आज दिव्य धाम की सीरीज में हम बात करने हैं बजरंगबली के प्रसिद्ध मंदिर हनुमान गढ़ी के बारे में, जो उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर अयोध्या में स्थित है। यह मंदिरभगवान हनुमान को समर्पित सबसे प्रमुख और प्राचीन मंदिरों में से एक है। वहीं यह मंदिर अयोध्या के धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। मान्यता है कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालु यदि सबसे पहले हनुमान गढ़ी में दर्शन करते हैं, तो उनकी यात्रा पूर्ण मानी जाती है और भगवान राम के दर्शन का विशेष फल प्राप्त होता है।
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हनुमान गढ़ी का इतिहास
हनुमान गढ़ी मंदिर का इतिहास कई शताब्दियों पुराना माना जाता है। कहा जाता है कि इस मंदिर का वर्तमान स्वरूप 10वीं शताब्दी के आसपास स्थापित हुआ, जबकि बाद में कई राजाओं और संतों ने इसका जीर्णोद्धार कराया। मंदिर एक ऊंचे टीले पर बना हुआ है, जहां पहुंचने के लिए लगभग 70 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। यह किलेनुमा संरचना मंदिर को एक अलग पहचान देती है और इसकी प्राचीनता को दर्शाती है।
हनुमान गढ़ी का धार्मिक महत्व
हनुमान गढ़ी मंदिर में बजरंगबली के बाल स्वरूप की पूजा की जाती है, जो भक्तों की रक्षा करते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। कहा जाता है कि भगवान हनुमान यहां एक गुफा में रहकर अयोध्या और भगवान राम की रक्षा करते थे। यही कारण है कि इस मंदिर को अयोध्या का “रक्षक द्वार” भी कहा जाता है। हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और विशेष रूप से रामनवमी और हनुमान जयंती पर यहां भव्य आयोजन होता है। यहां हनुमान जी बाल रूप में माता अंजनी के साथ विराजमान हैं, और मंदिर के चारों तरफ हनुमान चालीसा की चौपाइयां लिखी हुई हैं।
कैसे पहुंचे हनुमान गढ़ी
हनुमान गढ़ी मंदिर पहुंचना काफी आसान है। यहां सबसे पास हवाई अड्डा महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जहां से मंदिर की दूरी लगभग 10 से 12 किलोमीटर है। वहीं अगर हम रेलवे स्टेशन की बात करें तो मंदिर से सबसे पास अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन है। वहीं सड़क मार्ग की बात करें तो लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों से अयोध्या के लिए बस और टैक्सी से पहुंच सकते हैं।
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
