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इस बार रक्षा बंधन पर भद्रकाल का नहीं चंद्र ग्रहण का रखें ध्यान, केवल 5 घंटे ही है शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan, Chandra Grahan 2017 Date: इस बार रक्षा बंधन पर खंडग्रास चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। रक्षा बंधन सात अगस्त को मनाया जाएगा।

Author Published on: August 2, 2017 12:36 PM
Raksha Bandhan 2017: रक्षा बंधन पर राखियां खरीदती एक युवती। (Photo Source: Indian Express)

रक्षा बंधन सात अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षा बंधन में बहन के द्वारा भाई को राखी बांधने का एक शुभ मुहूर्त होता है। इस मुहूर्त के दौरान ही राखियां बांधी जाती हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि इस बार राखी बांधने के समय को लेकर लोगों में संशय बना हुआ है। हर बार रक्षाबंधन के दौरान भद्रकाल का ध्यान रखा जाता है। भद्रकाल के दौरान बहन, भाई को राखी नहीं बांधती है क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है। ज्योतिष के मुताबिक भद्रकाल में राखी बांधना घातक होता है। ऐसे में भद्रकाल से पहले या उसके टलने के बाद ही राखी बांधी जाती है।

लेकिन इस बार भद्रकाल से ज्यादा चंद्र ग्रहण का डर है। इस बार रक्षा बंधन पर चंद्रग्रहण का साया पड़ रहा है। लोगों को राखी बांधने के समय के दौरान चंद्र ग्रहण के साये का ध्यान रखना होगा। चंद्र ग्रहण की वजह से इस बार राखी बांधने के लिए केवल पांच घंटे ही शुभ मुहूर्त है। हिंदी अखबार नवभारत टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में प्रसिद्ध् ज्योतिषाचार्य कृष्णदत्त शर्मा के हवाले से लिखा है, ‘वर्तमान विक्रमी संवत में श्रावण की शुक्ल पूर्णिका 7 अगस्त को सूर्योदय से पूर्व ही शुरु हो जाएगी और रात के 11 बजकर 41 मिनट पर रहेगी। इसके अलावा चंद्र ग्रहण के सूतक का समय दोपहर 1 बजकर 52 मिनट से शुरू हो जाएगा।’ इसलिए इस बार बहनों को चंद्रग्रहण लगने से पहले ही भाईयों को राखी बांधनी होगी। यह समय होगा सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1.50 मिनट तक। इस समय के बीच राखी बांधना शुभ रहेगा। बता दें, इस बार रक्षा बंधन पर खंडग्रास चंद्र ग्रहण पड़ रहा है।

बता दें, भाई और बहन के प्यार का त्योहार है रक्षा बंधन, यह त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस त्योहार का प्रचलन सदियों पुराना बताया गया है। इस दिन बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं। रक्षा बंधन का शाब्दिक अर्थ हुआ रक्षा का बंधन। भाई अपनी बहन को हर मुश्किल से रक्षा करने वचन देता है। बहनें अपने भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं। इसे राखी पूर्णिमा के तौर पर भी जाना जाता है।

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