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4 महीने उल्टी चाल चलेंगे गुरु बृहस्पति, इन 3 राशि वालों को धनलाभ के साथ भाग्योदय के भी प्रबल योग

वैदिक ज्योतिष अनुसार गुरु ग्रह मीन राशि में वक्री हुए हैं। गुरु ग्रह के वक्री होने से 3 राशि वालों को अच्छा धनलाभ हो सकता है।

4 महीने उल्टी चाल चलेंगे गुरु बृहस्पति, इन 3 राशि वालों को धनलाभ के साथ भाग्योदय के भी प्रबल योग
देवताओं के गुरु बृहस्पति- (जनसत्ता)

Guru Planet Vakri 2022 : वैदिक ज्योतिष के अनुसार हर ग्रह- नक्षत्र एक निश्चित समय अंतराल पर राशि परिवर्तन और वक्री होता है और वक्री होने का प्रभाव मानव जीवन और देश- विदेश पर देखने को मिलता है। आपको बता दें कि देवताओं के गुरु बृहस्पति 29 जुलाई को अपनी स्वराशि मीन में वक्री हुए हैं। जहां वो लगभग 4 महीने तक वक्री अवस्था में स्थित रहेंगे। गुरु ग्रह के वक्री होने का असर सभी राशियों पर पड़ेगा। लेकिन 3 राशियां ऐसीं हैं जिनको इस दौरान विशेष धनलाभ हो सकता है। आइए जानते हैं ये राशियां कौन सीं हैं…

वृष राशि: गुरु बृहस्पति के वक्री होते ही आप लोगों के अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं। क्योंकि देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि से 11वें स्थान में वक्री हुए हैं। जिसे ज्योतिष में इनकम और लाभ का स्थान माना जाता है। इसलिए इस दौरान आपकी आय में अच्छी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। साथ ही इस समय आपके आय के नए- नए माध्यम भी बनेंगे। व्यापार में अच्छा धनलाभ हो सकता है। साथ ही कोई नई व्यावसायिक डील भी फाइनल होने से अच्छा लाभ हो सकता है। आप लोग इस दौरान वाहन और प्रापर्टी खरीदसकते हैं या जमीन- जायदाद में निवेश कर सकते हैं। साथ ही गुरु बृहस्पति आपके 8वें स्थान के स्वामी हैं। इसलिए इस दौरान जो लोग शोध की फील्ड से जुड़े हुए हैं उनको ये समय लाभप्रद साबित हो सकता है। साथ ही इस समय आपको कोई कोई पुराने रोग से छुटकारा मिल सकता है।

मिथुन राशि: गुरु बृहस्पति के मीन राशि में वक्री होते ही आप लोगों के अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं। क्योंकि गुरु ग्रह आपके दशम भाव में वक्री हुए हैं। जिसे नौकरी, व्यापार और कार्यक्षेत्र का भाव माना जाता है। इसलिए इस समय आपको नई नौकरी का ऑफर आ सकता है। साथ ही इस समय आपका इंक्रीमेंट और प्रमोशन भी होने की संभावना है। साथ ही इस समय आपको व्यापार में अच्छा मुनाफा हो सकता है। साथ ही इस समय आपके नए व्यावसायिक संबंध बन सकते हैं और व्यापार का विस्तार होने से अच्छा लाभ हो सकता है। आप लोग एक पन्ना और पुखराज धारण कर सकते हैं, जो आपके लिए लकी रत्न साबित हो सकता है। हालांकि यहां पर यह देखना जरूरी है कि आपकी जन्मकुंडली में गुरु और बुध ग्रह के आपस में कैसे संबंध हैं।

कर्क राशि: गुरु ग्रह के वक्री होते ही आप लोगों की जिंदगी में कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। क्योंक गुरु ग्रह आपके नवम भाव में वक्री हुए हैं। जिसे भाग्य और विदेश यात्रा का स्थान माना जाता है। इसलिए इस समय आपको भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है। साथ ही गुरु ग्रह के वक्री होते ही आपके अटके हुए काम बनेंगे। वहीं इस समय आप कारोबार के सिलसिले से यात्रा भी कर सकते हैं, जो आपके लिए भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकती है। वहीं जिन लोगों का कारोबार विदेश से जुड़ा हुआ है उन लोगों को अच्छा मुनाफा हो सकता है।

वहीं गुरु ग्रह आपके छठे भाव के स्वामी हैं, जिसे रोग, कोर्ट- कचहरी और शत्रु का भाव माना जाता है। इसलिए इस दौरान आपको शत्रुओं पर विजय हासिल हो सकती है और गुप्त शत्रुओं का नाश होगा। आपके साहस- पराक्रम में वृद्धि होगी। आप इस समय एक मोती रत्न धारण कर सकते हैं।

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