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चंद्र ग्रहण 2018: सूतक के दौरान क्या करें और क्या ना करें, जानिए

Grahan in July 2018, Chandra Grahan 2018 Today Time Timings, Today Chandra Grahan 2018 Time: क्या आप जानते हैं कि सूतक के दौरान भोजन बनाने की भी मनाही है? इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को इस दौरान चाकू जैसी नुकीली चीजों का प्रयोग करने के लिए मना किया गया है।

Author नई दिल्ली | July 27, 2018 8:10 PM
Grahan in July 2018, Chandra Grahan 2018 Today Time: क्या आप जानते हैं कि सूतक के दौरान भोजन बनाने की भी मनाही है?

Grahan in July 2018, Chandra Grahan 2018 Today Time Timings, Today Chandra Grahan 2018 Time: ग्रहण के दौरान लगने वाले सूतक को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया गया है। सूतक के संदर्भ में कई तरह की बातें कही गई हैं। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो चंद्र ग्रहण के शुरू होने के 9 घंटे पहले ही सूतक का प्रभाव आरंभ हो जाता है। मालूम हो कि ग्रहण की तरह ही सूतक के दौरान भी कुछ खास बातों का ध्यान रखने के लिए कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि इन बातों का पालन नहीं करने पर ग्रहण दोष लगता है। ऐसा कहा जाता है कि सूतक काल में प्रकृति अत्यंत ही संवेदनशील हो जाती है। ऐसे में घटना-दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। इस दौरान यात्रा करते समय विशेष रूप से सावधानी बरतने की बात कही गई है। चलिए विस्तार से जानते हैं कि चंद्र ग्रहण के सूतक काल में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

ऐसी मान्यता है कि सूतक काल में भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए। हालांकि यह बात बच्चों, बूढ़ों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों पर लागू नहीं होती। कहते हैं कि सूतक काल में सात्विक आहार ही लेना चाहिए। इसमें बच्चे, बूढ़े, गर्भवती महिलाएं और बीमार व्यक्ति दूध, फल और सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। कहा जाता है कि सूतक काल में भोजन करने से पाप लगता है। मालूम हो कि सूतक काल में शौचालय जाने के लिए भी मना किया गया है।

क्या आप जानते हैं कि सूतक के दौरान भोजन बनाने की भी मनाही है? इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को इस दौरान चाकू जैसी नुकीली चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही सूतक काल में सिलाई व कढ़ाई करने के लिए भी मना किया गया है। बता दें कि सूतक काल में अपने पितरों को याद करने की बात कही गई है। इस दौरान भगवान को याद करना भी शुभ माना गया है। सूतक काल में मंत्रों का जाप भी किया जा सकता है। कहते हैं सूतक काल में धार्मिक कथाएं सुननी चाहिए।

बता दें कि चंद्र ग्रहण के दौरान देव पूजा को भी निषिद्ध बताया गया है। इसी वजह से ग्रहण लगने के 12 घंटे से पूर्व ही सूतक लगने का प्रावधान है। और सूतक के दौरान मंदिरों के पट भी बंद कर दिए जाते हैं। हालांकि सूतक काल में घर पर बैठकर मंत्रों का जाप किया जा सकता है। आप धार्मिक कथाएं भी सुन सकते हैं।

ऐसा कहा जाता है कि ग्रहण का प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर कुछ ज्यादा ही पड़ता है। यह मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की छाया आदि से विशेष रूप से बचना चाहिए। यानी कि ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं का घर में रहना ही बेहतर माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि साल 2018 का पहला चंद्र ग्रहण 31 जनवरी को पड़ा था। यह 152 साल बाद ऐसा चंद्र ग्रहण था, जो 77 मिनट तक के लिए देखा गया था। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान चांद 30 फीसदी ज्यादा चमकीला था। इस प्रकार से यह एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना थी।

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