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हरियाली तीज 2017: नागपंचमी से पहले दिन मनाई जाएगी तीज, इस दिन हुआ था पार्वती और शिवजी का पुनर्मिलन

Hariyali Teej 2017 Date: इस वर्ष हरियाली तीज का त्योहार 26 जुलाई यानि बुधवार को मनाया जाएगा।

तीज पर झूला झूलती युवती।

हिंदू धर्म में हरियाली तीज को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल हरियाली तीज का त्योहार 26 जुलाई यानि बुधवार को मनाया जाएगा। यह त्योहार नांगपंचमी से पहले मनाया जाएगा। हर साल तीज के त्योहार की तारीख चन्द्रमा के चक्र पर निर्धारित होती है। यह त्योहार भारत के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों जैसे हरियाणा, पंजाब , यूपी और राजस्थान में मनाया जाता है। हरियाणा में इस त्योहार के दिन सरकारी छुट्टी होती है। इस दिन जयपुर में कुछ स्थानों पर प्रसिद्ध कार्यक्रम होते हैं।

पंचाग के हिसाब से हरियाली तीज श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। कई क्षेत्रों में इसे सिंजारा तीज, श्रावणी तीज या छोटी तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता पार्वती और भगवान शिवजी का पुनर्मिलन हुआ था। यही वजह है कि इस दिन भोलनाथ और माता पार्वती का व्रत भी रखा जाता है।

इस त्यौहार के दिन पत्नी अपने पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है। स्त्रियां के मायके से मिठाई और श्रृंगार का सामान अपने ससुराल भेजा जाता है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को भगवान शिवजी और माता पार्वती की कथा सुनना भी जरूरी माना जाता है। कथा सुनने के बाद घर में उत्सव मनाया जाता है।

मान्यता है कि इस दिन पूजा पाठ करने से पार्वती जी प्रसन्न होती हैं। विवाहित महिलाएं अपने मायके जाकर हरियाली त्योहार मनाती हैं। इस दिन झूले झूलने की भी परंपरा हैं। झूले को हरियाली त्योहार का अभिन्न अंग माना जाता है। यह त्योहार मौज-मस्ती का त्योहार माना जाता है। गांवों में इस त्यौहार के दिन मेलों का आयोजन किया जाता है।

सावन के महीने में ज्यादा बारिश होती हैं, जिसके कारण पेड़-पौधे हरे-भरे हो जाते हैं। यही कारण है कि इसे हरियाली तीज भी कहा जाता है। इस त्यौहार के बारे में पौराणिक मान्यता भी है, मान्यता के अनुसार इस दिन माता पार्वती ने सौ सालों तक कठीन तपस्या की थी, जिसके बाद उन्होंने भगवान शिवजी को प्राप्त किया था। यही वजह है कि इस दिन महिलाएं अपने पति के लंबी आयु की सलामती के लिए व्रत रखती हैं।

 

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