बदलेगी देश की दिशा और दशा

गुरु मकर से कुंभ राशि में चले जाएंगे। कुछ राशि वालों के लिए यह सुखद परिवर्तन होगा। गुरु का शनि की राशि में आना सबसे अधिक मौसम को प्रभावित करेगा। इस वर्ष सर्दी की बरसात, कड़ाके की ठंड घना कोहरा, स्माग, शीत लहर, अधिक बर्फबारी, समुद्री तूफानों, चक्रवातों प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सरकारों और आम जन को सचेत रहना चाहिए।

मदन गुप्ता सपाटू
जब भी बड़े ग्रह राशि परिवर्तन करते हैं, मेदनीय ज्योतिष के अनुसार लोक भविष्य में एक अद्वितीय बदलाव आता है। गुरु मकर से कुंभ राशि में चले जाएंगे। कुछ राशि वालों के लिए यह सुखद परिवर्तन होगा। गुरु का शनि की राशि में आना सबसे अधिक मौसम को प्रभावित करेगा। इस वर्ष सर्दी की बरसात, कड़ाके की ठंड घना कोहरा, स्माग, शीत लहर, अधिक बर्फबारी, समुद्री तूफानों, चक्रवातों प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सरकारों और आम जन को सचेत रहना चाहिए। कोरोना प्रभाव कम होता जाएगा। राज्यों में राजनीतिक परिवर्तन होंगे।

ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति एक शुभ ग्रह है और इसे गुरु की संज्ञा भी दी गई है। यह धनु और मीन राशि का स्वामी होता है। कुंडली में बृहस्पति के बलवान होने पर जातक को आर्थिक और वैवाहिक जीवन में अच्छे परिणाम मिलते हैं। बृहस्पति ग्रह को गुरु कहा जाता है। कर्क इसकी उच्च राशि है जबकि मकर इसकी नीच राशि मानी जाती है। गुरु ज्ञान, शिक्षक, संतान, बड़े भाई, शिक्षा, धार्मिक कार्य, पवित्र स्थल, धन, दान, पुण्य और वृद्धि आदि का कारक होता है। ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह 27 नक्षत्रों में पुनर्वसु, विशाखा, और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी होता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति पर बृहस्पति की कृपा बरसती है उस व्यक्ति के अंदर सात्विक गुणों का विकास होता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है। बृहस्पति का गोचर जन्मकालीन राशि से दूसरे, पांचवें, सातवें, नौवें और ग्यारहवें भाव में शुभ फल देता है। जिन व्यक्तियों की जन्म कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत स्थिति में होता है तो जातक के जीवन में प्रगति होती है।

खगोल विज्ञान में गुरु ग्रह
बृहस्पति सौर मंडल में सबसे विशाल ग्रह है। इसका द्रव्यमान सूर्य के हजारवें भाग के बराबर है। हालांकि इसका तापमान -145 डिग्री सेल्सियस है इसलिए यह बहुत ही ठंडा ग्रह है। बृहस्पति को अंग्रेजी में जुपिटर नाम से जाना जाता है। इसमें हीलियम और हाइड्रोजन गैस है। इस ग्रह को सौर मंडल का वैक्यूम क्लीनर भी कहा जाता है। यह पृथ्वी को विनाशकारी हमलों से बचाता है।

खगोल विज्ञान के मुताबिक बृहस्पति के 64 प्राकृतिक उपग्रह हैं और इसका चुंबकीय क्षेत्र सभी ग्रहों में से सबसे शक्तिशाली है। चंद्र राशि के अनुसार गुरु के राशि परिवर्तन का फल : गुरु ग्रह मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और कुंभ राशि में 13 अप्रैल 2022 तक रहेंगे। उसके बाद अपनी स्वयं की राशि मीन में इनका प्रवेश होगा। गुरु के कुंभ राशि में गोचर होने के कारण 4 राशियों को विशेष लाभ होगा।

2022 में गुरु गोचर का राशियों पर प्रभाव
मेष : 2022 के शुरुआती महीनों में गुरु ग्यारहवें भाव में मौजूद रहेंगे। साल 2022 मिला-जुला रहेगा। शुभ साबित होगा। जीवन में चली आ रही कई परेशानियों का अंत हो सकता है। आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार होने के संकेत मिल रहे हैं। कोई महत्त्वपूर्ण काम मिल सकता है। धन लाभ के विशेष योग बन रहे हैं। माता लक्ष्मी की विशेष कृपा रहने से करिअर में तरक्की मिलेगी।
वृषभ : गुरु का गोचर दसवें भाव में हो रहा है। करिअर में बदलाव का समय रहेगा। अच्छे परिणाम की प्राप्ति होगी।
मिथुन : गुरु का गोचर नौवें भाव में हो रहा है जो भाग्य का भाव है। अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी।

कर्क : साल 2022 मिलाजुला रहने वाला रहेगा। संभलकर रहें और कोई निर्णय जल्दी में न करें। यात्राओं से लाभ प्राप्त होगा। हर काम में भाग्य का साथ मिलेगा। धन आगमन के रास्ते खुलेंगे। परिवार वालों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। नई नौकरी मिलने के आसार हैं। फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है।
सिंह : देवगुरु बृहस्पति सातवें भाव में स्थित रहेंगे। व्यापार में स्थितियां पहले के मुकाबले में बेहतर रहेगी। पारिवारिक जीवन में कुछ परेशानियां रहेगी लेकिन ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।

कन्या : गुरु शुरुआती महीनों में छठे भाव में मौजूद रहेंगे। आपके लिए साल बहुत ही बेहतरीन बीतेगा। कारोबार करने वाले जातक व्यापार में नई ऊंचाई को प्राप्त करेंगे। रुके हुए कार्य फिर से बनने लगेंगे। कार्यस्थल पर हर चुनौतियों का सामना अच्छे से कर पाएंगे। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। कोई नया प्रोजेक्ट मिल सकता है जिससे अच्छा खासा लाभ प्राप्त होने के आसार रहेंगे। काम के कारण की गई यात्रा से धन की प्राप्ति होने की संभावना दिखाई दे रही है।
तुला : बृहस्पति का गोचर पांचवें भाव में रहेगा। इस वर्ष आपके लिए धन के नए-नए और अच्छे मौके प्राप्त होंगे।

वृश्चिक : गुरु का गोचर चौथे भाव में होगा। साल मिला जुला रहेगा। घर या कोई संपत्ति की खरीदारी के लिए साल बहुत ही शुभ रहेगा।
धनु : गुरु का राशि परिवर्तन धनु राशि के जातकों के लिए तीसरे भाव में होगा। इस वर्ष आपको चुनौतियों का सामना करने और लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समय प्रतिकूल रहेगा।

मकर : गुरु दूसरे भाव में होगा। खर्चे इस साल आपके जरूरत से ज्यादा रहेंगे। बीमारियां आपको परेशान कर सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। शानदार उपलब्धियां मिलने के आसार हैं। नौकरी की तलाश में हैं तो अच्छी पेशकश मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपके काम की प्रशंसा होगी। निवेश की योजना बना सकते हैं।
कुंभ : गुरु साल 2022 के शुरुआती दिनों में लग्न राशि में रहेगा। आर्थिक गतिविधियों की दृष्टि से शानदार गुजरेगा। नए-नए कार्यों में आप अपना भाग्य आजमा सकते हैं।
मीन : विदेश की यात्रा कर सकते हैं। धन-संपदा में इस साल इजाफा होने के संकेत हैं।

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