Emerald Benefits and Effects: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, गणित, चतुरता, व्यापार, करियर और मित्र का कारक माना जाता है। साथ ही बुध ग्रह का कन्या और मिथुन राशि का स्वामी माना जाता है। वहीं पन्ना रत्न का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। मान्यता ह पन्ना पहनने से करियर और कारोबार में तरक्की मिलती है। साथ ही व्यक्ति की वाणी में प्रभाव बढ़ता है। वाणी में प्रभाव बढ़ता है। ज्योतिष अनुसार पन्ना धारण करने से बुद्धि तेज होती है है। साथ ही स्मरण शक्ति बढ़ाती है और मानसिक एकाग्रता को सुधारती है आइए जानते हैं पन्ना धारण करने की सही विधि और इसके लाभ…
इन राशियों के लिए पन्ना रहता है शुभ
रत्न शास्त्र मुताबिक अगर आपकी राशि कन्या और मिथुन है तो आप अपनी जन्मकुंडली दिखाकर पन्ना पहन सकते हैं। वहीं अगर जन्मपत्री में बुध ग्रह उच्च का या मित्र राशि का स्थित हैं तो भी पन्ना धारण कर सकते हैं। वहीं कुंडली के पंचम, लग्न और नवम स्थान में मिथुन या कन्या राशि है तो भी पन्ना धारण करना लाभकारी रहता है। साथ ही अगर आप पर बुध की महादशा चल रही है और बुध कुंडली में शुभ विराजमान हैं तो आप पन्ना धारण कर सकते हैं। यदि कुंडली में बुध शुभ भाव में हो या योगकारक बन रहा हो, तो वृष और तुला राशि के जातक भी ज्योतिषीय सलाह के बाद पन्ना धारण कर सकते हैं। वहीं पन्ना के साथ मूंगा धाऱण करने से बचना चाहिए।
पन्ना धारण करने के लाभ
पन्ना धाऱण करने से बुद्धि और स्मरण शक्ति में वृद्धि हो सकती है। साथ ही वाणी में प्रभाव और संवाद कौशल बेहतर होता है। वहीं पन्ना पहनने से कारोबार- करियर में लाभ लाभ के योग बनते हैं। साथ ही आर्थिक स्थिति सुधार होता है। वहीं इसे धारण करने से त्वचा रोगों में भी लाभ मिलता है। वहीं वहीं जो लोग मीडिया, संगीत, गणित और फिल्म लाइन से जुड़े हुए हैं, वो लोग पन्ना धारण कर सकते हैं। वहीं पन्ना धारण करने से डिवेटिंग पावर बढ़ती है। साथ ही पन्ना पहनने से त्वचा और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलने की संभावना रहती है।
जानिए धारण करने की सही विधि
पन्ना को मार्केट से करीब सवा 7 रत्ती खरीदना शुभ रहता है। वहीं पन्ना को बुधवार के दिन पहन सकते हैं। साथ ही पन्ना को बुध की होरा में धारण कर सकते हैं। वहीं पन्ना को सोने के धातु में पहनना शुभ रहता है। वहीं पन्ना हाथ की सबसे छोटी ऊंगली (कनिष्ठा) में धारण किया जाता है। वहीं इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पन्ना धारण करने से एक रात पहले उसे गंगाजल, शहद, मिश्री और दूध के घोल में डुबोकर रख दें। उसके बाद शुद्ध करके धारण कर लें। पन्ना धारण करने के बाद ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” – मंत्र का 108 बार जप करें।
पन्ना रत्न की ये है पहचान
रत्न शास्त्र अनुसार प्राकृतिक पन्ने में हल्के दाग-धब्बे हो सकते हैं, यह उसकी पहचान होती है। साथ ही बहुत अधिक चमकदार और बिल्कुल साफ पत्थर अक्सर सिंथेटिक हो सकते हैं। पन्ना रत्न में हल्के रेशे होते हैं। वहीं आपको बता दें कि पानी में डालने पर असली पन्ना अपनी चमक बरकरार रखता है। साथ ही आजकल लैब टैस्टेट रत्न बाजार में मिलते हैं। जिनके सर्टिफिकेट पर पत्थर का वजन, रंग और उसकी शुद्धता का स्पष्ट उल्लेख होता है। इसलिए सर्टिफिकेट के साथ ही खरीदें।
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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
