ताज़ा खबर
 

नागपंचमी पूजा विधि 2017: इस दिन ऐसे पूजा करके पा सकते हैं कालसर्प दोष से मुक्ति, जानिए- किन चीजों को पूजा सामग्री में रखें

Nag Panchami Puja Vidhi 2017: इस दिन पूजा के लिए सुबह 7 बजकर 1 मिनट से लेकर 28 जुलाई को 9 बजकर 16 मिनट का समय पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है उन लोगों के लिए नागपंची से बढ़कर कोई मुहूर्त शुभ नहीं माना जाता है।

Nag Panchami Puja Vidhi: नागपंचमी

Nag Panchami Puja Vidhi 2017: 27 जुलाई यानि बृहस्पतिवार को नागपंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। हर साल नागपंचमी सावन के महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन नागपंचमी मनाई जाती है। इस दिन पूजा के लिए सुबह 7 बजकर 1 मिनट से लेकर 28 जुलाई को 9 बजकर 16 मिनट का समय पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है उन लोगों के लिए नागपंची से बढ़कर कोई मुहूर्त शुभ नहीं माना जाता है।

नागपंचमी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर साधक पूजन स्थान को पवित्र कर कुशा का आसन स्थापित करें। सबसे पहले हाथ में पानी लेकर अपने ऊपर व पूजन सामग्री पर छिड़कें। इसके बाद संकल्प लें कि मैं कालसर्प दोष शांति हेतु यह पूजा-पाठ कर रहा/रही हूं। इसलिए मेरे सभी कष्टों का निवारण कर मुझे कालसर्प दोष से मुक्त करें। यह कहकर एक कलश स्थापित करके पूजा आरंभ करें। नागपंचमी के दिन दही, दूध, कुशा, गंध, पंचामृत, पुष्प, घी, फल, खीर के द्वारा नागों की पूजा की जाती है। इस दिन ब्राह्मण को भोजन करवायें और स्वंय भी यही भोजन करें।

नागपंचमी के बारे में आप कितना जानते हैं, एक मिनट में खुद को परखें

कलश पर एक पात्र में प्राणप्रतिष्ठायुक्त अभिमंत्रित सर्प-सर्पनी स्थापित करें साथ ही कलश पर अभिमंत्रित तीन तांबे के सिक्के एवं तीन तांत्रिक कौड़ियां सर्प-सर्पनी के साथ रख दें। फिर सभी केसर का तिलक लगाएं, अक्षत चढ़ाएं, पुष्प चढ़ाएं तथा काले तिल, चावल व उड़द को पकाकर शक्कर मिश्रित कर उसका भोग लगाएं। फिर घी का दीपक जलाकर निम्न मंत्र का जाप 11 माला करें। नागपंची के दिन घर के बाहर मिट्टी का पांच फनों वाला नाग बनवाकर नाग की पूजा करनी चाहिए। नाग बनाकर धूप, घी चमपा आदि के फूलों से पूजा पाठ करनी चाहिए।

‘ऊँ नमोस्तु सर्पेभ्यो ये के च पृथिवीमनु ये अंतरिक्षे ये दिवितेभ्यः सर्पेभ्यो नमः स्वाहा।’ इस मंत्र का जाप करके अगले दिन प्रातः कलश पर रखा जल शिवलिंग पर किसी मंदिर पर चढ़ा दें। प्रसाद बैल को खिला दें तथा सर्प-सर्पनी, कौड़िया एंव सिक्के लाल कपड़े में बांधकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।

नीतीश कुमार ने दिया बिहार का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा़

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App