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Ganga Dussehra 2019: आज है गंगा दशहरा, जानें कैसे करें पूजा और क्या है इसका महत्व

इस दिन सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए। अगर पास में गंगा नदी मौजूद हो तो वहां जाकर स्नान करना चाहिए। अगर गंगा नदी मौजूद नहीं हो तो आस-पास की किसी भी नदी में जाकर स्नान कर लेना चाहिए और अगर ऐसा कर पाना भी संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान कर लेना चाहिए।

Author नई दिल्ली | June 12, 2019 7:50 AM
12 जून को मनाया जा रहा है गंगा दशहरा।

गंगा दशहरा 2019: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का काफी महत्व माना जाता है। क्योंकि इस दिन मां गंगा धरती पर आईं थी। इसलिए गंगा दशहरा वाले दिन गंगा में स्नान का भी काफी महत्व होता है। हिंदू महीना ज्येष्ठ के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इस त्यौहर को मनाया जाता है। मान्यता है कि गंगा दशहरा वाले दिन गंगा में स्नान करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही इस दिन दान करने का भी विशेष महत्व माना जाता है।

इस दिन सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए। अगर पास में गंगा नदी मौजूद हो तो वहां जाकर स्नान करना चाहिए। अगर गंगा नदी मौजूद नहीं हो तो आस-पास की किसी भी नदी में जाकर स्नान कर लेना चाहिए और अगर ऐसा कर पाना भी संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान कर लेना चाहिए। ध्यान रखें कि स्नान के दौरान ‘ऊँ नम: शिवाय नारायण्यै दशहराय गंगाय नम:’ मंत्र का जप करना चाहिए। इसके बाद ‘ ऊँ नमो भगवते एं ह्रीं श्रीं हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे मां पावय स्वाहा’ मंत्र का भी जप करें। इस दिन 10 अंक का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए जप करते हुए 10 फूल अर्पित करें। पूजा में जिस भी सामग्री का प्रयोग करें वह संख्‍या में 10 होनी चाहिए। जैसे 10 दीपक, 10 तरह के फूल, 10 दस तरह के फल आदि।

क्योंकि इस दिन दान पुण्य का काफी महत्व माना जाता है इसलिए गंगा दशहरा पर शीतलता प्रदान करने वाली वस्‍तुएं दान की जाती हैं। इनमें आप ठंडे फल, पंखा, मटका, सत्‍तू का दान कर सकते हैं। इस दिन घरों में भगवान सत्‍यनारायण की कथा भी करवाई जाती है। गंगा दशहरा के दिन देश भर में बड़ी संख्या में भक्‍त प्रयागराज, गढ़मुक्‍तेश्‍वर, हरिद्वार, ऋषिकेश, वाराणसी और गंगा नदी के अन्‍य तीर्थ स्‍थानों पर डुबकी लगाते हैं। इस अवसर पर यहां मेला भी देखने को मिलता है। भक्त यहां लस्सी, शरबत, शिकंजी जैसे पेय पदार्थ तथा जलेबी, मालपुआ, खीर और फल तरबूज जैसी मिठाइयां बांटते हैं। कुछ जगहों पर आज के दिन पतंग उड़ाकर भी गंगा दशहरा का जश्न मनाया जाता है।

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