scorecardresearch

Astrology: कुंडली में ग्रहों की ऐसी स्थिति से व्यक्ति को प्राप्त होता है आकस्मिक धन, देखें- कहीं आपकी कुंडली में तो नहीं बन रहा यह संयोग

Dhan Yog In Kundli: वैदिक ज्योतिष अनुसार कुंडली में कई प्रकार से आकस्मिक धनलाभ के योग बनते हैं। आइए जानते हैं इन योगों के बारे में…

Astrology: कुंडली में ग्रहों की ऐसी स्थिति से व्यक्ति को प्राप्त होता है आकस्मिक धन, देखें- कहीं आपकी कुंडली में तो नहीं बन रहा यह संयोग
Akasmik Yog In Kundli: कुंडली में चतुर्थेश एवं लाभेश नवम भाव में हो तो आकस्मिक धनलाभ के योग बनते हैं- (जनसत्ता)

Dhan Yog In Kundli: आप लोगों ने देखा होगा कि किसी- किसी व्यक्ति को अचानक से आकस्मिक धन की प्राप्ति होती है। साथ ही किसी को गुप्त धन की भी प्राप्ति होती है। जिसके बारे में उनको पता तक नहीं होता है। दरअसल वैदिक ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति और कुछ ऐसे शुभ योग होते हैं, जिनके प्रभाव से व्यक्ति को गुप्त और आकस्मिक धन की प्राप्ति होती है। साथ ही जिन ग्रहोंं की वजह से आकस्मिक धन योग (Dhan Yog In Horoscope) का योग बन रहा है। उस योग का फल व्यक्ति को तब प्राप्त होता है। जब उस ग्रह की दशा व्यक्ति के ऊपर चलती है। आइए जानते हैं कुंडली में ऐसे कौन से योग होते हैं, जिससे व्यक्ति को आकस्मिक और गुप्त धन की प्राप्ति होती है…

ग्रहों की स्थिति हो ऐसी

1- यदि किसी व्यक्ति की जन्म व चंद्र कुंडली में द्वितीय स्थान (धन भाव) का स्वामी एकादश स्थान ( लाभ भाव) और लाभ भाव का स्वामी धन स्थान में विराजमान हो या दोनों भाव के स्वामी एक दूसरे भाव में जिसे परिवर्तन योग भी कहा जाता है, हो तो व्यक्ति अत्यंत धनी होता है। साथ ही ऐसे व्यक्ति को शेयर बाजार, सट्टा और लॉटरी से धन की प्राप्ति हो सकती है।

2- किसी भी व्यक्ति की जन्मकुंडली में लग्नेश यदि लग्न में ही स्वग्रही होकर विराजमान हो तो, जातक अत्यंत धनी एवं भाग्यशाली होता है। ऐसे लोगों को गुप्त धन की प्राप्ति होती है। 

3- किसी भी जातक की कुंडली में धनेश और लाभेश दोनों एक साथ क्रेंद्र या त्रिकोण में विराजमान हों और यदि भाग्येश द्वारा दृष्ट हों तो व्यक्ति को व्यापार में या किसी अन्य माध्यम से अचानक धन की प्राप्ति होती है।

4- जन्मकुंडली के त्रिकोण या केन्द्र भावों में गुरु ग्रह, शुक्र, चन्द्रमा और बुध विराजमान हों या फिर 3, 6 और 11वें भाव में सूर्य, राहु, शनि, मंगल आदि ग्रह स्थित हों, तब व्यक्ति राहु, शनि, शुक्र या बुध की दशा में आकस्मिक धन की प्राप्ति करता है। हालांकि यहां यह देखना बहुत जरूरी है कि जिन ग्रहों की वजह से यह योग बन रहा है। उन ग्रहों की अंश कितना है।

5- यदि किसी व्यक्ति की लग्न कुंडली के सातवें भाव में मंगल या शनि स्थित हों और ग्यारहवें स्थान में शनि या मंगल या राहु बैठा हो तो व्यक्ति स्टॉक मार्केट, सट्टा और लॉटरी से धन कमा सकता है।

पढें Religion (Religion News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

First published on: 26-11-2022 at 02:02:50 pm