Ganesha Jayanti 2018 Vrat Vidhi: Lord Ganesha Loves Laddu As Bhog, Read Here Which Process Of Puja Will Success Vrat - गणेश जयंती 2018 व्रत विधि: भगवान गणेश को पसंद है लड्डू, जानें किस विधि बना सकते हैं चौथ के व्रत को सफल - Jansatta
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गणेश जयंती 2018 व्रत विधि: भगवान गणेश को पसंद है लड्डू, जानें किस विधि बना सकते हैं चौथ के व्रत को सफल

विनायक चतुर्थी के दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्रों को धारण करें। लाल या पीले रंग पहनने की कोशिश करें, माना जाता है कि श्रीगणेश को लाल और पीले रंग पंसद हैं।

भगवान श्री गणेश की पूजा के समय मुंह उत्तर और पूर्व की तरफ करना चाहिए।

हिंदू पंचाग के अनुसार हर माह में दो बार चतुर्थी का व्रत आता है। जिसमें से शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा से लाभ प्राप्त होता है। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालु विनायक चतुर्थी के दिन व्रत करते हैं। माना जाता है कि भगवान गणेश को चतुर्थी तिथि बहुत प्रिय है। उन्होनें माता चतुर्थी को वरदान दिया था कि जो भी इस दिन उनका व्रत करेगा, उनकी वे सारी इच्छाएं पूरी कर देंगे। मान्यता है कि विनायक चतुर्थी के दिन व्रत करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। इस दिन निराहर और फलाहार दोनों तरह के व्रत किए जाते हैं। व्रत रखने के लिए कोई एक तय विधि नहीं है, लेकिन फिर भी कुछ मान्यताओं का पालन किया जाता है।

विनायक चतुर्थी के दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्रों को धारण करें। लाल या पीले रंग पहनने की कोशिश करें, माना जाता है कि श्रीगणेश को लाल और पीले रंग पंसद हैं। व्रत रखने वाले इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखें। इसके बाद पूजा के लिए साफ-सुथरा और स्वच्छ आसन लगाएं और उस पर बैठकर भगवान गणेश का पूजन करें। इस दौरान ये ध्यान रखें कि भगवान श्री गणेश की पूजा के समय मुंह उत्तर और पूर्व की तरफ करें। भगवान श्री गणेश को फल, फूल, रौली, मौली, अक्षत, पंचामृत और अन्य सामाग्री के साथ स्नान कराएं। स्नान कराने के बाद श्री गणेश की विधिवत रुप से पूजा करें। पूजा के दौरान धूप-दीप से गणेशी जी की आराधना करें। भगवान गणेश को लड्डू का भोग पसंद है, कोशिश करें कि गुड़ या तिल के लड्डू का उन्हें भोग लगाएं।

व्रत करने वाले लोग शाम के समय गणेश चतुर्थी की कथा सुनें या पढ़ें। इसके अलावा उनकी आरती भी करें। भगवान गणेश की पूजा के बाद गणेश मंत्र ‘ऊं गणेशाय नमः अथवा ऊं गणपतये नमः का 108 बार जप करें। वहीं इस दिन गरीबों को दान करना भी शुभ माना जाता है। गरीबों को कंबल, आटा, कपड़े, तिल-गुड़ के लड्डू या अन्य जरुरत का सामान दिया जा सकता है। इसी के साथ गणेश पूजा करते समय सावधान रहें कि तुलसी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। विनायक चतुर्थी का पूजन दिन के मध्य में किया जाता है, जिसे हिंदू पंचाग के अनुसार मध्यान्ह कहा जाता है। विनायक चतुर्थी का व्रत जीवन की शांति और सुख प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस दिन संतान की इच्छा रखने वाली महिलाएं व्रत करती हैं।

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