ताज़ा खबर
 

Gajlaxmi Vrat 2019: महालक्ष्मी व्रत 21 सितंबर को हो रहा है संपन्न, इस दिन चांदी का हाथी खरीदना होता है शुभ, जानें व्रत की पूजा विधि

Mahalaxmi Ashtami Vrat 2019 (Gajlaxmi Vrat 2019 Date): जहां पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2019) में नई वस्तु खरीदने की मनाही होती है वहीं इसकी अष्टमी तिथि (Ashtami Tithi) को सोना खरीदना काफी शुभ माना जाता है। इस दिन हाथी पर सवार मां लक्ष्मी की पूजा होती है। व्रत वाले दिन महालक्ष्मी की कथा (Mahalakshmi Vrat Katha) पढ़ी जाती है।

Gajlaxmi Vrat 2019, गजलक्ष्मी व्रत 2019, पितृपक्ष, 21 sept, चांदी का हाथी, गजलक्ष्मी व्रत, महालक्ष्मी उत्सव, Gaj Laxmi Vrat, Mahalaxmi Vrat 2019, shradh Ashtami, shradh 2019, pitru paksh ashtami, श्राद्ध पक्ष की अष्टमी, महालक्ष्मी पूजा, पूजन की सरल विधि, पितृ पक्ष का दिन, पितृपक्ष के आठवें दिन खरीदें चांदी का हाथी, Gaj Laxmi Vrat and Silver Elephant, श्राद्ध पक्ष में आने वाली अष्टमी, गजलक्ष्मी व्रत, चांदी का हाथी, महागजलक्ष्मी व्रत,हाथी पूजन का महत्व,हाथी पर सवार मां लक्ष्मी, चांदी या सोने का हाथी, गजलक्ष्मी व्रत 21 सितंबर 2019Mahalakshmi Vrat Vidhi And Katha: इस दिन हाथी पर सवार मां लक्ष्मी की पूजा होती है।

वैसे तो श्राद्ध पक्ष में शुभ कार्य वर्जित होते हैं। लेकिन पितृ पक्ष के 16 दिनों में से अष्टमी का दिन काफी शुभ माना जाता है। क्योंकि इस दिन को माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त है। जहां पितृ पक्ष में नई वस्तु खरीदने की मनाही होती है वहीं इसकी अष्टमी तिथि को सोना खरीदना काफी शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन सोना खरीदना फलदायी होता है। साथ ही इस तिथि में शादी की खरीदारी भी की जा सकती है। इस दिन हाथी पर सवार मां लक्ष्मी की पूजा होती है। इस दिन पिछले 16 दिनों से चला आ रहा महालक्ष्मी व्रत संपन्न होता है।

भाद्रपद के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि से मां महालक्ष्मी की पूजा शुरू होती है जो आश्विन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि तक होती है। 16 दिनों तक चलने वाली इस विशेष पूजा में मां लक्ष्मी के गजलक्ष्मी स्वरूप की उपासना की जाती है। कई लोग इन 16 दिनों तक व्रत रखते हैं।

महालक्ष्मी व्रत कथा जानें यहां

महालक्ष्मी व्रत विधि (Mahalaxmi Vrat Vidhi) :

इस व्रत की पूजा शाम के समय होती है। इस दिन शाम को स्नान कर घर के मंदिर में एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछा लें। फिर उस पर केसर मिले चंदन से अष्टदल बना लें और उस पटरे पर चावल रख जल कलश रखें।

– कलश के पास हल्दी से कमल बना लें और उस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति विराजमान करें।

– मिट्टी का हाथी बाजार से लाकर या घर पर बनाकर उसे स्वर्णाभूषणों से सजाएं।

– अगर संभव हो तो इस दिन नया सोना खरीदकर उसे हाथी पर चढ़ाएं।

– अपनी श्रद्धानुसार सोने या चांदी का हाथी भी ला सकते हैं। इस दिन चांदी के हाथी का ज्यादा महत्व माना गया है। इसलिए अगर संभव हो तो पूजा स्थान पर चांदी के हाथी का प्रयोग करें।

– अब माना लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने श्रीयंत्र रखें और कमल के फूल से पूजन शुरू करें।

– पूजा में सोने-चांदी के सिक्के, मिठाई और फल का प्रयोग करें।

21 या 22 सितंबर कब रखें जितिया व्रत

– अब माता लक्ष्मी के सभी आठ रूपों की नीचे दिये गये मंत्रों के साथ कुमकुम, अक्षत और फूल चढ़ाते हुए पूजा अर्चना करें।
– ॐ आद्यलक्ष्म्यै नम:
– ॐ विद्यालक्ष्म्यै नम:
– ॐ सौभाग्यलक्ष्म्यै नम:
– ॐ अमृतलक्ष्म्यै नम:
– ॐ कामलक्ष्म्यै नम:
– ॐ सत्यलक्ष्म्यै नम:
– ॐ भोगलक्ष्म्यै नम:
– ॐ योगलक्ष्म्यै नम:

– आखिर में घी के दीपक से पूजा कर कथा सुनें, माता लक्ष्मी की आरती करें और उन्हें भोग लगाएं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Jitiya Vrat 2019 Date: जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पारण का समय जानिए
2 Finance Horoscope Today, September 19, 2019: कन्या राशि वालों को आर्थिक नुकसान होने की संभावना, इस राशि के जातकों की बढ़ सकती है सैलरी
3 Shradh 2019: श्राद्ध में अष्टमी और नवमी तिथि का है खास महत्व, जानिए तिथि और श्राद्ध करने की सबसे सरल विधि
ये पढ़ा क्या...
X