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Gupt Navratri 2019: गुप्त नवरात्र का पहला दिन, जानें मां शैलपुत्री की आरती और मंत्र

First day of gupt navratri: मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ के शुक्लपक्ष पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। इस दौरान माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा के साथ-साथ दस महाविद्याओं की भी पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्र में साधना पर बल दिया जाता हैं।

Author नई दिल्ली | July 3, 2019 11:02 AM
गुप्त नवरात्र का पहला दिन, ऐसे करें पूजा।

गुप्त नवरात्रि 03 जुलाई से शुरु गई हैं और आज इस नवरात्रि का पहला दिन है। इन दिनों माता के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। साल में आने वाली चार नवरात्रि में से इस नवरात्रि का भी अपना अलग महत्व होता है। आपको बता दें कि साल में दो प्रकट और दो गुप्त नवरात्रि आती हैं। मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ के शुक्लपक्ष पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। इस दौरान माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा के साथ-साथ दस महाविद्याओं की भी पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्र में साधना पर बल दिया जाता हैं। साथ ही तंत्र व मंत्र तथा गोपनीय अनुष्ठान किए जाते हैं, जो रात्रि में होते हैं। जानिए नवरात्र के पहले दिन माता शैलपुत्री की आरती और उनके मंत्र के बारे में…

आरती देवी शैलपुत्री जी की
शैलपुत्री मां बैल असवार।
करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी।
तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे।
जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू।
दया करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी।
आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो।
सगरे दुख तकलीफ मिला दो।
घी का सुंदर दीप जला के।
गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं।
प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी अंबे।
शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो।
भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।

नवरात्र के पहले दिन पूजा के समय इस मंत्र का करें जाप: ‘या देवी सर्वभूतेषु प्रकृति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो।’

गुप्त नवरात्रि के दौरान बरतें ये सावधानियां- घर के मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई रखें। देवी की पूजा में रोली, मौली, साबुत चावल, धूप, दीप, लौंग, इलायची, सुपारी, जायफल, कुमकुम, मेहंदी, लाल और पीला वस्त्र आदि समस्त सामग्री को प्रयोग करें। इन सभी सामग्री को माता को अर्पण करने के बाद इस मंत्र का जाप करें, ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाये विच्चे’। जाप करने के बाद छोटी कन्याओं को प्रसाद स्वरूप मिठाई और फल बाटें। घर मे प्याज, लहसुन और तामसिक चीजों का प्रयोग करने से परहेज करें।

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