हिंदू धर्म में एकदंत संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित होता है। ज्येष्ठ माह में आने वाली यह चतुर्थी विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत और उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और धन-समृद्धि के द्वार खुलने की मान्यता है। वहीं इस साल एकदंत संकष्टी चतुर्थी 5 मई को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं एकदंत चतुर्थी के दिन कौन से उपाय करने चाहिए…
संकष्टी चतुर्थी मई, 2026 तिथि समय
संकष्टी चतुर्थी तिथि का प्रारंभ- 05 मई, प्रातः 5:24 से
संकष्टी चतुर्थी तिथि का अंत- 06 मई, प्रातः 7:51 तक
2 शुभ योग में एकदंत संकष्टी चतुर्थी
पंचांग के मुताबिक 5 मई को एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन 2 शुभ योग बन रहे हैं। आपको बता दें कि शिव योग प्रात:कल से लेकर 6 मई को 12:17 ए एम तक रहेगा। वहीं उसके बाद से सिद्ध योग बनेगा।
धन-समृद्धि के लिए करें ये उपाय
- गणेश जी को दूर्वा और मोदक अर्पित करें
भगवान गणेश को दूर्वा (घास) और मोदक अत्यंत प्रिय हैं। इस दिन 21 दूर्वा और मोदक अर्पित करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने की मान्यता है।
- इस मंत्र का जाप करें
संकष्टी चतुर्थी के दिन ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और धन लाभ के योग बनते हैं।
- चंद्रमा को अर्घ्य दें
संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही पूर्ण होता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति और समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है।
- गरीबों को दान करें
इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या धन का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे पुण्य फल मिलता है और आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं।
- घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाएं
लाल रंग या रोली से घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाना शुभता और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
