
मीन राशि- इस राशि के जातकों को शुरुआत में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन समय के साथ स्थितियां उनके पक्ष में सुधरती जाएंगी।
विक्रम संवत 2083 का राशियों पर असर (Hindu New Year 2026 Horoscope)
| राशि | वर्ष का प्रभाव |
| मेष | वर्ष अनुकूल रहेगा, बृहस्पति के प्रभाव से परिस्थितियों में सुधार होगा |
| वृषभ | सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं |
| मिथुन | आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, लेकिन मानसिक भ्रम रह सकता है |
| कर्क | नए अवसर मिलेंगे, समस्याएं धीरे-धीरे कम होंगी |
| सिंह | मिले-जुले परिणाम, दिसंबर के बाद सुधार होगा |
| कन्या | अत्यंत शुभ वर्ष, समृद्धि और सफलता के योग |
| तुला | संपत्ति और जीवन में बदलाव के योग, सावधानी जरूरी |
| वृश्चिक | शुरुआत में कठिनाइयां, बाद में राहत मिलेगी |
| धनु | संघर्ष बना रहेगा, लेकिन साहस कायम रहेगा |
| मकर | नए अवसर और आत्मनिर्भरता में वृद्धि |
| कुंभ | बड़ी राहत मिलेगी, दबाव कम होगा |
| मीन | शुरुआत में चुनौतियां, बाद में स्थितियां बेहतर होंगी |
उपाय-
विक्रम संवत 2083 में शुभ फलों के लिए भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना लाभकारी हो सकता है। इस वर्ष आप ऊँ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। इसके अलावा धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए जाएं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
