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Chhath Puja 2018 Date: कब है छठ, जानिए किस दिन होगी मुख्य पूजा!

Chhath Puja 2018 Date in India: लंकापति रावण के वध के पाप से मुक्त होने के लिए भगवान राम ने ऋषि-मुनियों की सलाह से राजसूर्य यज्ञ किया। वहीं माता सीता ने मुग्दल ऋषि के आश्रम में रहकर छह दिनों तक सूर्यदेव भगवान की पूजा की थी।

Author Updated: November 12, 2018 5:54 PM
Chhatt Puja 2018: यह त्योहार छठ पूजा, छठी माई पूजा, डाला छठ, सूर्य षष्ठी पूजा और छठ पर्व के नामों से भी जाना जाता है।

Chhath Puja 2018 Date in India: हिंदू धर्म में छठ सूर्य की उपासना का सबसे प्रसिद्ध त्योहार माना जाता है। कार्तिक शुक्ल षष्ठी की तिथि को मनाने की वजह से इस त्योहार को छठ या षष्ठी कहा जाता है। इसके अलावा यह त्योहार छठ पूजा, छठी माई पूजा, डाला छठ, सूर्य षष्ठी पूजा और छठ पर्व के नामों से भी जाना जाता है। छठ पर्व कार्तिक महीने की चतुर्थी से शुरू होकर सप्तमी तक बड़े उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया जाता है। विशेषकर छठ पूजा उत्तर भारत खासकर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्‍योहार को यहां पर पारिवारिक सुख-समृद्धि और मनोवांछित फल-प्राप्ति के लिए मनाया जाता है। वहीं माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत और पूजा करती हैं।

दरअसल, ‘नहाय-खाय’ के साथ चार दिनों तक चलने वाला लोक आस्था का महापर्व छठ प्रारंभ हुआ है। छठ पर्व को लेकर पूरे बिहार का माहौल भक्तिमय रहता है। पटना सहित बिहार के शहरों से लेकर गांवों तक में छठी मइया के कर्णप्रिय और पारंपरिक गीत गूंजते हैं। छठ को लेकर सभी क्षेत्रों में साफ-सफाई से लेकर रोशनी तक की व्यवस्था का खास ध्यान रखा जाता है। वहीं पर्व के तीसरे दिन शाम व्रतधारी जलाशयों में पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्य को और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्‍य देते हैं।

मान्यताओं के अनुसार छठ पूजा के लिए कई कथाएं प्रचलित हैं इनमें से एक प्रमुख है कि विजयादशमी के दिन लंकापति रावण के वध के बाद दिवाली के दिन भगवान राम अयोध्या पहुंचे। रावण वध के पाप से मुक्त होने के लिए भगवान राम ने ऋषि-मुनियों की सलाह से राजसूर्य यज्ञ किया। इस यज्ञ के लिए अयोध्या में मुग्दल ऋषि को आमंत्रित किया गया। मुग्दल ऋषि ने मां सीता को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को सूर्यदेव की उपासना करने की सलाह दी। इसके बाद माता सीता ने मुग्दल ऋषि के आश्रम में रहकर छह दिनों तक सूर्यदेव भगवान की पूजा की थी। इसके बाद से ही यह पर्व मनाया जाता है। इस साल 11 नवंबर 2018, दिन रविवार से छठ पर्व शुरू हो रहा है और मंगलवार (13 नवंबर) को मुख्य छठ पूजा होगी।

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