Navpancham Rajyog 2026 (नवपंचम राजयोग 2026): वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर ग्रह एक निश्चित अवधि के बाद राशि परिवर्तन करते हैं और इसका असर वैश्विक स्तर में देखने को मिलता है। बता दें कि इस समय देवताओं के गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में मार्गी अवस्था में विराजमान है। इस राशि में रहकर वह किसी न किसी ग्रह के साथ युति, दृष्टि डालते रहेंगे, जिससे शुभ-अशुभ राजयोगों का निर्माण होगा। ऐसे ही आज यानी अप्रैल को सायंकाल में गुरु बुध के साथ संयोग करके शक्तिशाली नवपंचम राजयोग बनाएंगे। इस राजयोग का निर्माण होने से 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से प्रभाव देखने को मिलने वाला है। लेकिन इनमें से इन 5 राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है।
अगर किसी जातक की कुंडली में गुरु दोष है, तो रोजाना ॐ बृं बृहस्पतये नमः का जप करना चाहिए। इसके अलावा गुरुवार को पीली चीजों का दान करें। इसके अलावा बुध की स्थिति कमजोर होने पर बुधवार को हरे वस्त्र धारण करने के साथ हरी चीजों का दान करें। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं गुरु-बुध के कोणीय स्थिति से बना नवपंचम राजयोग किन राशि के जातकों के लिए लाभकारी हो सकता है।
द्रिक पंचांग के अनुसार, 3 अप्रैल को 4:55 पी एम से गुरु-बुध एक-दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवपंचम राजयोग का निर्माण तब होता है जब दो ग्रह एक-दूसरे से पंचम (5वें) और नवम (9वें) भाव के संबंध में होते हैं। जहां एक ओर बुध और गुरु 120 डिग्री पर होंगे। वहीं दूसरी ओर मिथुन राशि में विराजमान गुरु कुंभ राशि में पंचम भाव और बुध मिथुन राशि के नौवें भाव में विराजमान होंगे।
कर्क राशि (Cancer Zodiac)
इस राशि के जातकों के लिए नवपंचम राजयोग कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली में गुरु 12वें और बुध आठवें भाव में विराजमान होंगे। ऐसे में इस राशि के जीवन में खुशियां ही खुशियां आ सकती है। अध्यात्म की ओर झुकाव होगा, जिससे आप किसी धार्मिक स्थल पर जा सकते हैं। भौतिक सुखों की प्राप्ति हो सकती है। छात्रों के लिए ये अवधि काफी लाभकारी हो सकती है। घर में सुख-शांति आ सकती है। नौकरीपेशा जातक काम के सिलसिले में यात्राएं कर सकते हैं। इससे आने वाले समय में लाभ मिल सकता है।
तुला राशि (Libra Zodiac)
तुला राशि के जातकों के लिए नवपंचम राजयोग अनुकूल हो सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली के नौवें भाव में गुरु और पंचम भाव में बुध रहने वाले हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को हर क्षेत्र में किस्मत का साथ मिल सकता है। लंबे समय से रुका काम एक बार फिर से आरंभ हो सकता है। नौकरीपेशा जातकों के लिए ये अवधि अच्छी जा रही है। जिस काम या प्रोजेक्ट में आप मेहनत कर रहे हैं। उसे आप सफल हो सकते हैं। ऐसे में आपका क्लाइंट खुश हो सकता है। आपके काम के कारण आपकी पदोन्नति से लेकर धन लाभ हो सकता है। व्यापार से जुड़े जातकों को विशेष लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। वैवाहिक जीवन अच्छा जाने वाला है। आप ऊर्जावान महसूस करेंगे।
मीन राशि (Pisces Zodiac)
मीन राशि के जातकों के लिए गुरु और बुध के संयोग से बना नवपंचम राजयोग लाभकारी साबित हो सकता है। इस राशि के चतुर्थ भाव में गुरु और बारहवें भाव में बुध रहने के कारण माता-पिता का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। वाहन, घर या संपत्ति खरीदने का सपना पूरा हो सकता है और घर-परिवार में खुशियां बनी रहेंगी। माता का स्वास्थ्य धीरे-धीरे सुधर सकता है। नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय सफलता और सम्मान लेकर आएगा, जबकि व्यापारियों, विशेषकर रियल एस्टेट से जुड़े लोगों के लिए लाभदायक रहेगा। विद्यार्थी इस समय पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
कुंभ राशि (Aquarius Zodiac)
इस राशि के लग्न भाव में बुध और पंचम भाव में गुरु विराजमान रहेंगे। ऐसे में दोनों की कोणीय स्थिति में बना नवपंचम राजयोग इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। इस राशि के जातकों की निर्णय क्षमता में तेजी से वृद्धि हो सकती है। ऐसे में आप कई योजनाओं को सफल कर सकते हैं। आमदनी अच्छी रहने वाली है। नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो इस अवधि में लाभ मिल सकता है। नौकरी में ट्रांसफर के योग बन रहे हैं। इससे आप संतुष्ट नजर आ सकते हैं।
धनु राशि (Sagittrius Zodiac)
धनु राशि के जातकों के लिए गुरु-बुध का नवपंचम राजयोग लकी हो सकता है। इस राशि के सप्तम भाव में गुरु मार्गी है और तीसरे भाव में बुध विराजमान है। इस समय मीन राशि के जातकों के वैवाहिक जीवन में पहले से चली आ रही समस्याएं या तनाव समाप्त होने की संभावना है। अविवाहित लोगों के लिए शादी का प्रस्ताव आ सकता है। गुरु की सातवीं दृष्टि लग्न पर होने के कारण नौकरीपेशा जातकों को भी करियर में लाभ मिल सकता है, आय में वृद्धि के साथ पदोन्नति के योग बन रहे हैं। वहीं, व्यापार के क्षेत्र में भी लाभ प्राप्त होने की संभावना है।
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ग्रहों की स्थिति के हिसाब से ये राशिफल निकाला जाता है, जो सामान्य होता है। इसलिए जरूरी नहीं है कि ये हर व्यक्ति पर 100% एक जैसा लागू हो। हर व्यक्ति की जिंदगी अलग होती है क्योंकि जन्म कुंडली (Birth Chart) में दशा–अंतर्दशा, लग्न, ग्रह स्थिति हर एक चीज अलग-अलग होते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
