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Ganesh Chaturthi 2018 पूजा विधि और शुभ मुहूर्त: इस पूजन विधि से करें गणपति बप्पा की आराधना, जानें सामग्री और शुभ मुहूर्त

Ganesh Chaturthi 2018 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List, Mantra, Time Samay, Items, Procedure in Hindi: भगवान गणेश की पूजा के लिए कई चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बताया जाता है कि भगवान गणेश को लड्डू बहुत पसंद हैं। इसलिए उन्हें लड्डू जरूर चढ़ाएं।

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Ganesh Chaturthi 2018 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List, Mantra, Time, Procedure, गणेश चतुर्थी पूजा विधि: भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस साल 13 सितंबर, दिन बृहस्पतिवार को गणेश चतुर्थी पड़ रही है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन गणेश उत्सव मनाने की परंपरा महाराष्ट्र से शुरू हुई थी। आज की तारीख में गणेश उत्सव भारत के दक्षिण और पश्चिम राज्यों में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह उत्सव गणेश चतुर्थी से प्रारंभ होता है और कुल 10 दिनों तक चलता है। 11वें दिन यानी कि अनंत चतुर्दशी पर गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। मालूम हो कि गणेश चतुर्थी की एक खास पूजा विधि है। चलिए इसे जानते हैं।

पूजा विधि: गणेश चतुर्थी पर सबसे पहले घी का दीपक जलाएं। अब पूजा का संकल्‍प लें। इसके बाद गणेश जी का ध्‍यान करें और उनका आह्वन करें। गणेश जी को स्‍नान कराएं। इसके लिए आप पहले जल का इस्तेमाल करें। इसके बाद पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और चीनी का मिश्रण) से उन्हें नहलाएं। अंत में फिर से उन्हें जल से स्‍नान कराएं। स्नान कराने के बाद आप गणेश जी को वस्‍त्र चढ़ाएं। गणेश जी की प्रतिमा पर सिंदूर, चंदन, फूल और फूलों की माला अर्पित करें और धूप दिखाएं। अब उन्हें मोदक, मिठाई, गुड़ और फल चढ़ाएं।

इसके बाद गणेश जी को नारियल और दक्षिणा प्रदान करें। परिवार के सभी सदस्यों के साथ उनकी आरती करें। इसके बाद हाथों में फूल लेकर गणपति के चरणों में अर्पित करें। अब गणपति की परिक्रमा करें। मालूम हो कि गणपति की परिक्रमा एक से अधिक बार नहीं की जाती है। अब आप बड़े ही श्रद्धाभाव से गणेश जी से किसी भी तरह की गलती के लिए माफी मांगें। अंत में आप गणपति बप्पा को साष्टांग प्रणाम करें।

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शुभ मुहूर्त: माना जाता है कि भगवान गणेश का जन्म दोपहर में हुआ था। इसलिए इनकी पूजा दोपहर में करनी शुभ होती है। गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न 12 बजे का समय गणेश पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

गणेश चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 12 सितंबर 2018, शाम 4 बजकर 7 मिनट।
गणेश चतुर्थी तिथि समाप्त: 13 सितंबर 2018, दोपहर 2 बजकर 51 मिनट।
पूजा का समय: 13 सितंबर, सुबह 11 बजकर 9 मिनट से 1 बजकर 35 मिनट तक।

पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान: गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति की पूजा में कुछ खास बातों का ध्यान रखने के लिए कहा गया है। कहते हैं कि गणेश जी की पूजा में इस्तेमाल होने वाले दीपक को कभी भी खुद से नहीं बुझाना चाहिए। इसके साथ ही दीपक को किसी दूसरे दीपक से ना जलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को अपने जीवन में आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है।

गणेश चतुर्थी की पूजा में इस बात का ध्यान रखने के लिए कहा गया है कि गलती से भी गणपति बप्पा को एक साथ से प्रणाम ना करें। शास्त्रों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि गणेश जी को एक हाथ से प्रणाम करने से पुण्य की प्राप्ति नहीं होती। इसके साथ ही इससे व्यक्ति के नरक में जाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

गणेश चतुर्थी पर गणपति बप्पा की पूजा में इस बात का ध्यान रखें कि आपने किसी दूसरे शख्स की अंगूठी ना धारण की हुई हो। कहते हैं कि दूसरों की अंगूठी धारण करके गणेश जी की पूजा करने से उसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए यदि आपकी अंगुली किसी दूसरे शख्स की अंगूठी हो तो उसे निकाल दें।

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