Chandra Grahan: जल्द लगने वाला है चंद्र ग्रहण, शास्त्रों में वर्जित माने गए हैं ग्रहण के दौरान ये कार्य

Chandra Grahan: ज्योतिषों का यह मानना है कि शास्त्रों में यह वर्णित हैं कि ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों को नहीं करना चाहिए। जो व्यक्ति ग्रहण के दौरान वर्जित कार्यों को करता है उसे ग्रहण के दुष्प्रभावों को झेलना पड़ता है।

chandra grahan, chandra grahan 2020, chandra grahan precautions
शास्त्रों में यह वर्णित हैं कि ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों को नहीं करना चाहिए।

Chandra Grahan: 30 नवंबर, सोमवार के दिन चंद्र ग्रहण लगने वाला है। ज्योतिष शास्त्र में यह माना जाता है कि चंद्रमा मन को प्रभावित करता है। चंद्र ग्रह माता, ननिहाल और मन-मस्तिष्क को प्रभावित करता है। कहते हैं कि जब ग्रहण लगता है तो ग्रह को कष्टों से गुजरना पड़ता है।

बताया जाता है कि इसका प्रभाव लोगों पर भी पड़ता है। ज्योतिषों का यह मानना है कि शास्त्रों में यह वर्णित हैं कि ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों को नहीं करना चाहिए। जो व्यक्ति ग्रहण के दौरान वर्जित कार्यों को करता है उसे ग्रहण के दुष्प्रभावों को झेलना पड़ता है। माना जाता है कि जो इन्हें इग्नोर करता है उस व्यक्ति पर ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।

ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए (What Should We Do During Grahan)
ग्रहण लगने से पहले और बाद में यानी सूतक काल में भी कैंची-चाकू का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे चंद्र ग्रहण के दोष व्यक्ति को लगते हैं।
ग्रहण में घोड़े, हाथी या ऊंठ की सवारी नहीं करना चाहिए।
इस दौरान न तो खाना बनाना चाहिए और न ही खाना खाना चाहिए। कहते हैं कि ग्रहण के दौरान बना खाना भी नहीं खाना चाहिए।
ऐसे में किसी को कड़वे वचन न बोलें। न ही किसी का दिल दुखाएं।

ग्रहण में घास, लकड़ी और फूलों को नहीं तोड़ना चाहिए। कहते हैं कि यह सजीव होते हैं। ग्रहण काल में इन्हें तोड़ने से जीव हत्या पाप लगता है।
सूतक काल में स्नान नहीं करना चाहिए। फिर भी अगर स्नान करना पड़े तो गलती से भी बालों को नहीं धोना चाहिए और न ही बाल निचोड़ने चाहिए।
अगर ग्रहण लगा हो तो सोना नहीं चाहिए।
ऐसे में दातून भी न करें। कहते हैं कि दांतों में गंदगी होती है और ग्रहण में गंदगी नहीं हटानी चाहिए। आप चाहें तो ग्रहण से पहले दातून कर सकते हैं।

कहते हैं कि ग्रहण के दौरान ग्रहों को सकारात्मक ऊर्जा पहुंचानी चाहिए। इसलिए ऐसे में हिंसात्मक गतिविधियां न करें।
संभव हो तो ग्रहण में यात्रा न करें।
अगर सूर्य ग्रहण हो तो सूर्य की रोशनी में और चंद्र ग्रहण हो तो चंद्रमा की रोशनी में न बैठें।
गाय, बकरी या भैंस का दूध न निकालें।

अपडेट