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धनतेरस 2017 पूजा विधि और शुभ मुहूर्त: जानें क्या है आपके शहर में लक्ष्मी पूजन का समय

Dhanteras 2017 Puja Vidhi, Shubh Muhurat in Hindi: हर शहर में सूरज डूबने का समय अलग होता है उस अनुसार हर शहर में पूजा का मुहूर्त भी थोड़ा बदल जाता है। जानिए कि किस शहर में धनतेरस की पूजा का क्या शुभ मुहूर्त है।

Dhanteras 2017 Puja Vidhi, Shubh Muhurat: आपके शहर में क्या है धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त।

कार्तिक माह की त्रयोदशी को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। वैसे तो ये दिन धनतेरस के नाम से जाना जाता है। दिवाली से दो दिन पहले के इस पर्व पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान धन्वंतरि और कुबेर की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन नया सामान खरीदने से धन 13 गुना बढ़ जाता है। धन्वंतरि देवताओं के चिकित्सक हैं और चिकित्सा के देवता माने जाते हैं। इसलिए डॉक्टरों के लिए धनतेरस का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। धनतेरस की शाम घर के बाहर मुख्य द्वार पर और आंगन में दीप जलाने की प्रथा भी है। इस दिन सोना और चांदी जैसी धातुओं को खरीदना अच्छा माना जाता है। इस मौके पर लोग धन की वर्षा के लिए नए बर्तन और आभूषण खरीदते हैं। ऐसी मान्यता है कि धातु नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करती है। इसलिए धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदन परंपरा सदियों से चली आ रही है। हालांकि इस मौके पर सिर्फ सोने और चांदी की ही नहीं बल्कि कई अन्य सामान भी लोग खरीदते हैं।

इस दिन लोग रात भर अपने घर में दिया जला कर रखते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे घर में बुराई निवास नहीं कर पाती। इस दिन घरों में देवी लक्ष्मी को खुश करने के लिए भजन भी गाए जाते हैं। इस दिन सोना और चांदी जैसी धातुओं को खरीदना अच्छा माना जाता है। इस मौके पर लोग धन की वर्षा के लिए नए बर्तन और आभूषण खरीदते हैं। ऐसी मान्यता है कि धातु नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करती है। यहां तक कि धातु से आने वाली तरंगे भी थेराप्यूटिक प्रभाव पैदा करती है। इसलिए धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदन परंपरा सदियों से चली आ रही है। हालांकि इस मौके पर सिर्फ सोने और चांदी की ही नहीं बल्कि कई अन्य सामान भी लोग खरीदते हैं। कई लोग इस मौके पर बाइक या कार लेना पसंद करते हैं। ये सभी वस्तुएं बड़ी होती हैं, कई लोग सालों की मेहनत के बाद इन्हें खरीदते हैं इसलिए शुभ समय में इनकी खरीददारी करना और पूजा करना शुभ माना जाता है।

धनतेरस पूजा शुभ मुहूर्त-

धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त सूरज के अस्त होने के बाद से प्रदोष काल के शुरु होने के बाद से लेकर 2 घंटे 24 मिनट तक रहेगा। भारत के हर शहर में सूरज डूबने का समय अलग होता है उस अनुसार हर शहर में पूजा का मुहूर्त भी थोड़ा बदल जाता है। जानिए कि किस शहर में धनतेरस की पूजा का क्या शुभ मुहूर्त है।
दिल्ली- शाम 5 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 18 मिनट तक।
मुम्बई- शाम 6 बजकर 14 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 05 मिनट तक।
गुरुग्राम- शाम 5 बजकर 50 मिनट से लेकर 8 बजकर 19 मिनट तक।
नौएडा- शाम 5 बजकर 48 मिनट से लेकर 8 बजकर 17 मिनट तक।
लखनऊ- शाम 5 बजकर 36 मिनट से लेकर 8 बजकर 03 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा।

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