Diamond Stone: हीरा हाथ की खूबसूरती ही नहीं बल्कि बढ़ाता है आपका सौभाग्य, जानिए किन्हें करना चाहिए धारण

Diamond Stone: कई लोग हीरा ऐसे ही पहन लेते हैं। लेकिन इसे बिना ज्योतिष सलाह के नहीं पहनना चाहिए। फैशन या दिखावे के चक्कर में पहना गया हीरा आपको मुश्किलों में डाल सकता है। ध्यान रखें कि 21 साल से कम और 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को हीरा नहीं पहनना चाहिए।

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Heera Ratna: हीरा कम से कम 0.50 से 2 कैरेट तक का होना चाहिए। हीरे की अंगूठी आप चांदी में बनवा सकते हैं।

Diamond Gemstone Benefits: हीरा वैसे तो सभी की पसंद होता है लेकिन खासकर ये महिलाओं का पसंदीदा माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष अनुसार हर किसी को हीरा पहनने की सलाह नहीं दी जाती है। क्योंकि जाने अनजाने में पहना गया हीरा आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। हीरा पहनने से अगर सौभाग्य बढ़ता है तो वहीं अगर ये सूट न करे तो ये दुर्भाग्य का कारण भी बनता है। हीरा शुक्र ग्रह का रत्न होता है।

किसे करना चाहिए धारण: वृषभ और तुला वालों को हीरा धारण करने से लाभ मिलता है। विवाह सुख की प्राप्ति के लिए हीरा धारण करना चाहिए। स्त्री वर्ग से जुड़े व्यापारियों के लिए भी हीरा रत्न शुभ होता है। फिल्मी क्षेत्र से जुड़े लोगो को भी हीरा काफी सूट करता है। क्योंकि शुक्र की शुभता को प्राप्त किये बिना फिल्मी क्षेत्र में सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती। जिन जातको की कुंडली में शुक्र शुभ स्थिति में हो उन्हें हीरा अवश्य धारण करना चाहिए। हीरा धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिष की सलाह जरूर ले लें। हीरा सबसे कीमती रत्न है। ये शुक्र ग्रह के शुभ प्रभावों को बढ़ाने में मदद करता है।

हीरा पहनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान: कई लोग हीरा ऐसे ही पहन लेते हैं। लेकिन इसे बिना ज्योतिष सलाह के नहीं पहनना चाहिए। फैशन या दिखावे के चक्कर में पहना गया हीरा आपको मुश्किलों में डाल सकता है। ध्यान रखें कि 21 साल से कम और 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को हीरा नहीं पहनना चाहिए। हीरा टूटा हुआ नहीं पहनना चाहिए। हीरे के साथ मोती, माणिक्य, मूंगा तथा पीला पुखराज धारण नहीं करना चाहिए।

हीरा के उपरत्न: हीरा काफी महंगा रत्न है इसलिए ये हर किसी के बजट में नहीं आ पाता है। अगर कोई हीरा न खरीद पाए तो इसके स्थान पर जरकन, फिरोजा, ओपल या कुरंगी जैसे रत्न भी धारण किये जा सकते हैं। यह उपरत्न भी हीरे के समान ही फल देने वाले माने गये हैं।

कब और कैसे धारण करें हीरा: हीरा कम से कम 0.50 से 2 कैरेट तक का होना चाहिए। हीरे की अंगूठी आप चांदी में बनवा सकते हैं। इसे शुक्ल पक्ष के शुक्रवार के दिन सुबह स्नान कर धारण करें। धारण करने से पहले पांच अगरबत्ती जलाकर पूजा करें और ॐ शं शुक्राय नम: मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद अंगूठी को अगरबत्ती दिखाएं और इसे मां लक्ष्मी के चरणों से लगाकर अपने हाथ की अनामिका या मध्यमा उंगली में धारण करें। 7 वर्ष के बाद पुनः नया हीरा धारण कर लेना चाहिए।

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