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इस रत्न को धारण करने से धन-दौलत में होती है बढ़ोतरी, शुगर वालों के लिए भी ये माना जाता है लाभकारी

Gemstone Astrology: इस रत्न को धारण करने से धन दौलत में बढ़ोतरी होने के साथ वैवाहिक संबंधों में भी मजबूती आती है। साथ ही मधुमेह (Diabetes) तथा नेत्र रोगों के लिए भी ये रत्न फायदेमंद साबित होता है।

हीरा नीली आभा के साथ चमकता दिखाई दे तो वह असली है।

Diamond Gemstone: यहां हम बात कर रहे हैं हीरा रत्न (Heera Ratna) की। जो शुक्र ग्रह से संबंधित है। ज्योतिष शास्त्र अनुसार इस रत्न को धारण करने से शुक्र के शुभ प्रभावों में बढ़ोतरी होती है। जिससे व्यक्ति के जीवन में सुख सुविधाएं बढ़ने लगती हैं। हीरा पहनने से वैवाहिक संबंधों में भी मजबूती आती है। साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी ये काफी लाभकारी साबित होता है। ऐसा कहा जाता है कि हीरा धारण करने से मधुमेह (Diabetes) तथा नेत्र रोगों से मुक्ति मिलती है। जानिए कब, कैसे और किसे करना चाहिए ये रत्न धारण…

हीरा किसके लिए फायदेमंद: आभूषण, कॉस्मेटिक्स, कपड़े आदि से जुड़े व्यापार करने वालों के लिए हीरा रत्न लाभदायी माना गया है। कलात्मक क्षेत्र से जुड़े लोग जैसे फिल्म व टेलीविजन कलाकार, लेखक, सिंगर आदि भी इस रत्न को पहन सकते हैं। जिन जातकों की कुंडली में शुक्र शुभ प्रभाव दे रहा है उन्हें हीरा रत्न जरूर धारण कर लेना चाहिए। ध्यान रखें कि हीरा धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी की सलाह जरूर लें।

हीरा किस राशि के लिए शुभ: वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातक विशेष परिस्थिति में हीरा धारण कर सकते हैं। इन्हें ये रत्न काफी सूट करता है। वहीं मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन वालों को हीरा धारण करने से पहले किसी अच्छे ज्योतिषीय सलाह की आवश्यकता होती है। इन 4 राशि वालों पर मां लक्ष्मी की रहती है विशेष कृपा, इस खूबी के चलते इन्हें मिलती है सफलता

असली हीरे की पहचान कैसे करें? असली हीरे में कुछ न कुछ खांचें दिखाई देती हैं जो केवल माइक्रोस्कोप से ही देखी जा सकती हैं। घर पर हीरे की पहचान करने के लिए आप हीरे को अखबार पर रखें और उसके आर-पार से अक्षरों को पढ़ने की कोशिश करें। अगर आपको टेढ़ी लकीरें दिखती हैं तो इसका मतलब आपका हीरा नकली है। हीरे को परा बैंगनी यानी अल्ट्रा वॉयलेट किरणों में देखने की कोशिश करें। अगर परा बैंगनी किरणों में हीरा नीली आभा के साथ चमकता दिखाई दे तो वह असली है। लेकिन अगर हीरे से हल्की हरी या स्लेटी रंग की आभा निकलती दिखे तो रत्न असली नहीं है। हीरे के परखने का एक तरीका ये भी है कि असली हीरा पानी में डालते ही डूब जाता है लेकिन वहीं नकली हीरा पानी के ऊपर तैरता रहता है। इन बर्थ डेट वाले लोग माने जाते हैं सबसे भाग्यशाली, तेज किस्मत के कारण लाइफ में नहीं रहते दुखी

कितना रत्ती व किस प्रकार हीरा रत्न धारण करना चाहिए? हीरा कम से कम 0.50 से 2 कैरेट तक का धारण करना चाहिए। इसे चांदी की अंगूठी में बनवाकर पहन सकते हैं। हीरा रत्न को शुक्ल पक्ष के शुक्रवार के दिन धारण करना चाहिए। इसे धारण करने से पहले सुबह स्नान करे इसके बाद पांच अगरबत्ती जलाकर पूजा करें और ॐ शं शुक्राय नम: मंत्र का 108 बार जाप करें। फिर अंगूठी के ऊपर से अगरबत्ती घुमाएं और हीरे की अंगूठी को मां लक्ष्मी के चरणों से लगाकर उसे अपने हाथ की अनामिका या मध्यमा उंगली में धारण करें। लेकिन इससे पहले अंगूठी की अशुद्धियां दूर करने के लिए उसे गंगा जल या फिर दूध में डुबोकर रखें। हीरा अपना प्रभाव 25 दिन में देना शुरू कर देता है और इसका असर 7 वर्ष तक रहता है। 7 वर्ष के पश्चात् नया हीरा धारण कर लेना चाहिए।

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