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इस तरह रत्नों को धारण करने से होता है फायदा, जानिए रत्नों के महत्व

विशेषज्ञ कहते हैं कि भारतीय समयानुसार, जन्मराशी या चन्द्रराशि के आधार पर रत्नों को पहनना चाहिए ये शुभ होते हैं।

ज्योतिषियों के अनुसार पन्ना रत्न को अंगूठी में जड़वाने के दिन से तीन साल तक प्रभावशाली रहता है। (Source: By Invite Only)

कई लोग शोक के लिए रत्नों को पहनते हैं तो वहीं कई लोग विशेषज्ञों की सलाह पर रत्नों को गृहण करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हर किसी को सलाह लेकर ही रत्नों को गृहण करना चाहिए। आज हम आपके लिए लाएं हैं पं. शाशि मोहन बहल के द्वारा लिखी गई किताब रत्न रंग और रुद्राक्ष से खास जानकारी, किताब के अनुसार अंग्रेजी महीने में जन्म लेने वाले व्यक्ति को कौनसा रत्न पहनना चाहिए।

किताब के अनुसार- जनवरी में जन्म लेने वाले को गार्नेट एंव हायसिय पहनना चाहिए वहीं फरवरी में जन्में लोगों को एमेथाइस्ट, मार्च वालों को जेस्पर एंव हेलिओट्प, अप्रैल वालों को सेफायर,मई वालों को अगेट, जून वालों को एमराइल्ड मेनू स्टोन एंव केलसेडनी, जुलाई वालों को ओनिक्स सैरडोनिक्स या रूबी, अगस्त वालों को कार्नेलियन या सर्ड, सितम्बर वालों को क्राइसोलिट, अक्टूबर वालों को एक्वोमेरीन, नवम्बर वालों को टोपाज और दिसम्बर में जन्म लेने वालों लोगों को क्राईसोप्रोज एंव टरक्यइज रत्न पहनने की सलाह दी जाती है।

ज्योतिष में राशियों का बहुत महत्व होता है। जानकार बताते हैं कि रत्नों को राशि के अनुसार पहनने से फल मिलता है। भारतीय समयानुसार, जन्मराशी या चन्द्रराशि के आधार पर रत्नों को पहनना शुभ माना जाता है। जैसे कि- मेष राशि के लोगों के लिए मूंगा रत्न अच्छा माना जाता है तो वहीं वृष के लिए हीरा या पन्ना, मिथुन के लिए पन्ना अथवा मोती, कर्क के लिए मोती अथवा नीलम, सिंह के लिए माणिक्य, कन्या के लिए पन्ना, तुला के लिए श्वेत पुखराज, वृश्चिचक के लिए मूंगा, धनु के लिए पीला पुखराज, मकर के लिए नीलम, कुम्भ के लिए फिरोजा और मीन के लिए गोमेद रत्न को अच्छा माना जाता है।

रत्न पहनते समय राशि का खास ध्यान रखना चाहिए। राशि के अनुसार रत्न पहनना ही अच्छा माना जाता है। इन सबके अलावा लहसुनियां-हीरा, मूंगा-नीलम, नीलम-माणिक इन सभी को कभी एक साथ नहीं पहनना चाहिए। आप इन रत्नों को एक साथ तभी पहन सकते हैं तब ग्रहों की अवस्था हो या दशा-अन्तर्दशा चल रही हो। ये रत्न तभी आपके लिए फायदायी होते हैं।

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