Kab Hai Guru Purnima: गुरु पूर्णिमा सनातन धर्म का एक अत्यंत पवित्र और श्रद्धा का पर्व है, जो आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। यह दिन गुरु, आचार्य और ज्ञान देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति सम्मान और समर्पण व्यक्त करने का अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। उन्होंने वेदों का विभाजन, महाभारत की रचना और अनेक पुराणों की रचना की थी। इसी कारण गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपने गुरु का पूजन करते हैं, उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। साथ ही ज्ञान और सद्बुद्धि की कामना करते हैं।

गुरु पूर्णिमा की तिथि (Kab Hai Guru Purnima)

फ्यूचर पंचांग के अनुसार इस बार आषाढ़ पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई 2026 की शाम 06 बजकर 22 मिनट से आरंभ होगी। साथ ही पूर्णिमा तिथि का समापन 29 जुलाई 2026 की रात 08 बजकर 08 मिनट पर होगा। ऐसे में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को ही मनाई जाएगी।

गुरु पूर्णिमा शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:17 बजे से सुबह 04:59 बजे तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02:43 बजे से दोपहर 03:37 बजे तक
संध्य काल मुहूर्त- शाम 07:14 बजे से रात 08:17 बजे तक

गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

सनातन परंपरा में गुरु को भगवान से भी ऊxचा स्थान दिया गया है, क्योंकि गुरु ही व्यक्ति को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। आपको बता दें कि गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु पूजन, भगवान विष्णु की आराधना, महर्षि वेदव्यास का स्मरण, दान-पुण्यऔर सत्संग का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सच्चे मन से गुरु का सम्मान करने से जीवन में ज्ञान, सफलता, सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह पर्व हमें अपने जीवन में गुरु के मार्गदर्शन का सम्मान करने, अच्छे संस्कार अपनाने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

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डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।