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देवशयनी एकादशी: हिंदू धर्म में अगले चार महीनों तक नहीं होंगे विवाह, जानिए- क्या है वजह

देवशयनी एकादशी 2017: इन चार महीनों के दौरान सृष्टि के संचालन का जिम्मा भगवान शिवजी पर होता है।

पूजा करना शुभ माना जाता है।

हिन्दू धर्म में एकादशी को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। साल के 12 महीनों में 24 एकादशी आती हैं। लेकिन आषाढ़ शुक्ल से कार्तिक शुक्ल एकादशी को विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। कहा जाता है कि इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए पाताल लोक में चले जाते हैं। यही कारण है कि इन चार महीने में हिंदू धर्म में विवाह नहीं होते। इन चार महीनो में हिंदू धर्म में मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, गृहप्रवेश आदि को करने की मनाही रहती है। देवशयनी एकादशी को हरिशयनी एकादशी भी कहा जाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार दैत्यराज बलि की पूजा से खुश होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वर मांगने को कहा। बलि ने तीन पग भूमि दान के रूप में मांग ली। पहले पग में सारी पृथ्वी, आकाश तथा सभी दिशाओं को ढक लिया तो वहीं दूसरे पग में सारे स्वर्ग लोक को। जबकि तीसरे पग में बलि ने अपने आप को समर्पित करते हुए भगवान विष्णु को पग रखने को कहा। इससे भगवान विष्णु बहुत खुश हो गए थे और बलि को पाताल लोक का राजा बना दिया।

राजा बनने के बाद राजा बलि ने भगवान विष्णु से कहा कि वो उनके महल में निवास करें। उनकी भक्ति से खुश होकर भगवान विष्णु ने उन्हें चार महीने तक पाताल लोक में जाने का फैसला किया। कुछ ज्योतिषियों का कहना है कि इसके बाद लक्ष्मीजी ने राजा बली को अपना भाई भी बनाया था। ज्योतिषियों की माने तो भगवान विष्णु, शिवजी और ब्रह्माजी बारी-बारी से चार-चार महीने के लिए पाताल लोक में निवास करते हैं। इन महीनों को चातुर्मास भी कहा जाता है।

इन चार महीनों के दौरान सृष्टि के संचालन का जिम्मा भगवान शिवजी पर होता है। इन चार महीनों में भगवान शिवजी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इन चार महीनों के दौरान श्रावण का महीना भी आता है, इस महीने में भगवान शिवजी की पूजा करने से भगवान शिवजी बहुत खुश होते हैं।

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