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क्या प्रजा को राजा से प्रश्न करने का अधिकार है? राजा को खुद को सर्वोपरि समझने का हक़ है?

Covid 19 महामारी के बीच सोशल मीडिया पर महाभारत का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जो आज के हालातों पर चोट करता है। इसमें राजा शांतनु से राजगुरु कहते हैं कि वो भूल गए हैं कि राजा बस जनता का प्रतिनिधि है।

covid 19 india, freedom of expression in india, coronavirusभारत में कोविड के कारण आम जनता परेशान है (सांकेतिक तस्वीर- Indian Express/Suvajit Dey)

भारत में कोरोना महामारी के कारण जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 3.55 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं और 2800 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई है। लोग ऑक्सीजन, जरूरी दवाइयों, मेडिकल सेवाओं के अभाव की शिकायत कर रहे हैं। सरकार भी भूमिका पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग जहां एक तरफ सरकार की आलोचना कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोग सरकार का बचाव करते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर महाभारत के प्रसंग से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे वर्तमान हालात से जोड़ते हुए साझा कर रहे हैं।

क्या है इस वीडियो में? महाभारत के इस वीडियो में महाराजा शांतनु के राजगुरु युवराज का सिंहासन खाली रखने पर उनसे सवाल करते हैं और उन्हें याद दिलाते हैं कि वो जनता के प्रतिनिधि मात्र हैं। वीडियो की शुरुआत में राजगुरु राजा शांतनु से सवाल करते हैं कि युवराज का स्थान रिक्त क्यों रखा गया है? जवाब में महामंत्री कहते हैं कि महाराज ने उस वक्त तक इस स्थान को रिक्त रखने का आदेश दिया है जब तक रानी सत्यवती किसी राजकुमार को जन्म नहीं देती।

इस बात पर नाराज राजगुरु कहते हैं, ‘महाराज को ये अधिकार किसने दिया महामंत्री? क्या ये भूमि महाराज की है? राजन क्या तुम ये भूल गए कि तुम निजीपति नहीं, प्रतिनिधि हो, निजीपति तो केवल ईश्वर है। इसलिए ये निर्णय लेने का तुम्हें अधिकार ही नहीं।’

इसके बाद राजगुरु देवव्रत यानि भीष्म पितामह से सवाल करते हैं, ‘मैं ये जानना चाहता हूं कि युवराज देवव्रत ने महाराज में ऐसा क्या खोट पाया कि वे हस्तिनापुर को एक नूतन युवराज देने का विचार कर बैठे?’

 

 

क्या प्रजा को राजा से सवाल का अधिकार है? उनके इस सवाल पर महामंत्री ने उन्हें टोकते हुए कहा, ‘परंतु क्या प्रजा को राजा से ये प्रश्न करने का अधिकार है राजगुरु?’ राजगुरु आवेश में आकर कहते हैं, ‘प्रजा को राजा से कोई भी प्रश्न करने का अधिकार है महामंत्री। इसके बाद देवव्रत महाराजा से आज्ञा मांगते हैं कि उन्हें राजगुरु के प्रश्नों का उत्तर देने दिया जाए।

 

इस पर राजगुरु कहते हैं, ‘नहीं, मुझे उत्तर नहीं, न्याय चाहिए।’ महाभारत का यह वीडियो लोगों को खूब पसंद आ रहा है और इसे खूब शेयर भी किया जा रहा है। लोग कह रहे हैं कि उस दौर में भी राजा के समक्ष सभी को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता थी, लेकिन आज लोकतंत्र में भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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