Hanuman Jayanti 2026 Puja Vidhi, Muhurat, Samagri List, Mantra, Bhajan, Katha, Aarti Lyrics: आज देशभर में हनुमान जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। हनुमान मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिवर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी का जन्म हुआ था। शिवपुराण में बताया गया है कि भगवान शिव ने रुद्र अवतार के रूप में हनुमान जी को जन्म दिया। उनका जन्म माता अंजना और वानरराज केसरी के यहां हुआ था। हालांकि कई लोगों का मानना है कि हनुमान जी का जन्म कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुआ था। इसलिए इस दिन भी हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। चैत्र पूर्णिमा के दिन जन्मे हनुमान जी की विधिवत पूजा करने के साथ-साथ व्रत रखने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से सुख-समृद्धि, धन-संपदा, ऐश्वर्य की प्राप्ति हो सकती है। रोग, दोष और भय से मुक्ति मिल सकती है। इसके अलावा श्री राम के साथ माता सीता की भी कृपा प्राप्त हो सकती है। आइए जानते हैं हनुमान जयंती का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, कथा, चालीसा, भोग, आरती सहित अन्य जानकारी
हनुमान जयंती कब है? (Hanuman Jayanti 2026 Date)
चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि आरंभ -1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से
चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि समाप्त- 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर
हनुमान जयंती 2026 तिथि- 2 अप्रैल 2026, गुरुवार
हनुमान जयंती शुभ मुहूर्त, पूजा विधि। हनुमान जी का भोग। बजंरगबली की पौराणिक कथाएं। हनुमान चालीसा। हनुमान आरती। हनुमान भजन
हनुमान जयंती का शुभ मुहूर्त (Hanuman Jayanti 2026 Shubh Muhurat)
पहला मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 10 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक
दूसरा मुहूर्त- शाम को 6 बजकर 39 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 6 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 38 मिनट से सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक
हनुमान जन्मोत्सव 2026: हनुमान जयंती की व्रत कथा, ऐसे हुआ शिवजी के रुद्र अवतार बजरंगबली का जन्म
हनुमान जयंती 2026 पूजा विधि (Hanuman Jayanti 2026 Puja Vidhi)
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त या फिर सूर्योदय से पहले उठकर नित्य कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें। इसके बाद स्वच्छ कपड़े धारण कर लें। हो सके तो लाल रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि ये रंग हनुमान जी को अति प्रिय है। इसके बाद सबसे पहले एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाकर उसमें हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद जल से आचमन करके शुद्धि करें। फिर फूल, माला, वस्त्र, लाल या गुलाब के फूल, केसर युक्त चंदन, माला, चोला, जनेऊ और लाल लंगोट अर्पित करें। इसके साथ ही चमेली के तेल में लाल सिंदूर मिलाकर तिलक लगाएं। रूई में इत्र लगाकर भी चढ़ा सकते हैं। फिर भोग लगाएं। भोग के बाद घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा, मंत्र, कथा, बजरंग बाण का पाठ करने के बाद हनुमान जी की आरती कर लें। अंत में भूल चूक के लिए माफी मांग लें।
Hanuman Jayanti 2026 Live Update: श्रीहनुमत् पञ्चरत्नम् (Shri Hanumat Pancharatnam)
वीताखिल-विषयेच्छं जातानन्दाश्र पुलकमत्यच्छम् ।
सीतापति दूताद्यं वातात्मजमद्य भावये हृद्यम् ॥१॥
तरुणारुण मुख-कमलं करुणा-रसपूर-पूरितापाङ्गम् ।
सञ्जीवनमाशासे मञ्जुल-महिमानमञ्जना-भाग्यम् ॥२॥
शम्बरवैरि-शरातिगमम्बुजदल-विपुल-लोचनोदारम् ।
कम्बुगलमनिलदिष्टम् बिम्ब-ज्वलितोष्ठमेकमवलम्बे ॥३॥
दूरीकृत-सीतार्तिः प्रकटीकृत-रामवैभव-स्फूर्तिः ।
दारित-दशमुख-कीर्तिः पुरतो मम भातु हनुमतो मूर्तिः ॥४॥
वानर-निकराध्यक्षं दानवकुल-कुमुद-रविकर-सदृशम् ।
दीन-जनावन-दीक्षं पवन तपः पाकपुञ्जमद्राक्षम् ॥५॥
एतत्-एतत्पवन-सुतस्य स्तोत्रं
यः पठति पञ्चरत्नाख्यम् ।
चिरमिह-निखिलान् भोगान् भुङ्क्त्वा
श्रीराम-भक्ति-भाग्-भवति ॥६॥
इति श्रीमच्छंकर-भगवतः
कृतौ हनुमत्-पञ्चरत्नं संपूर्णम् ॥
Hanuman Jayanti 2026 LIVE: हनुमान जयंती पर करें श्री राम की स्तुति
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।
एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।
दोहा - जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।
Hanuman Jayanti 2026 Live Updates: करें लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन
हनुमान जयंती के अवसर पर प्रयाग राज में स्थित लेटे हनुमान मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
गुजरात के राजकोट में स्थित प्रसिद्ध बालाजी मंदिर में हनुमान जयंती के अवसर पर भक्तों भीड़ उमड़ रही है।
Hanuman Jayanti 2026 Live: श्री राम स्तुति
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख
कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि
नव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि
नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव
दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल
चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक
चारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर
संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर
शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु
कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो
वर सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील
स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय
सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि
मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
॥सोरठा॥
जानी गौरी अनुकूल सिय
हिय हरषु न जाइ कहि ।
मंजुल मंगल मूल वाम
अङ्ग फरकन लगे।
Hanuman Jayanti 2026 LIVE Updates: हनुमान जयंती पर करें बजरंग बाण का पाठ
दोहा
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥
चौपाई
जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।
जनके काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै।
जैसे कूदि सिंधु महिपारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा।
आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुरलोका।
जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परमपद लीन्हा।
बाग उजारि सिंधु महँ बोरा। अति आतुर यमकातर तोरा।
अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा।
लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुरपुर मह भई।
अब बिलंब केहि कारन स्वामी। कृपा करहु उर अंतरयामी।
जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होइ दुख करहु निपाता।
जय गिरिधर जय जय सुखसागर। सुर-समूह-समरथ भट-नागर।
ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले। बैरिहि मारु बज्र की कीले।
गदा बज्र लै बैरिहि मारो। महारज प्रभु दास उबारो।
ओंकार हुंकार महाबीर धावो। वज्र गदा हनु बिलम्ब न लावो।
ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा।
सत्य होहु हरि शपथ पायके। राम दूत धरु मारु जायके।
जय जय जय हनुमंत अगाधा। दुख पावत जन केहि अपराधा।
पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत हौं दा तुम्हारा।
वन उपवन मग गिरिगृह माहीं। तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं।
पांय परौं कर जोरि मनावौं। यहि अवसर अब केहि गोहरावौं।
जय अंजनि कुमार बलवंता। शंकर सुवन वीर हनुमंता।
बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रति पालक।
भूत प्रेत पिशाच निशाचर, अग्नि बैताल काल मारीमर।
इन्हें मारु तोहिं सपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की।
जनक सुता हरिदास कहावो। ताकी सपथ विलंब न लावो।
जय जय जय धुनि होत अकाशा। सुमिरत होत दुसह दुख नाशा।
चरण-शरण कर जोरि मनावौं। यहि अवसर अब केहि गोहरावौं।
उठु-उठु चलु तोहिं राम दोहाई। पांय परौं कर जोरि मनाई।
ॐ चं चं चं चं चपल चलंता। ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता।
ॐ हं हं हांक देत कपि चंचल। ओम सं सं सहमि पराने खल दल।
अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होत आनंद हमारो।
यहि बजरंग बाण जेहि मारे। ताहि कहो फिर कौन उबारे।
पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करैं प्राण की।
यह बजरंग बाण जो जापै। तेहि ते भूत प्रेत सब कांपै।
धूप देय अरु जपै हमेशा। ताके तनु नहिं रहे कलेशा।
दोहा
प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज शकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान।।
जय हनुमन्त सन्त हितकारी…हनुमान जयंती पर करें ये बजरंग बाण, जानें धार्मिक महत्व
Hanuman Jayanti 2026 Wishes
राम का हूं भक्त मैं, रूद्र का अवतार हूंअंजनी का लाल हूं मैं, दुर्जनों का काल हूंसाधुजन के साथ हूं मैं, निर्बलो की आस हूंसद्गुणों का मान हूं मैं, हां मैं वीर हनुमान हूं।
Hanuman Jayanti 2026 Live: श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
।।दोहा॥
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमनहरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुखकर कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छविनव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचिनोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानवदैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशलचन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलकचारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धरसंग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकरशेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरुकामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सोवर सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शीलस्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सियसहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनिमुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
॥सोरठा॥जानी गौरी अनुकूल सियहिय हरषु न जाइ कहि ।
मंजुल मंगल मूल वामअङ्ग फरकन लगे।रचयिता: गोस्वामी तुलसीदास
हनुमानजी स्तुति,जय बजरंगी जय हनुमाना,रुद्र रूप जय जय बलवाना
,पवनसुत जय राम दुलारे,संकट मोचन सिय मातु के प्यारे ॥
जय वज्रकाय जय राम केरू दासा,हृदय करतु सियाराम निवासा,
न जानहु नाथ तोहे कस गोहराई,राम भक्त तोहे राम दुहाई ॥
विनती सुनहु लाज रखहु हमारी,काज कौन जो तुम पर भारी,
अष्टसिद्धि नवनिधि केरू भूपा,बखानहु कस विशाल अति रूपा ॥
धर्म रक्षक जय भक्त हितकारी,सुन लीजे अब अरज हमारी,
भूत प्रेत हरहु नाथ बाधा,सन्तापहि अब लाघहु साधा ॥
मान मोर अब हाथ तुम्हारे,करहु कृपा अंजनी के प्यारे,
बन्दतु सौरभ दास सुनहु पुकारी,मंगल करहु हे मंगलकारी ॥
Hanuman Jayanti 2026 Puja Vidhi: हनुमान जयंती 2026 पूजा विधि
हनुमान जन्मोत्सव पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद शुद्ध वस्त्र धारण करें और यदि व्रत रख रहे हैं तो एक हाथ में फूल और थोड़ा सा अक्षत लेकर हनुमान जी का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। पूजा के लिए मंदिर या लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर रखें। जल से आचमन कर अपने आप को शुद्ध करें और फिर भगवान को गुलाब या अन्य फूल चढ़ाएं। इसके बाद सिंदूर लगाएं और चमेली का तेल, केसर युक्त चंदन, चोला, जनेऊ, लाल लंगोट आदि अर्पित करें। एक रूई में इत्र लगाकर भी चढ़ाएं। भोग के रूप में अपनी श्रद्धा अनुसार बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू, गुड़-भीगे चने की दाल आदि अर्पित करें, साथ ही तुलसी के पत्ते और पान का बीड़ा भी रखें। जल चढ़ाने के बाद घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं, अगरबत्ती और धूप जलाकर चालीसा, बजरंग बाण, व्रत कथा आदि कह लें।
श्री हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi)
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।।
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।।
लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे।।
पैठी पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।।
बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।।
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।।
जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै।।
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर बजरंगबली को लगाएं ये भोग
हनुमान जयंती पर अंजनी पुत्र बजंरगबली की विधिवत पूजा करने के साथ उनका प्रिय भोग जरूर अर्पित करना चाहिए। आज उन्हें बूंदी के लड्डी, बेसन के लड्डू, जलेबी, इमरती, केसर भात के अलावा भुना चना और गुड़ अर्पित कर सकते हैं। इससे मारुति पुत्र अति प्रसन्न होते हैं औऱ सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
Hanuman Jayanti 2026 Muhurat: हनुमान जयंती पर चौघड़ियां मुहूर्त
दिन का चौघड़िया
शुभ – उत्तम- 06:10 ए एम से 07:44 ए एम
रोग – अमंगल- 07:44 ए एम से 09:18 ए एम
उद्वेग – अशुभ- 09:18 ए एम से 10:51 ए एम
चर – सामान्य- 10:51 ए एम से 12:25 पी एम
लाभ – उन्नति- 12:25 पी एम से 01:59 पी एम
अमृत – सर्वोत्तम- 01:59 पी एम से 03:32 पी एम
काल – हानि- 03:32 पी एम से 05:06 पी एम (काल वेला)
शुभ – उत्तम- 05:06 पी एम से 06:39 पी एम (वार वेला)
रात्रि का चौघड़िया
अमृत – सर्वोत्तम- 06:39 पी एम से 08:06 पी एम
चर – सामान्य- 08:06 पी एम से 09:32 पी एम
रोग – अमंगल- 09:32 पी एम से 10:58 पी एम
काल – हानि- 10:58 पी एम से 12:24 ए एम, अप्रैल 03
लाभ – उन्नति- 12:24 ए एम से 01:51 ए एम, अप्रैल 03 (काल रात्रि)
उद्वेग – अशुभ- 01:51 ए एम से 03:17 ए एम, अप्रैल 03
शुभ – उत्तम- 03:17 ए एम से 04:43 ए एम, अप्रैल 03
अमृत – सर्वोत्तम- 04:43 ए एम से 06:09 ए एम, अप्रैल 03
आज का पंचांग 2 अप्रैल 2026: हनुमान जयंती आज, जानें शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और राहुकाल का समय
Hanuman Jayanti 2026 Upay: हनुमान जयंती पर करें ये उपाय
हनुमान जयंती पर बजरंगबली की कृपा पाने के लिए आज 11 11 पीपल के पत्ते लेकर साफ कर लें। इसके बाद इसमें सिंदूर और तमेली तेल के मिश्रण से श्री राम लिख लें औ माला बना लें। इसके बाद इसे हनुमान मंदिर जाकर उन्हें अर्पित कर दें। ऐसा करने से हनुमान जी अति प्रसन्न होते हैं।
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी की पूजा करते समय महिलाएं ध्यान रखें ये बातें
हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी कहा जाता है। लेकिन उनके लिए हर महिला माता के समान है। इसलिए आप उनकी विधिवत पूजा कर सकती हैं।
भगवान हनुमान को पंचामृत से स्नान नहीं करना चाहिए।
महिलाओं को कभी भी बजरंग बाण का पाठ नहीं करना चाहिए। इसके बजाय आप हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं।
महिलाओं को हनुमान जी को चोला और जनेऊ आदि नहीं चढ़ाना चाहिए।
Hanuman Jayanti 2026: अकबर का जुल्म और 40 दिन कैद, जानें तुलसीदास ने कैसे लिखी थी हनुमान चालीसा
आज हनुमान जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। देशभर में हनुमान मंदिरों पर भक्तों का तांता लगा हुआ है। हनुमान जयंती पर बजरंगबली की विधिवत पूजा करने के साथ-साथ हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण से लेकर रामायण का पाठ करना लाभकारी माना जाता है। आज भी किसी भी प्रकार के संकट आने पर हनुमान चालीसा के पाठ की सलाह पंडित या फिर घर के बड़े लोग देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलयुग में हनुमान जी सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले जीवंत देवता हैं। जीवन की हर समस्या का समाधान हनुमान चालीसा के पाठ से संभव माना गया है। इसका नियमित रूप से पाठ करने से हर एक चुनौती, परेशानियां समाप्त हो सकती है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान चालीसा, वीर हनुमान को प्रसन्न करने के लिए सबसे सरल और प्रभावशाली स्तुति मानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसीदास जी से हनुमान चालीसा कब और किन परिस्थितियों में लिखी थी। इसको लेकर एक पौराणिक कथा काफी प्रचलित है। आइए जानते हैं इसके बारे में...
मुगल सम्राट अकबर के जुल्म और कैद की गाथा! तुलसीदास जी ने ऐसे लिखी थी हनुमान चालीसा
दोहा
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।
चौपाई
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।
कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा।।
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
कांधे मूंज जनेऊ साजै।
संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बन्दन।।
विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।।
भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।
लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।
जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।
तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना।।
जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।
राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डर ना।।
आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।
भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।
नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।
सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै।।
चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।
साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।
तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।
अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।
और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।
संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।
जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई।।
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।
दोहा
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार हनुमान जयंती के दिन सुबह 6:10 बजे से 7:44 बजे तक पूजा का उत्तम समय था। अ्गर आप सुबह के समय हनुमान जी की पूजा नहीं कर पाएं हैं, तो शाम को 6:39 बजे से 8:06 बजे तक भी पूजा कर सकते हैं। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:50 बजे तक रहेगा।
Hanuman Naam Jaap: हनुमान जी के इन 12 नामों का करें जाप
शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी के कुल 108 नाम है। लेकिन इनमें से 12 नाम प्रमुख है। हनुमान जयंती के दिन इन नामों का जाप करने से व्यक्ति के हर एक दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और धन-संपदा की प्राप्ति होती है। इसलिए आप हनुमान, अंजनी पुत्र, वायुपुत्र, महाबल, रामेष्ट, फाल्गुनसखा, पिंगाक्ष, अमितवक्रिम, उदधिक्रमण, सीताशोकविनाशक, लक्ष्मण प्राणदाता, दशग्रीवपर्दहा आदि नामों का जाप करें।
Hanuman Jayanti 2026 Vrat Katha In Hindi: हनुमान जयंती व्रत कथा
हनुमान जी के जन्म को लेकर वाल्मीकि रामायण, शिव पुराण, स्कंद पुराण आदि ग्रंथों में विस्तार से बताया गया है। इन ग्रंथों में हनुमान जी के जन्मोत्सव से लेकर शिव अवतार की कथा आदि बताई गई है।
हनुमान जन्मोत्सव 2026: हनुमान जयंती की व्रत कथा, ऐसे हुआ शिवजी के रुद्र अवतार बजरंगबली का जन्म
हनुमान जयंती 2026 पूजन सामग्री लिस्ट (Hanuman Jayanti 2026 live)
हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र, लाल वस्त्र और लंगोट, लाल फूल और माला, अक्षत (चावल), चंदन, धूप, दीपक (मिट्टी/पीतल), गाय का घी, चमेली का तेल, पान के पत्ते, सुपारी, लौंग, इलायची, बीड़ा, सिंदूर, हनुमान जी का ध्वज, जनेऊ, चरण पादुका, हनुमान चालीसा, शंख, घंटी, नैवेद्य और भोग विशेष रूप से बूंदी के लड्डू आदि।
हनुमान जी को चोला चढ़ाने की विधि (Hanuman Chola Chadane Ki Vidhi)
हनुमान जयंती, मंगलवार या शनिवार के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद हनुमान जी की मूर्ति का गंगाजल से अभिषेक करें। फिर सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर सबसे पहले चरणों में लगाएं और उसके बाद पूरे शरीर पर अर्पित करें।
इसके पश्चात हनुमान जी को लंगोट, जनेऊ आदि अर्पित करें। साथ ही 11 या 21 पीपल के पत्तों पर सिंदूर से “श्री राम” लिखकर उनकी माला बनाएं और भगवान को अर्पित करें। यह विधि श्रद्धा और भक्ति के साथ करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
Hanuman Jayanti 2026 Puja Mantra: हनुमान जी के 5 प्रभावशाली मंत्र
ॐ तेजसे नम:
ॐ प्रसन्नात्मने नम:
ॐ शूराय नम:
ॐ शान्ताय नम:
ॐ मारुतात्मजाय नम:
Hanuman Jayanti 2026 Live: हनुमान जन्मोत्सव पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप
मेष राशि के जातकों को हनुमान जी की कृपा पाने के लिए इस दिन ‘ॐ हं हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए। वृषभ राशि वाले ‘ॐ अंजनीसुताय नमः’ मंत्र का जाप करें, जिससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। मिथुन राशि के जातकों के लिए ‘ॐ धर्मानुजाय नमः’ मंत्र शुभ माना गया है, जो सफलता और आर्थिक समृद्धि दिलाता है। कर्क राशि वाले ‘ॐ बजरंगाय नमः’ मंत्र का जाप करें, इससे मानसिक चिंता दूर होती है और धन लाभ के योग बनते हैं।
सिंह राशि के जातकों को ‘ॐ महाबलाय नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए, जो आत्मविश्वास बढ़ाने और मन को शांत करने में सहायक है। कन्या राशि वाले ‘ॐ हरये नमः’ मंत्र का जाप करें, इससे स्वास्थ्य में सुधार और उन्नति के मार्ग खुलते हैं। तुला राशि के जातकों के लिए ‘ॐ मारुतात्मजाय नमः’ मंत्र का जाप लाभकारी है, जिससे पारिवारिक और करियर जीवन में संतुलन बना रहता है। वृश्चिक राशि वाले ‘ॐ संकटमोचनाय नमः’ मंत्र का जाप करें, जिससे जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
धनु राशि के जातकों को ‘ॐ श्रीरामदूताय नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए, जो आध्यात्मिक शक्ति और मानसिक शांति प्रदान करता है। मकर राशि वाले ‘ॐ वीर हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करें, इससे रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और धन लाभ होता है। कुंभ राशि के जातकों के लिए ‘ॐ चिरंजीवीनाय नमः’ मंत्र शुभ माना गया है। वहीं, मीन राशि वाले ‘ॐ द्रौणाचलधराय नमः’ मंत्र का जाप करें, जिससे मन को शांति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
हनुमान जी की पूजा में सिंदूर का विशेष महत्व माना जाता है। आपने अक्सर देखा होगा कि मंदिरों में हनुमान जी की मूर्तियाँ सिंदूर से सजी होती हैं। इसके पीछे एक सुंदर और भावुक कथा प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एक दिन हनुमान जी ने माता सीता को अपनी मांग में सिंदूर लगाते हुए देखा। उन्होंने जिज्ञासावश उनसे पूछा कि वे सिंदूर क्यों लगाती हैं। इस पर माता सीता ने मुस्कराते हुए बताया कि वह अपने पति भगवान श्रीराम की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए सिंदूर लगाती हैं।
यह सुनकर हनुमान जी अत्यंत भावुक हो गए। उन्होंने सोचा कि जब थोड़ा सा सिंदूर भगवान राम की दीर्घायु के लिए इतना फलदायी है, तो क्यों न वे अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लें। इसी भाव से उन्होंने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया। जब भगवान राम ने उन्हें इस रूप में देखा, तो कारण पूछा। तब हनुमान जी ने सरलता और भक्ति भाव से कहा कि जब माता सीता थोड़े से सिंदूर से आपकी लंबी आयु की कामना करती हैं, तो मैंने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाकर आपके लिए और अधिक आशीर्वाद मांगा है।
हनुमान जी की यह अटूट भक्ति और समर्पण भाव ही सिंदूर को उनकी पूजा में इतना विशेष बनाता है।
हनुमान जयंती 2026 पूजा विधि (Hanuman Jayanti 2026 Puja Vidhi)
आज उठकर अपने दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान कर लें और साफ वस्त्र धारण कर लें। इसके बाद अगर आप इस दिन व्रत रखने की सोच रहे हैं, तो बजरंगबली का मनन करते हुए व्रत का संकल्प ले लें। इसके बाद एक तांबे के लोटे में जल, सिंदूर, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। इसके बाद पूजा आरंभ करें।
सबसे पहले एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाकर उसमें हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद जल से आचमन करके शुद्धि करें। फिर फूल, माला, वस्त्र आदि के बाद सिंदूर अर्पित करें। इसके बाद चमेली का तेल, लाल या गुलाब के फूल, केसर युक्त चंदन, माला, चोला, जनेऊ और लाल लंगोट अर्पित करें। चाहें तो रूई में इत्र लगाकर भी चढ़ा सकते हैं।
भोग के रूप में बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू, गुड़ में भीगे चने या अपनी श्रद्धा अनुसार अन्य प्रसाद अर्पित करें और साथ में तुलसी दल तथा पान का बीड़ा भी चढ़ाएं। इसके बाद जल अर्पित करें।
फिर शुद्ध घी या चमेली के तेल का दीपक जलाकर, धूप और अगरबत्ती के साथ भगवान की मूर्ति के सामने तीन बार घुमाते हुए आरती करें। इसके पश्चात हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और हनुमान मंत्रों का पाठ करें। अंत में हनुमान जी की आरती करें और पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए माफी मांग लें।
हनुमान जयंती पर बन रहा शुभ योग (Hanuman Jayanti 2026 Shubh Yog)
आज हनुमान जयंती पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ धुव्र योग बन रहा है, जो सुबह 6 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा ध्रुव योग सूर्योदय से लेकर दोपहर 2 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। फिर व्याघात योग आरंभ हो जाएगा। इसके अलावा हस्त और चित्रा नक्षत्र बनेगा।
Hanuman Jayanti 2026 Live: हनुमान जी को अर्पित करें ये चीजें
हनुमान जयंती पर पवनपुत्र हनुमान की विधिवत पूजा करने के साथ-साथ कुछ चीजें अर्पित की जाती है। इससे वह अति प्रसन्न होते हैं। इसलिए हनुमान जन्मोत्सव पर उन्हें लाल रंग की लगोटी, खड़ाऊ, जनेऊ आदि अर्पित कर सकते है। इससे शनि दोष के दुष्प्रभाव भी कम हो सकते हैं।
बाला जी की आरती (Bala Ji Aarti Lyrics)
ॐ जय हनुमत वीरा,स्वामी जय हनुमत वीरा ।
संकट मोचन स्वामी,तुम हो रनधीरा ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
पवन पुत्र अंजनी सूत,महिमा अति भारी ।दुःख दरिद्र मिटाओ,संकट सब हारी ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
बाल समय में तुमने,रवि को भक्ष लियो ।देवन स्तुति किन्ही,तुरतहिं छोड़ दियो ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
कपि सुग्रीव राम संग,मैत्री करवाई।अभिमानी बलि मेटयो,कीर्ति रही छाई ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
जारि लंक सिय-सुधि ले आए,वानर हर्षाये ।कारज कठिन सुधारे,रघुबर मन भाये ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
शक्ति लगी लक्ष्मण को,भारी सोच भयो ।लाय संजीवन बूटी,दुःख सब दूर कियो ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
रामहि ले अहिरावण,जब पाताल गयो ।ताहि मारी प्रभु लाय,जय जयकार भयो ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
राजत मेहंदीपुर में,दर्शन सुखकारी ।मंगल और शनिश्चर,मेला है जारी ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
श्री बालाजी की आरती,जो कोई नर गावे ।कहत इन्द्र हर्षित,मनवांछित फल पावे ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
Lord Hanuman Names: हनुमान जन्मोत्सव पर करें बजरंगबली के इन नामों का जाप
ॐ हनुमान, ॐ अंजनीसुत, ॐ वायुपुत्र, ॐ महाबल, ॐ रामेष्ठ ॐ फाल्गुनसखा , ॐ पिंगाक्ष , ॐ अमितविक्रम, ॐ उदधिक्रमण , ॐ सीताशोकविनाशन , ॐ लक्ष्मणप्राणदाता , ॐ दशग्रीवदर्पहा
Hanuman Jayanti 2026 LIVE: हनुमान स्तुति: जय बजरंगी जय हनुमाना
हनुमानजी स्तुति,जय बजरंगी जय हनुमाना,
रुद्र रूप जय जय बलवाना,पवनसुत जय राम दुलारे,
संकट मोचन सिय मातु के प्यारे ॥
जय वज्रकाय जय राम केरू दासा,हृदय करतु सियाराम निवासा,
न जानहु नाथ तोहे कस गोहराई,राम भक्त तोहे राम दुहाई ॥
विनती सुनहु लाज रखहु हमारी,काज कौन जो तुम पर भारी,
अष्टसिद्धि नवनिधि केरू भूपा,बखानहु कस विशाल अति रूपा ॥
धर्म रक्षक जय भक्त हितकारी,सुन लीजे अब अरज हमारी,
भूत प्रेत हरहु नाथ बाधा,सन्तापहि अब लाघहु साधा ॥
मान मोर अब हाथ तुम्हारे,करहु कृपा अंजनी के प्यारे,
बन्दतु सौरभ दास सुनहु पुकारी,मंगल करहु हे मंगलकारी ॥
