वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को भगवान हनुमान जी की जन्म हुआ था। यह दिन भगवान श्रीराम के परम भक्त, असीम शक्ति और भक्ति के प्रतीक श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस साल हनुमान जयंती 2 अप्रैल को मनाई जाएगी। वहीं आपको बता दें कि इस अवसर पर भक्तजन मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और बजरंगबली से सुख, शांति और बल की कामना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके साथ ही आप चाहे, तो बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए इन भजन को सुन या फिर गा सकते हैं। ऐसा करने से आपको हनुमान जी की कृपा प्राप्त हो सकती है। आइए जानते हैं हनुमान जी के कुछ प्रसिद्ध भजन के बारे में…
‘आरती कीजै हनुमान लला की…’, हनुमान जंयती पर बजरंगबली की पूजा इस आरती को गाकर करें संपन्न
भजन- श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में
श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में,
देख लो मेरे दिल के नगीने में।
मुझे कीर्ति न चाहिए, ना यश की तमन्ना,
राम नाम बस जाए मेरे हर कोने में।
श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में…
संकट की घड़ी में नाम तुम्हारा लिया,
हर दुख मिट जाता है तेरे जीने में।
श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में…
भक्ति की ज्योति जलती रहे मन में सदा,
बस जाओ प्रभु मेरे हर एक सीने में।
श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में…
भजन- हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
अष्ट सिद्धि, नव निधि के दाता,
दुखिओं के तुम भाग्यविधाता ।
सियाराम के काज सवारे,
मेरा करो उद्धार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार ।
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी,
तुम पर रीझे अवधबिहारी ।
भक्तिभाव से ध्याऊं तोहे,
कर दुखों से पार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार ।
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
जपूँ निरंतर नाम तिहरा,
अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा ।
रामभक्त मोहे शरण मे लीजे,
भाव सागर से तार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार ।
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना (Ram Na Milege Hanuman Ke Bina)
पार ना लगोगे श्री राम के बिना,
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना।
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना,
श्री राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना।
वेदो ने पुराणो ने कह डाला,
राम जी का साथी बजरंग बाला।
जीये हनुमान नही राम के बिना,
राम भी रहे ना हनुमान के बिना।
जग के जो पालन हारे है,
उन्हे हनुमान बड़े प्यारे है।
कर लो सिफ़ारिश दाम के बिना,
रास्ता ना मिलेगा हनुमान के बिना।
जिनका भरोसा वीर हनुमान,
उनका बिगड़ता नही कोई काम।
लक्खा कहे सुनो हनुमान के बिना,
कुछ ना मिलेगा गुणगान के बिना।
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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
