Guru Margi 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु बृहस्पति को देवताओं को गुरु माना जाता है। ये अत्यंत शुभ और कल्याणकारी ग्रह माना जाता है। ऐसे में गुरु की स्थिति में बदलाव का असर 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर में भी देखने को मिलती है। इस समय गुरु मिथुन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है। गुरु बृहस्पति को ज्ञान, अपार धन, सुखद विवाह, योग्य संतान, उच्च शिक्षा, भाग्य, धर्म और आध्यात्म का कारक माना जाता है। इस समय गुरु मिथुन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है। गुरु के मिथुन राशि में वक्री होने से जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न हुई होगी। वहीं 11 मार्च को गुरु बृहस्पति इस राशि में मार्गी हो जाएंगे। गुरु के सीधी चाल चलने से जातकों के रुके काम पूरे होने के साथ-साथ बंद किस्मत के ताले खुल सकते हैं। मन में स्पष्टता आ सकती है। जीवन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलने लगते हैं। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं गुरु के मार्गी होने से किन राशियों को मिल सकता है लाभ…
द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 मार्च 2026 को देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में अपनी वक्री चाल समाप्त कर मार्गी होने जा रहे हैं। सीधी चाल में आने के बाद गुरु का अगला बड़ा राशि परिवर्तन 2 जून 2026 को होगा, जब वे अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। जिस समय गुरु मार्गी होंगे तब वह अति शुभ नक्षत्र पुनर्वसु में विचरण कर रहे होंगे।
मेष राशि (Mesh Zodiac)
मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का मार्गी होना लाभकारी हो सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली के तीसरे भाव में गुरु मार्गी होंगे। इस भाव को पराक्रम, संचार और भाई-बहनों का कारक माना जाता है। ऐसे में गुरु के सीधी चाल चलने से इस राशि के जातकों के साहस, पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिल सकती है। आपकी संवाद शैली में भी अच्छा बदलाव हो सकता है। नौकरी करने वाले जातकों के लिए ये अवधि काफी लाभकारी हो सकती है। दरअसल, गुरु बृहस्पति की नौवीं दृष्टि 11वें भाव में पड़ रही है। ऐसे में रुका हुआ इंक्रीमेंट या प्रमोशन मिल सकता है। आय के नए स्त्रोत खुल सकते हैं। बिजनेसमैन और व्यापारियों के लिए ये अवधि लाभकारी हो सकती है। नई डील, साझेदारी हो सकती है, जिससे आपको अच्छा खासा लाभ मिल सकता है। दांपत्य जीवन की बात करें, तो लंबे समय से चली आ रही समस्याएं अब समाप्त हो सकती है। पार्टनर के साथ आपके रिश्ते मजबूत हो सकते हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा की चाह रखने वाले विद्यार्थियों को अच्छा खासा लाभ मिल सकता है। विदेश जाने के मौके मिल सकते हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है।
उपाय- गुरुवार को पीले कपड़े में चने की दाल लें और इसे भगवान विष्णु के मंदिर में अर्पित करें।
वृषभ राशि ( Vrishabha Zodiac)
वृषभ राशि के जातकों के लिए भी बृहस्पति का मार्गी काल अत्यंत लाभकारी हो सकता है। इस राशि के दूसरे भाव में गुरु मार्गी होंगे। धन भाव में बृहस्पति के मार्गी होने से आर्थिक स्थिति अच्छी होने के कई अधिक योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा जातकों के लिए भी ये अवधि अच्छी रहने वाली है। आपके द्वारा किए जा रहे काम की सराहना वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। आपको नई जिम्मेदारियों दी जा कती है। इसके अलावा उच्च अधिकारियों के सहयोग के संकेत मिल रहे हैं। व्यापारियों के लिए भी ये अवधि काफी अधिक जाने वाली है। आपको काफी अधिक मुनाफा हो सकता है। धन में वृद्धि के योग बन रहे हैं। इसके अलावा पुराने फंसे हुए पैसे वापस आएंगे। प्रेम और दांपत्य जीवन में मिठास आएगी। गुरु का मार्गी होना विद्यार्थियों के लिए काफी अच्छा हो सकता है। इस राशि के जातकों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में सफलता हासिल हो सकती है।
उपाय- गुरु के शुभ फलों के लिए गुरुवार को हल्दी लगी आटे की लोई में गुड़ रखकर किसी गाय को खिलाने खिलाएं।
मिथुन राशि ( Mithun Zodiac)
इस राशि में गुरु बृहस्पति लग्न भाव में सीधी चाल चलेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। मानसिक तनाव से मुक्ति मिलने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेज होगा। पॉजिटिव एनर्जी के कारण आपको काफी लाभ मिल सकता है विवाह, संतान, व्यापार के क्षेत्र में काफी लाभ मिल सकता है। नई नौकरी के कई अवसर मिल सकते हैं। छात्रों के लिए भी ये अवधि लाभकारी हो सकता है। रिसर्च करने वालों को काफी सफलता हासिल हो सकती है।
उपाय
मिथुन राशि वाले गुरु की कृपा पाने के लिए गुरुवार को हल्दी जल से स्नान डालकर नहाएं। इसके अलावा विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
