ताज़ा खबर
 
title-bar

पूजा-पाठ में अक्सर किया जाता है तांबे के बर्तन का उपयोग, जानिए क्या है इसकी वजह

तांबे का बर्तन हमारे पूजा-पाठ में क्यों इस्तेमाल किया जाता है, इसके दो कारण बताए गए हैं। इसमें से एक तो पौराणिक कारण है जिसका वर्णन शास्त्रों में किया गया है।

Author नई दिल्ली | April 9, 2019 5:20 PM
पूजा-पाठ में प्रयोग किए जाने वाले तांबे के बर्तन।

हिंदू धर्म में किए जाने वाले पूजा-पाठ में अक्सर तांबे के बर्तन का प्रयोग किया जाता है। जो भी वस्तु हम अक्सर पूजा-पाठ में लाते हैं वो या तो तांबे का बना होता है या अष्टधातु या फिर कांसे का होता है। कहा जाता है कि तांबे के बर्तनों का पूजा-पाठ में इस्तेमाल करना धार्मिक दृष्टिकोण से सबसे शुभ माना जाता है। क्या कभी आपने सोचा कि आखिर पूजा-पाठ में सर्वाधिक तांबे के बर्तनों का ही प्रयोग ही क्यों होता है? किसी अन्य धातुओं के बने बर्तनों का प्रयोग पूजा-पाठ में क्यों नहीं किया जाता है। चलिए आगे हम इसे जानते हैं।

तांबे का बर्तन हमारे पूजा-पाठ में क्यों इस्तेमाल किया जाता है, इसके दो कारण बताए गए हैं। इसमें से एक तो पौराणिक कारण है जिसका वर्णन शास्त्रों में किया गया है। वहीं दूसरा कारण वैज्ञानिक पक्ष से जुड़ा हुआ है। पहले कारण से जुड़ी हुई एक कथा है जो वाराह पुराण में मिलता है। इस कथा के अनुसार प्राचीन समय में बुड़केश नामक एक राक्षस था। वह राक्षस होने के बावजूद भगवान विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था। उसने एक बार भगवान विष्णु की घोर तपस्या की। साथ ही उसने भगवान विष्णु से वरदान मांगा कि आपके सुदर्शन चक्र से मेरी मृत्यु हो और मेरे शरीर का उपयोग पूजा-पाठ में हो। इस पर भगवान विष्णु ने उसे वरदान दिया ठीक है ऐसा ही होगा।

साथ ही विष्णु भगवान ने कहा- “समय आने पर मैं तुम्हारा वध चक्र से करूंगा” और तुम्हारा शरीर पूजा-पाठ में उपयोग में आएगा। समय आने पर भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से उसका वध किया और बचे हुए शरीर को एक धातु का शरीर बना दिया जो तांबा था। साथ ही उसके शरीर से बर्तन बनाकर उसी समय से पूजा-पाठ में तांबे का उपयोग होता है। इसके अलावा पूजा-पाठ में तांबे के प्रयोग का वैज्ञानिक महत्व भी बताया गया है। कहा जाता है कि तांबा जहां भी होता है वहां नकारात्मक ऊर्जा का संचार नहीं होता है। साथ ही साथ तांबे के बर्तन में पानी पीना स्वास्थ्य के लिहाज से भी अच्छा माना जाता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App