ताज़ा खबर
 

Krishna Janmashtami 2019: जन्माष्टमी पर अपनों को भेजिए गीता के ये 10 प्रेरणादायक उपदेश

Janmashtami Wishes in Hindi, Geeta Updesh: मन चंचल होता है, वह इधर उधर भटकता रहता है। लेकिन अशांत मन को अभ्यास से वश में किया जा सकता है।

geeta gyan, srimad bhagwat geeta in hindi, geeta gyan in hindi, geeta updesh in hindi, geeta famous quotes, geeta important quotesगीता ज्ञान: जो ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखता है, उसी का नजरिया सही है। इससे वह इच्छित फल की प्राप्ति कर सकता है।

Janmashtami Quotes: कहा जाता है कि गीता में जीवन का सार है। यानी जो व्यक्ति इस ग्रंथ को पढ़कर इस पर लिखी गई बातों पर अमल कर लेता है तो उसका जीवन सार्थक हो जाता है। महाभारत युद्ध के दौरान जब अर्जुन के कदम युद्ध से डगमगाने लगे थे तब भगवान कृष्ण के उपदेशों के द्वारा वे फिर से लक्ष्य प्राप्त करने की और अग्रसर हुए। श्रीमद्भागवत गीता न केवल धर्म का उपदेश देती है, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाती है। व्‍यक्ति के जन्‍म लेने से मृत्‍यु तक और उसके बाद के चक्र को भी श्रीमद्भगवतगीता में विस्‍तार से बताया गया है। अर्जुन और श्रीकृष्ण के संवाद लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। यहां जानिए गीता के 10 ऐसे उपदेश, जिसे पढ़कर आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाने में सक्षम होंगे…

– गीता में लिखा है क्रोध से भ्रम पैदा होता है, भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है। जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाते हैं। जब तर्क नष्ट होते हैें तो व्यक्ति का पतन शुरू हो जाता है।

– व्यक्ति को आत्म मंथन करना चाहिए। आत्म ज्ञान की तलवार से व्यक्ति अपने अंदर के अज्ञान को काट सकता है। जिससे उत्कर्ष की ओर प्राप्त होता है।

– मन पर नियंत्रण करना बेहद आवश्यक है। जो व्यक्ति मन पर नियंत्रण नहीं कर पाते, उनका मन उनके लिए शत्रु का कार्य करता है।

– जो ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखता है, उसी का नजरिया सही है। इससे वह इच्छित फल की प्राप्ति कर सकता है।

– मन चंचल होता है, वह इधर उधर भटकता रहता है। लेकिन अशांत मन को अभ्यास से वश में किया जा सकता है।

– प्रकृति के विपरीत कर्म करने से मनुष्य तनाव युक्त होता है। यही तनाव मनुष्य के विनाश का कारण बनता है। केवल धर्म और कर्म मार्ग पर ही तनाव से मुक्ति मिल सकती है।

– बुद्धिमान व्यक्ति कार्य में निष्क्रियता और निष्क्रियता देखता है। यही उत्तम रूप से कार्य करने का साधन है।

– गीता में भगवान कहते हैं मनुष्य जैसा कर्म करता है उसे उसके अनुरूप ही फल की प्राप्ति होती है। इसलिए सदकर्मों को महत्व देना चाहिए।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Janmashtami ke bhajan: श्री कृष्ण के इन सुपरहिट भजनों के बिना अधूरा है कृष्ण जन्मोत्सव का सेलिब्रेशन
2 Khesari Lal Yadav का ‘मुरली की धुन सुनके’ गाना हो गया वायरल, लोग इसे बार-बार देख रहे हैं
3 Krishna Janmashtami 2019: द्वापर युग के संयोग में मनाई जायेगी जन्माष्टमी, पूजा का मिलेगा दोगुना फल
ये पढ़ा क्या...
X