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बच्चों की कुंडली देखकर ऐसे तय करें उनके करियर की दिशा

बच्चों के ऊपर अनावश्यक दबाव ना बना कर, देखें उनकी कुंडली देखें और समझे क्या कह रहे हैं ग्रह और फिर चुने उनके करियर कि दिशा...
इस तस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है

आज के प्रतियोगिता के दौर में परिजन बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित रहते है। बच्चे हमारे देश और समाज का भविष्य हैं। इसलिए हम अपने बच्चों के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। हमें ये बात हमेशा सताती रहती है कि बच्चे का करियर कैसा होगा। अक्सर माता पिता इसी परेशानी कि वजह से बच्चों पर अनावश्क दबाव डालते हैं। वो अगर किसी विषय में कमजोर है तो उस पर बोझ बढ़ाते रहते हैं। अगर बच्चा गणित में कमजोर है तो उसकी 2-3 ट्यूशन लगा देते हैं ये बिना सोचे-समझे कि इससे उस पर सिर्फ दबाव बढेगा। इससे अच्छा होता है कि पहले जान ले कि बच्चे कि कुंडली में गणित पढ़ने का योग है भी या नहीं है। उसकी सोचने-समझे कि क्षमता को समझना पहले जरूरी होता है। इसमें उसके ग्रह जिम्मेदार होते हैं। उसके ग्रह ही बताते हैं कि उसकी टैंडेसी क्या है। वो स्पोर्ट्स में अच्छा जा सकता है या चीजें भूल जाता है। याद भी रहता है तो किसी डर के कारण समय पर परफॉर्म नहीं कर पाता है। ये सिर्फ बच्चों में नहीं बड़ों में भी होता है। जब कुंडली में राहु और चन्द्रमा कि स्थिति ठीक नहीं होती है तो इस तरह कि समस्याएं आती हैं। इसके लिए कारण जानना सबसे जरूरी होता है। ज्योतिर्विद दीपक दूबे बता रहे हैं कि कुंडली के हिसाब से बच्चों का भविष्य कैसे तय किया जाए…

पंडित दीपक दूबे ने कहा कि आपको बता दें कि बुध और बृहस्पति का मेल पैसा देता है इसका मतलब अगर आपके बच्चे कि कुंडली में इन दोनों ग्रहों का योग है तो बच्चा फाइनेंस के सेक्टर में जा सकता है। अगर यहीं बुध कमजोर है तो बैंकिंग सेक्टर में तो जा सकता है पर हो सकता है कि उसमे एकाउंट्स ना देखो, मार्केटिंग या एडमिनिस्ट्रेशन देखों। आपके ग्रह आपको कहां लेकर जाएंगे ये उनपर ही निर्भर करता है। बच्चे के अंदर किस तरह कि प्रवृति है खेलने कि प्रवृति है, झगड़ा करने कि है या सुरक्षा करने कि प्रवृति है। ये सारा खेल उसके ग्रहों का होता है। मजबूत मंगल और बृहस्पति के प्रभाव में बच्चा रक्षक प्रवृति का होगा। अगर मंगल राहू के प्रभाव में होगा या मंगल शनि के प्रभाव में होगा तो बच्चा अपराधी प्रवृति का बनेगा।

इस तरह से अगर आपके बच्चे में कुछ लक्षण दिख रहे हैं तो उसे रोका जा सकता है। कई बच्चे खोजी प्रवृति के होते हैं वो बच्चे शोध के विषयों में जा सकता है। ऐसे बच्चे भूगर्भ वैजानिक भी बन सकते हैं। कुछ बच्चे सोशल वर्क के कार्यों में जा सकते हैं। ये सब उनके ग्रहों पर ही निर्भर करता है। ऐसे ही पत्रकारिता का क्षेत्र होता है कई लोगों में लेखन का गुण होता है वो अच्छा लिख पाते हैं फिर भी टीवी पर कभी नहीं आ पाते हैं इसके पीछे का कारण उसके ग्रह दोष होते हैं। ऐसा कई बार होता कि जिन पत्रकारों को टीवी पर आने का मौका नहीं मिल पाता है तो उनकी कुंडली में बुध, बृहस्पति और सूर्य के साथ शुक्र ग्रह कि भी मजबूत दशा होनी चाहिए।

अगर बच्चों कि रूचि, पर्सनालिटी और क्रिएटिविटी को पहले समझ लेंगे तो उसकी दिशा को मोड़ा जा सकता है। उनपर दबाव बढाने से परेशानी बढ़ जाती है। इससे बच्चे का नुकसान होता है। बच्चे के ऊपर अपनी इच्छाएं ना लादें बल्कि उसे समझें और फिर उसके मुताबिक उन्हें दिशा दिखाएं।

(यह खबर ऊपर दिए गए वीडियो के आधार पर बनाई गई है)

   

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